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मैरिटल रेप पर चल रहे विवाद के बीच मंत्री स्मृति ईरानी ने ये कहा - प्रेस रिव्यू
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने मैरिटल रेप से जुड़े सवाल पर संसद में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के जवाब को भी प्रमुखता से जगह दी है. बुधवार को स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप पर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि सरकार ने आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही ईरानी ने ये भी कहा कि हर वैवाहिक रिश्ते को हिंसक और हर पुरुष को दुष्कर्मी बताकर निंदा करना सही नहीं है.
सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने अपने सवाल में पूछा था कि मैरिटल रेप को आईपीसी के तहत अपराध के तौर पर शामिल करने को लेकर केंद्र सरकार का क्या रुख़ है.
स्मृति ईरानी की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली हाईकोर्ट में मैरिटल रेप को अपराध के दायरे में लाने की याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है. सरकार जल्द ही अपनी दलीलें पेश कर सकती है. सरकार की तरफ़ से पेश होने वाले वकीलों ने कहा है कि इस मामले में व्यापक विचार-विमर्श की ज़रूरत है, ऐसे में वो सरकार के स्टैंड को बताने के लिए समय मांग चुके हैं.
इन याचिकाओं में आईपीसी की धारा-375 के अपवाद को ख़त्म करने की मांग की गई है जिसमें कहा गया है कि एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी (18 साल की उम्र से अधिक) के साथ जबरन बनाया गया शारीरिक संबंध रेप नहीं माना जाएगा.
द हिंदू की ख़बर में नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-2016) के आंकड़ों का भी ज़िक्र है, जिसके मुताबिक़ 7% विवाहित महिलाओं ने वैवाहिक यौन हिंसा का अनुभव किया है.
यूपी चुनाव में प्रचार से दूर सोनिया, मनमोहन, उत्तराखंड में करेंगे प्रचार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए कांग्रेस की तरफ़ से जो प्रचारकों की लिस्ट जारी हुई है, उसमें सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह का नाम शामिल नहीं है. हिंदी अख़बार जनसत्ता ने इस ख़बर को जगह दी है. इसमें बताया गया है कि उत्तराखंड के लिए जारी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सोनिया और मनमोहन के नाम शामिल हैं. उत्तराखंड के लिए जारी लिस्ट में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम शामिल है.
इस लिस्ट में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम ग़ायब है. वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जगह मिली है.
बीजेपी को टक्कर देने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की स्टालिन की पहल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने देश की 37 राजनीतिक पार्टियों को पत्र लिखकर 'ऑल इंडिया फ़ेडरेशन ऑफ़ सोशल जस्टिस' को ज्वाइन करने की अपील की है. अंग्रेज़ी अख़बार द टेलीग्राफ़ ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. ख़ास बात ये है कि इन 37 दलों में डीएमके की धुर-विरोधी पार्टी एआईएडीएमके भी शामिल है.
पत्र में स्टालिन की तरफ़ से लिखा गया है, ''हमारा अनूठे, विविध, बहु-सांस्कृतिक देश कट्टरता और धार्मिक आधिपत्य के कारण ख़तरे में है.''
उन्होंने कहा है, "ऐसी ताकतों से तभी लड़ सकते हैं जब समानता, आत्म-सम्मान और सामाजिक न्याय में भरोसा करने वाले सभी एकजुट हो जाएं. ये सियासी लाभ के लिए नहीं है बल्कि हमारे गणतंत्र की बहुलतावादी पहचान को फिर से स्थापित करने के लिए है.''
मेडिकल सीटों के लिए ओबीसी के आरक्षण को लेकर कोर्ट में चली लड़ाई को जीतने के बाद स्टालिन ने गणतंत्र दिवस पर नई घोषणा की थी. उन्होंने कहा है कि वो ऐसा फ़ेडरेशन बना रहे हैं जो सिर्फ़ राजनीतिक दलों को ही नहीं बल्कि समान विचारधारा वाले लोगों को भी एक साथ लाएगा. इसका मकसद राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय के सिद्धातों को स्थापित करना है.
दो भारत हैं, अमीर भारत-ग़रीब भारत: राहुल गांधी
अंग्रेज़ीअख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने बुधवार को लोकसभा में दिए गए राहुल गांधी के बयान को जगह दी है. राहुल गांधी का कहना है कि सरकार ने दो तरह के भारत बना दिए हैं. एक बेहद अमीर लोगों के लिए तो दूसरा भारत ग़रीब लोगों के लिए. राहुल गांधी ने कहा कि देश की परंपरा का तीन हज़ार वर्ष पुराना इतिहास रहा है, इसे छड़ी के सहारे कंट्रोल नहीं किया जा सकता. इस सरकार में ''राजा'' किसी की नहीं सुन रहा है.
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में हिस्सा लेते हुए कई मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग, पेगासस आदि सब वो तरीके हैं, जिनसे 'यूनियन ऑफ़ स्टेट्स' (संघीय ढांचे) की आवाज़ दबाई जा रही है.
राहुल गांधी ने अपने बजट भाषण में रोजगार पर ''चुप्पी'', आरआरबी-एनटीपीसी परीक्षा का विरोध प्रदर्शन, पेगासस मुद्दा साथ ही अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में डबल 'ए' वेरिएंट हैं, जिनकी मोनोपॉली बन रही है.
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