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धर्म संसद में भड़काऊ भाषण से जुड़े सवाल पर यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने क्या कहा
उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बीबीसी के रिपोर्टर अनंत झणाणे से कहा है कि बीजेपी की सरकार एक संवदेनशील सरकार रही है और इसने 'सबका साथ, सबका विकास' का पूरा ध्यान रखा है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि योगी आदित्यनाथ के फिर से मुख्यमंत्री बनने में किसी तरह का कोई संशय नहीं है.
इसके अलावा उन्होंने कहा है कि बीजेपी की सरकार के दौरान राज्य दंगा मुक्त रहा, साथ ही उन्होंने लखीमपुर खीरी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. इसके अलावा माफ़िया पर कार्रवाई को उन्होंने अपनी सरकार की कामयाबी बताया.
ब्राह्मण मतदाताओं से पार्टी की नाराज़गी पर भी दिनेश शर्मा बोले और उन्होंने धर्म संसद से जुड़े उस सवाल का जवाब भी दिया जिस सवाल के सामने राज्य के दूसरे उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बीबीसी का कैमरा बंद करवा कर फ़ुटेज डिलीट करा दिया था.
पैसा जनता का, प्रचार पार्टी का?
इंटरव्यू देते हुए उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी आक्रामक हुए, लेकिन उन्होंने हर तरह के सवालों के जवाब दिए.
पूरे इंटरव्यू के दौरान क्या क्या हुआ, ये आप आगे पढ़ेंगे. दिनेश शर्मा के साथ हुए इंटरव्यू का वीडियो भी आप देख रहे हैं जिसे हम बिना काट-छांट के दिखा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के अख़बारों में इन दिनों आधे आधे पन्ने का विज्ञापन नज़र आ रहे हैं जिसमें लाल टोपी बनी हुई है और लिखा है कि दंगाइयों का सफ़ाया होगा. ये विज्ञापन सरकार के विज्ञापन हैं या पार्टी के, यह पूछे जाने पर दिनेश शर्मा ने कहा, "जिसका भी विज्ञापन होगा उसमें ज़िक़्र होगा."
जब उन्हें बताया गया कि इसमें सूचना विभाग का लोगो है तो उन्होंने कहा, "आपका कोई एजेंडा पहले से तय है तो उस एजेंडे को आप पूरा करो, लेकिन माफ़िया में फ़र्क़ दिखाया है तो उसमें ग़लती क्या की है सरकार ने. आप इसको स्टंट बनाना चाह रहे हैं, आप इसको रख दीजिए."
टैक्सपेयर के पैसों पर इस तरह के राजनीतिक विज्ञापन देने के बारे में पूछे जाने पर इसे सरकार की योजना बताते हुए दिनेश शर्मा ने कहा, "ज़रूरी है कि सरकार टैक्सपेयर को अपने कामों के बारे में बताए. यह योजना ही है, दंगा से मुक्त करना. यह योजना नहीं है क्या, आप इसको योजना नहीं मानते हो. यह हो सकता है कि बीबीसी का एजेंडा ना हो. लेकिन भारतवर्ष के लोगों का एजेंडा है यह."
विकास दुबे का ज़िक़्र क्यों नहीं?
उत्तर प्रदेश की सरकार लगातार दावा कर रही है कि माफ़ियाओं पर कार्रवाई हुई है, इस दावे में बार-बार कहा जा रहा है कि मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई, अतीक़ अहमद पर कार्रवाई हुई, लेकिन विकास दुबे का ज़िक़्र क्यों नहीं होता?
इस सवाल पर दिनेश शर्मा ने कहा, माफ़िआओं के बारे में सरकार ने काम किया है, सरकार को कोई गुरेज़ नहीं है. माफ़ियाओं की जात थोड़े ही न होती है. आपके प्रश्न का तरीका ग़लत है. आपको किसी से अपनी बात को मनवाने वाले प्रश्न नहीं करने चाहिए. किसी व्यक्ति विशेष का कोई एजेंडा होता है तो वो इस प्रकार के प्रश्न करता है. माफ़िया की जात देख कर करवाई नहीं होती है, जो माफ़िया है उस पर कार्रवाई होती है.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के बारे में विपक्ष लगातार दावा करता रहा है कि यह ठाकुरों की सरकार है और इसमें ब्राह्मणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
दिनेश शर्मा ने इसे दुष्प्रचार बताते हुए कहा, "हम एक कैडर बेस्ड पार्टी हैं, हम सभी जाति-धर्म को साथ लेकर चलते हैं. हमारे यहां लोकतान्त्रिक प्रक्रिया है, सुन कर जो अच्छी चीज़ें होती हैं, उनको ग्रहण कर लेते हैं और जहां पर कमी होती है, उसकी सम्पूर्ति करने का प्रयत्न करते हैं. इसलिए हर वर्ग के लोग, व्यापारी, किसान से अलग-अलग वार्ता होती है."
अजय मिश्र टेनी पर क्या बोले उप-मुख्यमंत्री
बीजेपी ने लखीमपुर खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को चुनाव समिति में नहीं रखा है, माना जा रहा है कि लखीमपुर की घटना के बाद उन्हें लो प्रोफ़ाइल रखा जा रहा है. इस बारे में सवाल पूछे जाने पर दिनेश शर्मा ने कहा, "सभी मंत्री चुनाव समिति में हों ऐसा नहीं होता है. हर व्यक्ति की ज़िमेदारी अलग-अलग होती है. वो पार्टी के कार्यकर्ता हैं."
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि अजय मिश्र टेनी उत्तर प्रदेश में पार्टी का प्रचार करेंगे या नहीं.
दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि मामला कोर्ट के विचाराधीन है, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि टेनी का राजनीतिक करियर तो कोर्ट के विचाराधीन नहीं है, तब उन्होंने कहा, "वो देश को संभाल रहे हैं. उनकी हर जगह भूमिका है, किसने कहा भूमिका नहीं है. प्रचार में आपको नहीं दिख रहे हैं, बाक़ी लोगों को दिख रहे हैं."
लखीमपुर खीरी में इतनी बड़ी घटना हुई, लेकिन बीजेपी का कोई बड़ा नेता नहीं गया- यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हमारे नेता गए हैं, आप चाहते हैं कि पूरा मंत्रिमंडल चला जाए. यह संवेदनशील सरकार है, जो भी पीड़ित थे उनको हमने मुआवज़ा दिया है, उनकी और जो भी आवश्यकता थी उसे हमने पूरा किया है और जितनी भी मदद कर सकते थे सरकार ने की है."
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बीजेपी की मुसलमान विरोधी छवि
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार पर मुसलमान विरोधी होने का आरोप लगता रहा है. पिछले चुनाव में पार्टी ने यूपी में एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद साफ़ हो चुका है, लेकिन पार्टी की राज्य ईकाई ने हाल में एक ट्वीट किया जिसमें लिखा है कि बाबरी मस्जिद का ढहाना राष्ट्रीय गर्व की बात है. ऐसे बयानों की ज़रूरत पार्टी को क्यों पड़ रही है, इस पर दिनेश शर्मा ने कहा, "यह कल्याण सिंह का अधिकृत बयान है. माननीय कल्याण सिंह ने लाखों सभाओं में अपना यह बयान दिया है."
लेकिन क्या यह एक धर्म विशेष के लोगों के पुराने ज़ख़्मों को कुरेदना नहीं है, इस पर यूपी के उप-मुख्यमंत्री ने कहा, "कोई ज़ख़्म भाजपा कुरेदती नहीं है. भाजपा सबका साथ सबका विकास करती है. हमारी सरकार में अगर टॉयलेट मिला है तो मुसलमान को भी मिला है, हिन्दू को भी मिला है. काम सबका है, तुष्टिकरण किसी का नहीं है."
धर्म संसद के मुद्दे पर क्या बोले दिनेश शर्मा
अनंत झणाणे ने धर्म संसद में भड़काऊ भाषण दिए जाने वाला सवाल भी पूछा जिसको लेकर केशव प्रसाद मौर्य भड़क गए थे.
लेकिन दिनेश शर्मा ने इस सवाल के जवाब में कहा, "यह मेरी पार्टी से संबंधित बात नहीं है. जो धर्म संसद आयोजन करता है आप उनसे यह सवाल पूछिए. जो मैंने सुना नहीं, जो मैंने जाना नहीं, मैं उसका जवाब कैसे दे सकता हूँ. जब मैं सुनूंगा, तब मैं उसका जवाब दूंगा."
उनसे फिर से पूछा गया कि क्या ऐसे हेट स्पीच सही हैं, तो उन्होंने कहा, "मेरा तो नारा ही है सबका साथ सबका विकास. उसमें भड़काऊ चीज़ें कहाँ आती हैं. सबको साथ में लेकर चलना यह प्रवृत्ति हमारी है. उसमें यह बातें कहाँ आ रही हैं."
बीजेपी इस विधानसभा चुनाव में कितने विधायकों का टिकट काटने जा रही है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "यह भाजपा में थोड़े ही न बताते हैं. हमारे यहाँ नीचे से नाम आता है."
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के अंदर अभी इस पर कोई चर्चा या बैठक नहीं हुई है.
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