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चेन्नई मूसलाधार बारिश से बेहाल
गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश से चेन्नई में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
शहर के कई इलाक़ों में पानी भर गया है, जिससे वहां रहने वालों और राहगीरों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चेन्नई में गुरुवार को औसतन 22 सेंटीमीटर बारिश हुई.
इससे शहर के चेन्नई सेंट्रल, एग्मोर, पुरसावलकम और मांबलम जैसे प्रमुख इलाक़े पानी में डूब गए.
शुक्रवार को भी जब बारिश का पानी नहीं निकल पाया तो ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को मशीन से पानी निकालने में जुटना पड़ा.
पानी में डूबने के चलते सार्वजनिक उपयोग वाले सबवे (रास्तों) को बंद कर दिया गया है.
भारी बारिश के चलते चेन्नई में 4,200 बिजली कनेक्शन कट गए हैं.
राज्य के ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी ने बताया कि गुरुवार को हुई भारी बारिश की वजह से चेन्नई नगर निगम क्षेत्र में लोगों को करंट लगने की भी ख़बर है.
वहीं चेन्नई क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शहर में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है.
मौसम विज्ञान केंद्र ने डेल्टा ज़िलों और पुडुचेरी में भी बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है.
साथ ही, समुद्र के किनारे वाले ज़िलों और अन्य ज़िलों में मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया गया है.
इस बीच, गुरुवार को भारी बारिश होने का अनुमान जता पाने में विफल रहने में चेन्नई क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की विफलता चर्चा का विषय बन गई है.
इसके बारे में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एन पुवियारासन ने शुक्रवार को मीडिया से बात की.
उन्होंने कहा कि हम लोगों को हवा के ऊपरी चक्रवाती सर्कुलेशन के बारे में मालूम था, लेकिन उम्मीद थी कि ये बारिश शुक्रवार को होगी.
पुवियारासन ने कहा, "चूंकि यह सर्कुलेशन समुद्र के ऊपर था, इसलिए हमलोग सैटेलाइट डेटा पर निर्भर थे, जो सटीक नहीं रहा."
उन्होंने कहा कि पश्चिमी टर्फ़ ने बादलों की गति तेज़ कर दी जिससे समय से पहले ही भारी बारिश हो गई.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई नगर निगम के पानी निकालने के प्रयासों का जायज़ा लिया.
बाद में, मीडिया से उन्होंने कहा कि गुरुवार को बारिश होने का अनुमान लगाने में जो कमी हुई, उसका हमें अंदाज़ा नहीं था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस बारे में केंद्र से बात करेगा ताकि बारिश का सटीक अनुमान लगाया जा सके.
उन्होंने यह भी कहा कि अगले मानसून से पहले नालों की मरम्मत कर दी जाएगी.
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