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कश्मीर में 12 साल बाद लगा पुष्कर मेला, हज़ारों श्रद्धालुओं ने किया पितरों को याद
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कश्मीर के गांदरबल में क़रीब 12 साल बाद पुष्कर मेले का आयोजन हुआ. इसमें भारत के दो राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचे.
पुष्कर मेला हर 12 वर्ष के बाद आयोजित किया जाता है. इससे पहले 2008 में इस मेले का आयोजन किया गया था.
2016 में यहां क़रीब 75 साल बाद दशहरा महाकुंभ हुआ था, जिसमें हज़ारों की संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु पहुंचे थे.
12 साल के बाद कुंभ के आयोजन के अलावा यहां छह साल बाद अर्धकुंभ का आयोजन भी होता है.
12 दिनों तक चलने वाला यह मेला 21 नवंबर को शुरू हुआ. गुरुवार यानी 02 दिसंबर को मेले का आखिरी दिन होगा.
बहुत अधिक ठंड के बावजूद इस मेले में हज़ारों लोगों ने शिरकत की.
मेले में पहुंचने वाले लोग पवित्र नदी में डुबकी भी लगाते हैं.
हर 12 साल पर आयोजित होने वाले इस मेले का हिंदुओं में बहुत धार्मिक महत्व है.
मुख्य तौर पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से पहुंचे लोग यहां अपने दिवंगत परिजन के लिए पूजा, प्रार्थना और अन्य अनुष्ठान करते हैं.
इस बार यहां पहुंचे श्रद्धालुओं का कोविड टेस्ट भी किया गया.
यह मेला वितस्ता (झेलम), कृष्ण गंगा और सिंध (सिंधु) नदियों के संगम पर गांदरबल के शादीपोरा गांव में आयोजित किया जाता है.
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