मेघालय: पूर्व सीएम सहित कांग्रेस के 17 में से 12 विधायक हो सकते हैं टीएमसी में शामिल - प्रेस रिव्यू

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मेघालय में कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस से बड़ा झटका मिल सकता है. अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत कांग्रेस के 17 में से 12 विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की ख़बर है.
इस फ़ैसले से कुछ ही दिनों पहले मुकुल संगमा की दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से मुलाक़ात हुई थी.
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गुरुवार को "अच्छी ख़बर आने वाली है."
आज अगर ये घोषणा होती है तो मेघालय में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा तृणमूल कांग्रेस को हासिल हो जाएगा. इन विधायकों पर दल-बदल क़ानून भी लागू नहीं होगा क्योंकि दो-तिहाई विधायकों के पार्टी बदलने पर ये क़ानून लागू नहीं होता है.
2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस मेघालय में 21 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. मेघालय की कुल 60 सीटों में से कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के खाते में 19 सीटें आई थीं और बीजेपी को दो सीटें मिली थीं.
लेकिन, एनपीपी गठबंधन बनाकर सरकार बनाने में सफ़ल हुई थी. इस गठबंधन को बीजेपी ने भी समर्थन दिया था. अब मेघालय में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
कांग्रेस में इस संकट की शुरुआत तभी से हो गई थी जब विनसेंट एच पाला को अगस्त में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. इसे लेकर मुकुल संगमा ने नाराज़गी जताई थी. उन्होंने कहा था कि ये नियुक्ति बिना उनकी सहमति के की गई है.

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अक्टूबर में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुकुल संगमा से दिल्ली में मुलाक़ात की थी ताकि उनकी नाराज़गी को दूर किया जा सके.
इसके बाद मुकुल संगमा ने 30 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार भी किया था. संगमा और विनसेंट एच पाला हाल ही में 18 नवंबर को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और मेघालय के प्रभारी मनीष चत्रार्थ के साथ एक बैठक में शामिल हुए थे.
मनीष चत्रार्थ ने कहा, "18 नवंबर को मेरे, केसी वेणुगोपाल, विनसेंट पाला, तीन कार्यकारी अध्यक्षों और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मुकुल संगमा की बैठक हुई थी. संगमा ने इस बैठक के बाद पार्टी को मजबूत करने की शपथ लेते हुए बयान भी जारी किया था."
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस लगातार कांग्रेस को झटका दे रही है. मंगलवार को ही कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने टीएमसी का दामन थामा था.
इसी तरह टीएमसी ने गोवा मे भी कांग्रेस पार्टी में सेंधमारी की है. ममता बनर्जी बार-बार कांग्रेस पर कमजोर नेतृत्व का आरोप लगा रही हैं.

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सोनिया गांधी से मिलने के सवाल पर भड़कीं ममता
वहीं, डेक्कन हेराल्ड अख़बार में ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को लेकर ख़बर है जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाक़ात को लेकर बयान दिया है.
ममता बनर्जी पीएम मोदी से मुलाक़ात के लिए दिल्ली आई थीं. उनके सोनिया गांधी से मुलाक़ात को लेकर भी कयास लगाए जा रहे थे. जुलाई के अपने दिल्ली दौरे में वो सोनिया गांधी से मिली थीं.
इसे लेकर मीडिया में सवाल पूछे जाने पर ममता बनर्जी भड़क उठीं. उन्होंने कहा, "क्यों? हर बार मिलना ज़रूरी है क्या?"
उन्होंने कहा कि राजधानी आने पर क्या कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से हर बार मिलना संवैधानिक रूप से ज़रूरी है.
उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को मुंबई के दौरे के दौरान वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात करेंगी.
सोनिया गांधी से समय लेने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मुझे उनसे समय लेने की ज़रूरत नहीं है. मुझे पता है कि वो पंजाब के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त होंगे. उन्हें पार्टी के लिए काम करने दो."

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पहली बार पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं की संख्या ज़्यादा
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर है कि राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुताबिक भारत में पहली बार महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुक़ाबले ज़्यादा हुई है.
सर्वेक्षण के अनुसार 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाए हैं. अख़बार लिखता है कि भारत में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुक़ाबले ज़्यादा है, भारत अब युवा नहीं हो रहा है और देश को जनसंख्या विस्फोट का ख़तरा नहीं है.
ये सभी बातें राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) का हिस्सा हैं जिसे 24 नवंबर को जारी किया गया है. ये एक सैंपल सर्वे है और पूरे देश पर ये बात लागू होती है या नहीं ये अगली जनगणना में पता चल पाएगा.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव विकास शील ने कहा, "भले ही वास्तविक स्थिति जनगणना के बाद ही सामने आ पाएगी लेकिन लिंगानुपात और जन्म के समय लिंगानुपात में आया सुधार महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इन नीतजों को देखकर हम कह सकते हैं कि महिला सशक्तीकरण के हमारे उपायों में हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं."

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चीन के साथ व्यापार संबंधों का आकलन
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को किसी भी नुक़सान से बचाने के लिए चीन के साथ व्यापारिक संबंधों का सावधानीपूर्वक आकलन कर रहा है.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि हर्षवर्धन श्रृंगला ने इंडस्ट्री चैंबर के एक सत्र के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत को आपूर्ति श्रृंखला, निवेश गठजोड़ और तकनीक के संदर्भ में चीन के साथ अपने संबंधों का आकलन करना चाहिए.
श्रृंगला ने कहा कि चीन ने आक्रामक रुख बनाए रखा हुआ है और पूर्वी लद्दाख में सीमा पर कई बार अतिक्रमण करने का प्रयास किया है जो शांति और सुरक्षा के लिए अनुकूल नहीं था.
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