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कानपुर: रिक्शा चालक की पिटाई में गिरफ़्तार अभियुक्तों को ज़मानत, इलाक़े में सांप्रदायिक तनाव
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कानपुर में एक मुस्लिम रिक्शा चालक की पिटाई और उनसे ज़बरन 'जय श्रीराम' का नारा लगवाने के मामले में गिरफ़्तार तीनों अभियुक्तों को ज़मानत मिल गई है. पुलिस ने कल देर रात तीनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया था.
अभियुक्तों की गिरफ़्तारी से नाराज़ हिंदूवादी संगठन ने बीती रात डीसीपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था.
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो में कुछ लोग रिक्शा चालक की पिटाई करते हुए नज़र आ रहे हैं. इस दौरान भीड़ में कुछ लोग रिक्शा चालक असरार अहमद से 'जय श्री राम' का नारा लगाने को भी कह रहे हैं. गुरुवार को इस मामले में मुक़दमा दर्ज कर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया. हालांकि बाद में शुक्रवार को तीनों अभियुक्तों को ज़मानत मिल गई.
कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने मीडिया के बताया, "कानपुर नगर के थाना बर्रा में असरार अहमद के साथ हुई मारपीट की घटना के तीन मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं. गिरफ़्तार अभियुक्तों के नाम अजय उर्फ राजेश बैंड वाला, अमन गुप्ता और राहुल कुमार हैं. अन्य अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं. यहां स्थिति सामान्य है."
मामला क्या है?
वायरल वीडियो में रिक्शा चालक की सात साल की छोटी बच्ची अपने पिता को छोड़ देने की मिन्नतें करती हुई नज़र आ रही है. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि बाद में कुछ पुलिसकर्मी उस रिक्शा चालक को अपनी जीप से ले जा रहे हैं. हालांकि जब असरार अहमद को भीड़ में पीटा जा रहा है तो उस दौरान पुलिस के लोग भी वहां मौजूद हैं.
इस घटना के पीछे क़रीब एक महीने पहले हुई एक अन्य घटना को बताया जा रहा है जब बर्रा निवासी एक परिवार की नाबालिग बेटी से कुछ युवकों ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी. आरोप हैं कि परिवार के विरोध करने पर अभियुक्त धर्मांतरण का दबाव बनाने लगे. पीडि़त परिवार ने पुलिस से यह शिकायत की लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई. 31 जुलाई को बीजेपी के स्थानीय विधायक महेश त्रिवेदी के हस्तक्षेप पर पुलिस ने बच्ची की मां की तहरीर पर तीन सगे भाइयों सद्दाम, सलमान और मुकुल के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया.
लड़की की मां ने बीबीसी को बताया, "हमारी 14 साल की बेटी को ये लोग रोज़ छेड़ते थे. शिकायत करने पर मारने-पीटने की धमकी देते थे. धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाते थे. हमने अपनी शिकायत में धर्मांतरण की बात भी कही थी लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर में सिर्फ़ छेड़खानी की धारा लगाई है."
हालांकि पुलिस का कहना है कि 12 जुलाई को ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई थी. कानपुर दक्षिण की पुलिस उपायुक्त रवीना त्यागी के मुताबिक, "12 जुलाई को कुरैशा बेगम ने एक एफ़आईआर दर्ज कराई जिसमें मारपीट की शिकायत की गई थी. जिन लोगों को कुरैशा बेगम ने अभियुक्त बनाया था, उन्होंने सद्दाम, सलमान और मुकुल के ख़िलाफ़ छेड़खानी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने की शिकायत दर्ज कराई थी. दोनों ही मामलों में विवेचना जारी है."
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धर्मांतरण का आरोप होने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इस बीच बुधवार को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता अभियुक्तों के घर पहुंचे लेकिन उनके न मिलने पर उनके एक रिश्तेदार असरार अहमद को घर से घसीट लाए और सार्वजनिक तौर पर पीटने लगे. आरोप हैं कि इस दौरान पुलिस वहां मौजूद रही और मूकदर्शक बनी रही.
सांप्रदायिक तनाव
आरोप हैं कि असरार अहमद को पीटने वालों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी विधायक महेश त्रिवेदी के बेटे भी शामिल थे लेकिन पुलिस ने पहले अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की लेकिन वीडियो वायरल होने और हंगामा बढ़ने के बाद तीन नामज़द अभियुक्तों के नाम भी एफ़आईआर में दर्ज किए गए और गुरुवार देर शाम तीनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
इस मामले में बीजेपी विधायक महेश त्रिवेदी के बेटे शुभम त्रिवेदी कहते हैं कि वो मौक़े पर मौजूद ज़रूर थे लेकिन मार-पीट में शामिल नहीं थे, "मैं अपने क्षेत्र के दौरे पर था तो मुझे इस बारे में सूचना मिली. मैंने पुलिस को सूचना दी और मौक़े पर पहुंचने को कहा. मैं भी मौक़े पर पहुंच गया. मैंने वहां मौजूद एसएचओ से कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो. अगर कोई दोषी है तो उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई हो."
इस बीच, सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पूरे इलाक़े में पुलिस बल को बढ़ा दिया गया है और पीएसी को भी तैनात किया गया है. वहीं, बजरंग दल के ज़िला संयोजक दिलीप सिंह बजरंगी ने पुलिस पर इकतरफ़ा कार्रवाई का आरोप लगाया है और कहा है कि 'पुलिस इंसाफ नहीं करेगी तो वह अपनी बहन-बेटियों पर अत्याचार होते हुए नहीं देख सकते हैं.'
इस बीच, रिक्शा चालक असरार अहमद से मारपीट के आरोप तीन अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार रात डीसीपी दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन किया. हालांकि देर रात ही प्रदर्शन समाप्त भी हो गया.
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