ड्रोन के ख़तरों को लेकर पीएम मोदी को पहले ही आगाह कर चुके थे अमरिंदर सिंह? - प्रेस रिव्यू

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जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन में धमाकों से कई महीनों पहले पंजाब के मुख्ममंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ड्रोन और यूएवी (अनमैंड एरियल विहिकल) के ज़रिए गंभीर घटनाओं को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था.
द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने पंजाब के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि नवंबर में भेजे गए इस पत्र में इन ख़तरों को विस्तार से बताते हुए इनके ख़िलाफ़ तैयारी पर बल दिया गया था.
इससे पहले अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी और इन्हीं मुद्दों पर बात की थी.
अधिकारियों का कहना है कि बीते दो सालों से पंजाब में 70-80 बार ड्रोन को देखा जा चुका है और कुछ मामलों में उन्हें गिराया गया है.
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र के बाद राज्य के ख़ुफ़िया प्रमुखों, पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच उच्च स्तरीय बातचीत हुई थी.
21 नवंबर 2020 को लिखे गए इस पत्र में अमरिंदर सिंह ने होशियारनगर में अगस्त 2019 में एक चीनी ड्रोन के ज़रिए राइफ़ल और पिस्तौल गिराने का ज़िक्र था. इसके अलावा फ़िरोज़पुर और तरनतारन सेक्टर्स में पहले ड्रोन देखे जाने के बारे में भी बताया गया था.
मुख्यमंत्री ने चेताया था कि सीमा पार से 5 किलोमीटर आकर 'चिन्हित जगह' पर लंबी दूरी के हथियार गिराना 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है.'
अख़बार के मुताबिक़, अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री को विभिन्न 'हितधारकों' के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करने को कहा था ताकि ड्रोन के ख़तरों पर 'चर्चा की जा सके और रणनीति पर सोचा जा सके.'
साथ ही उन्होंने कहा था कि इस चर्चा के ज़रिए ऐसे रडार सिस्टम जैसे इन्फ़्रास्ट्रक्चर लगाए जाएं जो इस तरह के उड़ने वाले उपकरणों का पता लगा सकें.
जम्मू एयर बेस में NIA NSG को नहीं मिला ड्रोन का मलबा

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जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन में दो धमाकों के बाद वहां पर जांच कर रही NIA और NSG की टीम को ड्रोन के मलबा नहीं मिला है.
द हिंदू में छपी रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि यह धमाके ड्रोन के ज़रिए किए गए हों लेकिन अभी तक ड्रोन को लेकर कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है.
अख़बार के मुताबिक़, जांच टीमें लोकल लॉन्च पैड और लंबी दूरी से अंजाम दिए गए इस काम पर जांच कर रही थीं लेकिन अभी तक बेस के नज़दीक किसी लॉन्च पैड का पता नहीं चला है. अंतरराष्ट्रीय सीमा से यह बेस 16 किलोमीटर की दूरी पर है.
ऐसा माना जा रहा है कि ड्रोन ने एयर फ़ोर्स स्टेशन में विस्फोटक सामग्री गिराई और वापस चला गया. ड्रोन को उड़ान भरने के लिए एक खुली जगह या बिल्डिंग की सबसे ऊपरी मंज़िल चाहिए होती है. यह 30 से 40 किलोमीटर तक की दूरी भी कवर कर सकते हैं.
पुलिस सूत्रों ने अख़बार को बताया है कि बेस पर काम करने वाले कुछ लोगों से पूछताछ की गई थी लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया.
अभी तक भारत ने इस घटना के लिए किसी भी देश पर आरोप नहीं लगाया है. इस घटना में भारतीय वायु सेना के दो जवान घायल हुए हैं.
सरकारी कंपनियों के 86 स्वतंत्र निदेशकों का संबंध बीजेपी से

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सूचना के अधिकार (RTI) के ज़रिए अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस ने पता लगाया है कि केंद्र सरकार के नियंत्रण में मौजूद 98 कंपनियों (PSUs) में 172 स्वतंत्र निदेशक (ID) हैं जिसमें से कम से कम 86 का संबंध सत्तारुढ़ बीजेपी से है.
अख़बार ने उन सभी स्वतंत्र निदेशकों के नामों को प्रकाशित किया है जिनका संबंध बीजेपी से है. इनमें महारत्न कंपनियों (तीन साल में जिनका सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ से अधिक होता है) में बनाए गए निदेशकों का भी नाम है.
अख़बार ने उन सभी 86 लोगों से बात की है जिनमें से 81 ने जवाब दिया है जबकि पांच ने कोई जवाब नहीं दिया है.
बाज़ार नियामक बोर्ड सेबी मंगलवार को स्वतंत्र निदेशकों के सिस्टम में सुधार पर चर्चा करने जा रहा है कि उनकी नियुक्ति कैसे हो और उनकी बोर्ड में क्या भूमिका हो.
दो साल पहले केंद्र सरकार के थिंकटैंक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉर्पोरेट अफ़ेयर्स ने सख़्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'PSUs के लिए ID का चयन स्वतंत्र नहीं रहा है. उस क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों की जगह पूर्व आईएएस या राजनीतिक संबंधों को वरीयता दी जा तरही है जो कि ID के पूरे विचार को नुक़सान पहुंचाता है.'
साल 2009 में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सत्ता में थी तब गुजरात हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका में सरकारी बैंकों के बोर्ड में ID की नियुक्ति पर कहा था कि यह क़ाबिलियत के आधार पर न होकर कांग्रेस और उसके गठबंधन से जुड़े राजनेताओं के लिए हो रही हैं.
कोर्ट ने कहा था कि सरकार का पहला विचार सरकारी बैंकों, उसके जमाकर्ताओं के हितों में होना चाहिए न कि नामांकित व्यक्ति या दूसरे स्वार्थों में. साथ ही कोर्ट ने उम्मीद जताई थी कि सरकार इस पर चिंता करेगी और भविष्य में बेवजह की आलोचनाओं से बचेगी.
भारत के नक़्शे को लेकर ट्विटर की हुई आलोचना

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दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़, सोमवार को ट्विटर ने अपनी वेबसाइट में भारत का अलग नक़्शा दिखाया जिसके बाद ट्विटर एक बार फिर चर्चा में आ गया.
इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध के बीच ट्विटर को अपनी वेबसाइट पर भारत का नक़्शा हटाना पड़ा. विवादित नक़्शे में ट्विटर ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारतीय क्षेत्र में न दिखाकर अलग दिखा रखा था.
अख़बार का कहना है कि यह पहला मौक़ा नहीं था जब ट्विटर ने ऐसा किया इससे पहले पिछले साल नवंबर में उसने लेह-लद्दाख को चीन का हिस्सा दिखाया था. तब भारत सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी और ट्विटर ने लिखित माफ़ीनामा दिया था.
अख़बार का कहना है कि इस घटना के बाद भारत सरकार ट्विटर के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई कर सकती है क्योंकि दोनों के बीच काफ़ी समय से कई मुद्दों को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है.
पंजाब कांग्रेस में विवाद के बीच सिद्धू राहुल-प्रियंका से करेंगे मुलाक़ात

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पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं लेकिन चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में जारी विवाद थमता नहीं दिख रहा है.
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तनातनी को ख़त्म करने के लिए शीर्ष नेतृत्व लगातार प्रयास कर रहा है.
नवभारत टाइम्स अख़बार लिखता है कि मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू नई दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाक़ात करेंगे.
कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह और उनसे असंतुष्ट नेताओं के बीच मतभेद को दूर करने के लिए एक कमिटी का गठन किया था. इस कमिटी ने पंजाब के सभी प्रमुख नेताओं से मुलाक़ात की है.
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह इस कमिटी से बात करने ख़ुद दिल्ली आए थे.
कमिटी की अगुवाई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे हैं. कांग्रेस की 3 सदस्यीय समिति में खड़गे के अलावा हरीश रावत और पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल भी शामिल हैं.
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