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मिज़ोरम: दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया का निधन; 38 पत्नियाँ और 89 बच्चे थे ज़िओना चाना के
पूर्वोत्तर भारत के मिज़ोरम राज्य को उसकी खूबसूरती के लिए तो जाना ही जाता है लेकिन इस राज्य में ही दुनिया का सबसे बड़ा माना जाने वाला परिवार भी रहता है. बीते दिन इस परिवार के मुखिया ज़ियोना चाना का निधन हो गया.
परिवार के मुखिया ज़ियोना चाना 76 साल के थे. ख़बरों के मुताबिक़, उनकी 38 पत्नियां हैं और इन 38 पत्नियों से 89 बच्चे.
उन्होंने ने रविवार को आख़िरी सांस ली. उन्हें डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन की शिकायत थी.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने अस्पताल के निदेशक लालरिंटलुआंगा झाऊ के हवाले से लिखा है, "बीते तीन दिनों से बक्तावंग गांव में उनके आवास पर ही उनका इलाज किया जा रहा था लेकिन उनकी हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया."
सौ कमरों वाले घर में रहता है दुनिया का सबसे बड़ा परिवार
दुनिया का सबसे बड़ा माना जाने वाला यह परिवार मिज़ोरम के पहाड़ी गांव, बक्तावंग तलंगनुम में रहता है. यह परिवार चार मंज़िला इमारत वाले सौ कमरों के घर में रहता है.
एक तरह से यह परिवार मिज़ोरम की पहचान है और कई पर्यटक जब मिज़ोरम जाते हैं तो इनसे भी मिलते हैं. यह लोग देश ही नहीं दुनिया के लिए भी आकर्षण का केंद्र है.
ज़ियोना चाना की मौत पर राज्य के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा ने ट्वीट करके अपनी संवेदना ज़ाहिर की है.
उन्होंने ट्वीट किया है, "38 पत्नियों और 89 बच्चों के साथ दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया माने जाने वाले 76 वर्षीय मिस्टर ज़ियोन को मिज़ोरम ने भारी मन से विदाई दी. मिजोरम और उनका गांव, उनके परिवार की वजह से एक बड़ा और आकर्षक पर्यटन स्लथ बन गया है. रेस्ट इन पीस, सर!"
17 साल की उम्र में पहली शादी
न्यूज़ एजेंसियों की ख़बर के मुताबिक़, ज़ियोना अपनी पहली पत्नी से जब मिले थे तब उनकी उम्र महज़ 17 साल थी जबकि उनकी उनसे पत्नी तीन साल बड़ी थी.
चाना चुआंथर संप्रदाय के नेता भी थे. साल 1942 में हमावंगकान गांव से निकाले जाने के बाद उनके दादा खुआंगतुहा ने इस संप्रदाय का गठन किया था.
उस समय से ही उनका परिवार आइज़ोल से करीब 55 किलोमीटर दूर बक्तावंग गांव में रह रहा है.
इस संप्रदाय में लगभग 400 परिवार हैं. इस संप्रदाय में पुरुष सदस्यों के बहुविवाह की अनुमति है.
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