एंबुलेंस मामले में राजीव प्रताप रूडी ने कहा- पप्पू यादव अपराध की दुनिया से बाहर निकलें

जन अधिकार पार्टी के नेता राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव के बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के कार्यालय में कोविड महामारी के दौर में कई एंबुलेंस खड़े होने के आरोपों पर मंगलवार को रूडी ने अपने तर्क पेश किए.

बीजेपी नेता और बिहार के सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि 'पप्पू यादव जी को अपनी सेहत का ख़याल रखना चाहिए, मुझे उनके स्वास्थ्य की चिंता है.'

"आप स्वस्थ हो जाएँ अपराध की दुनिया से बाहर निकलें और किसी को पीड़ा न पहुँचाएँ. किसी को ग़लत न कहें, आपराधिक न कहें. यह पाश्चाताप करने का समय है, झूठ नहीं बोलना चाहिए. आपने सबको प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री सबको अपमानित किया."

उन्होंने पप्पू यादव के ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों की जानकारी दी और कहा कि पप्पू यादव डॉक्टरों से लेकर वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करते रहे हैं.

उन्होंने कम्युनिस्ट नेता अजित सरकार हत्या मामले और पुरुलिया में हथियार गिराने जैसे मामलों का ज़िक्र भी प्रेस कॉन्फ़्रेस में किया.

रूडी ने एंबुलेंस पर अपने तर्क रखे

राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि यह बीजेपी पार्टी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस नहीं है बल्कि यह उनकी व्यक्तिगत सांसद के रूप में प्रेस कॉन्फ़्रेंस है.

उन्होंने अपना पैतृक घर दिखाते हुए कहा कि वहाँ पर कोई एंबुलेंस नहीं थी, बल्कि एंबुलेंस सामुदायिक केंद्र पर खड़ी थी जहाँ पर कोई दीवार नहीं है और यह उनकी निजी ज़मीन नहीं बल्कि सरकार के नाम से पंजीकृत ज़मीन है.

राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में पंचायतों को एंबुलेंस पहुँचाने का काम वो बीते 10 सालों से कर रहे हैं और यह कोविड के वक़्त नहीं शुरू हुआ है.

उन्होंने कहा कि इस तरह से पप्पू यादव ने पंचायत और उनके सरपंचों को अपमानित किया है और पंचायती राज का स्वरूप देखना है तो सारण में आकर देखिए.

इसके अलावा उन्होंने पप्पू यादव के एंबुलेंस के बड़ी संख्या में खड़े होने के आरोपों पर कहा कि एंबुलेंस फ़िटनेस लाइसेंस, इंश्योरेंस और ड्राइवर की कमी के कारण खड़ी थीं और यह पंचायतों को दी गई थीं.

उन्होंने पंचायतों को दी गईं एंबुलेंस का वीडियो शेयर किया और वे कितनी किलोमीटर चली हैं इसका रिकॉर्ड भी पेश किया और कुछ एंबुलेंस का जीपीएस ट्रैकिंग का वीडियो भी शेयर किया.

पप्पू यादव ने भी ट्वीट करके राजीव प्रताप रूडी का जवाब दिया है.

पप्पू यादव के क्या थे आरोप

दरअसल, पप्पू यादव के नाम से चर्चित मधेपुरा से पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता राजेश रंजन ने एक ऐसी जगह पर छापा मारने का दावा किया था, जहाँ दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस खड़ी थीं.

ये एंबुलेंस लोकसभा सांसद राजीप प्रताप रूडी की सांसद निधि से ख़रीदी गई थीं.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़ पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ इस जगह पहुँचे थे और सुरक्षाकर्मियों के विरोध के बावजूद अंदर घुस गए थे.

उन्होंने यहाँ ख़ाली खड़ी एंबुलेंस के ऊपर ढँके तिरपाल को हटाते हुए वीडियो बनाया और उसे ट्विटर पर पोस्ट कर दिया.

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एक तरफ़ तो बिहार में लोग इलाज के बिना मर रहे हैं और दूसरी तरफ सांसद के कार्यालय में एंबुलेंस ख़ाली खड़ी हैं.

यादव ने कहा था कि एक किलोमीटर दूर स्थित अस्पतालों में मरीज़ को पहुँचाने के लिए भी लोगों को 10-12 हज़ार रुपए ख़र्च करने पड़ रहे हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं में एंबुलेंस की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सारण से सासंद राजीव रूडी ने 100 एंबुलेंस अपने पास रख रखी हैं.

पिछले दिनों पप्पू यादव को पटना पुलिस ने लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था. बाद में 32 साल पुराने एक मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया था.

इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई और फ़िलहाल उनका इलाज दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है.

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