इमरान ख़ान के बाद पाकिस्तानी आर्मी चीफ़ बाजवा भारत के साथ रिश्तों पर बोले: प्रेस रिव्यू

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इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, पाकिस्तान की फ़ौज ने भारत के साथ अपने पारंपरिक संबंधों में संभावित बड़े बदलाव का संकेत दिया है जिसकी झलक आर्मी चीफ़ के बयान में नज़र आई है.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ जनरल क़मर जावेद बाजवा ने गुरुवार को कहा, "ये समझना महत्वपूर्ण है कि शांतिपूर्ण तरीकों से कश्मीर विवाद के समाधान के बिना मैत्रीपूर्ण संबंध हमेशा ख़तरे में रहेंगे. जो कि राजनीति से प्रेरित आक्रामकता की वजह से पटरी से उतर सकते हैं. बहरहाल हमारा मानना है कि यह समय अतीत को भुलाकर आगे बढ़ने का है.''
उन्होंने कहा कि, ''शांति प्रक्रिया की बहाली या शांतिपूर्ण संवाद के लिए हमारे पड़ोसी को उसके लिए माहौल बनाना होगा, ख़ासतौर पर कश्मीर में वैसा माहौल होना चाहिए.''
पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ जनरल क़मर जावेद बाजवा ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के स्थिर संबंध, पूर्व और पश्चिम एशिया के बीच संपर्क सुनिश्चित करके दक्षिण और मध्य एशिया में संभावनाओं के द्वार खोलने की कुंजी हैं.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ ने ये तमाम बातें 'इस्लामाबाद सिक्यॉरिटी डायलॉग' में कही जहां एक दिन पहले प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था कि ''भारत के साथ हमारा सिर्फ एक मुद्दा कश्मीर को लेकर है और भारत को शांति के लिए पहल करनी चाहिए.''
भारत जैसे पड़ोसियों के साथ कारोबार पर ज़ोर देते हुए इमरान ख़ान ने कहा था कि 'यदि भारत पहल करता है, यदि कश्मीर मुद्दा हल कर लिया जाता है' तो इसका फ़ायदा समूचे क्षेत्र को मिलेगा.
पुराने को कबाड़ में देकर लें नया वाहन

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बिज़नेस स्टैंडर्ड में छपी ख़बर के मुताबिक, भारत सरकार ने बहुप्रतीक्षित वाहन कबाड़ नीति की घोषणा की है जिसके तहत 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
पुराने वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करके नए वाहन ख़रीदने के लिए प्रोत्साहित करने की ये नीति अमेरिका और यूरोपीय देशों में 'कबाड़ के लिए नकद योजना' की तरह होगी. इस योजना को साल 2008-09 के आर्थिक संकट के दौरान नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया गया था.
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वाहन कबाड़ नीति से 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश और 35,000 नए रोजगार पैदा होने की संभावना है.
उन्होंने दावा किया है कि ''इस योजना के ज़रिये एक साथ कई समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया गया है. इससे कारोबार और रोज़गार बढ़ेगा, वहीं पुराने वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा.''

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वाहन निर्माता सरकार से कारों और ट्रक मालिकों को अपने पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने और नया वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहन देने की मांग लंबे समय से कर रहे थे. इससे वाहन कंपनियों को बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी.
नितिन गडकरी ने कहा कि कि उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कबाड़ नीति का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में रियायत देने का अनुरोध किया है.
नितिन गडकरी ने कहा, ''हमने अनुमान लगाया है कि नए वाहनों की खरीद से 30 से 40 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी. ऐसे में जीएसटी में रियायत देने की गुंजाइश बन सकती है.''
'ज़मानत के लिए राखी बंधवाने जैसी शर्तें मंज़ूर नहीं'

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दैनिक जागरण में छपी ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता से राखी बंधवाने की शर्त पर अभियुक्त को ज़मानत देने का मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि ऐसी शर्तें स्वीकार नहीं की जा सकती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन हिंसा और दुष्कर्म मामलों पर ज़मानत देते वक्त अतार्किक शर्तों और घिसी-पिटी पुरुषवादी सोच दिखाने वाली टिप्पणियों पर कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा है कि जजों को केस की सुनवाई के दौरान ना बोलना चाहिए ना लिखना चाहिए जिससे पीड़िता का कोर्ट की निष्पक्षता पर भरोसा कम हो.
ख़बर में कहा गया है कि जस्टिस एएम खनविलकर और जस्टिस एस रविंद्र भट की पीठ ने अपने फ़ैसले की शुरुआत हेनरिक इब्सेन के कथन से की जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में महिलाएं ऐसे समाज में हैं जो ख़ासतौर पर मर्दाना समाज है, जहां पुरुषों द्वारा बनाए गए क़ानून और न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं का आचरण पुरुषवादी नज़रिए से आंका जाता है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर खेद जताया है कि इब्सेन की 19वीं सदी में कही गई बात 21 सदी में भी सत्य है.
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