मुनव्वर फ़ारूक़ी की रिहाई सुप्रीम कोर्ट के जज के फ़ोन के बाद हुई - प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, @MUNAWAR0018
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने जब इंदौर के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को शनिवार देर रात फ़ोन किया और उनसे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर मुनव्वर फ़ारूक़ी के प्रोडक्शन वॉरंट पर लगाई गई रोक और अंतरिम ज़मानत से जुड़े आदेश को चेक करने के लिए कहा, तब जाकर कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को इंदौर की जेल से रिहा किया गया.
इससे पहले दिन में इंदौर जेल प्रशासन ने फ़ारूक़ी को ये कहते हुए रिहा करने से इनकार कर दिया था कि उन्हें प्रयागराज के सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की ओर से उनके पहले जारी किए गए प्रोडक्शन वॉरंट को रोकने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी मिली है.
अख़बार से बात करते हुए इंदौर सेंट्रल जेल के अधीक्षक, राजेश बांगडे ने कहा, "हमें पहले ये आदेश नहीं मिला था, हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने इंदौर के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को फ़ोन किया और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेशों को चेक करने के लिए कहा और कहा कि अगर ये पहले ही अपलोड हो गए हैं, तो इनका अनुपालन करें. हमने साइट चेक की और देखा कि ये अपलोड थे, इसलिए रात 11 बजे छोड़ा गया."
इंदौर के तुकोगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में मुनव्वर को अंतरिम ज़मानत देते हुए जस्टिस आर एफ़ नरीमन की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने उत्तर प्रदेश के जॉर्ज टाउन पुलिस स्टेशन में कॉमेडियन के ख़िलाफ़ दर्ज एक अन्य मामले के संबंध में जारी प्रोडक्शन वॉरंट पर रोक लगा दी थी.
हालांकि, शीर्ष अदालत के आदेश के एक दिन बाद, जेल विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रयागराज की सीजेएम अदालत से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, जिसमें उन्हें प्रोडक्शन वॉरंट पर रोक के बारे में बताया गया हो.

इमेज स्रोत, EPA
कॉन्सपिरेसी थ्योरी बेतुकी, सितारों के ट्वीट में कोई हाथ नहीं - मो धालिवाल
कनाडा स्थिति पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीजेएफ़) ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि उसने ना तो भारत में प्रदर्शनों से जुड़ी किसी गतिविधि का कॉर्डिनेशन किया और ना ही रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग या किसी दूसरी हस्ती से किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट करवाने के लिए कुछ किया.
दिल्ली पुलिस ग्रेटा थनबर्ग की ओर से शेयर की गई टूलकिट को बनाने और हालात ख़राब करने की कथित साज़िश रचने के मामले में पीजेएफ़ की जांच कर रही है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, पीजेएफ़ के सह-संस्थापकों, मो धालिवाल और अनीता लाल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनकी संस्था के बारे में फैलाई जा रही जानकारी "कई मामलों में ग़लत है, और पूरी तरह से झूठ है."
उन्होंने कहा कि ये किसान आंदोनल के दौरान जान गँवाने वाले 200 से ज़्यादा लोगों से जानबूझकर ध्यान हटाने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि हमने किसी को ट्वीट करने के लिए पैसे नहीं दिए हैं.

इमेज स्रोत, HINDUSTAN TIMES
टीआरपी, ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए जल्द नई गाइडलाइन: सरकार
टीआरपी के हेरफेर और ओटीटी सामग्री के रेगुलेशन को लेकर लोक सभा सांसदों के कई सवालों के जवाब में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि सरकार सकारात्मक क़दम उठा रही है और हर मामले में नए दिशानिर्देशों जारी करेगी.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, जावडेकर ने कहा कि इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (आईएएनएआई) ने मंत्रालय को ओवर द टॉप (ओटीटी) डिज़िटल सामग्री के लिए एक स्व-नियामक तंत्र विकसित करने का आश्वासन दिया है. "क़ानून के तहत प्रतिबंधित सामग्री पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और हितों के टकराव के मसले भी थे."
उन्होंने साथ ही कहा कि शिकायतों के बाद मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफॉर्म और आईएएमएआई के साथ कई दौर की बातचीत की.
टीआरपी में हरफेर के मामले पर जावड़ेकर ने कहा कि बार्क डिसिप्लिनरी काउंसिल का कहना है कि उसने पैनल की शुचिता बनाए रखने के लिए कार्रवाई की और सैंपल में हेरफेर करने वालों के ख़िलाफ़ 11 एफ़आईआर दर्ज की.
उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने एक समिति गठित की जिसने माप पद्धति और रेटिंग एजेंसियों और ऑडिट की संरचना में ढांचागत बदलाव करने की सिफारिशें की है.

इमेज स्रोत, BIJU BORO/AFP via Getty Images
न्यायपालिका ने संविधान को मज़बूत किया है - पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के अधिकारों की रक्षा करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखने में भारतीय न्यायपालिका की भूमिका की सराहना की और कहा कि न्यापालिका ने संविधान को मज़बूत किया है.
ये ख़बर हिंदुस्तान टाइम्स समेत कई अख़बारों में है. प्रधानमंत्री गुजरात हाई कोर्ट के 60 वर्ष पूरे होने के मौक़े पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने उन स्थितियों में भी अपने कर्तव्य का पालन किया, जब राष्ट्र हितों को प्राथमिकता दिए जाने की ज़रूरत थी.
इसी कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एसआर शाह ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री मोदी को 'सबसे लोकप्रिय, जीवंत और दूरदर्शी नेता बताया.'
न्यायमूर्ति शाह ने कहा, 'मुझे गुजरात उच्च न्यायालय के हीरक जयंती समारोह में हमारे सबसे लोकप्रिय, जीवंत और दूरदर्शी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भाग लेकर गौरव का अनुभव हो रहा है.'

इमेज स्रोत, Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images
कोरोना के सात और टीके बना रहा है भारत: हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि देश कोविड-19 के सात और नए टीके विकसित कर रहा है और देश के सभी लोगों को टीका लगाने की दिशा में काम कर रहा है.
जनसत्ता अख़बार के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि टीके को खुले बाज़ार में उतारने की केंद्र सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है और इसका फैसला परिस्थिति के अनुसार किया जाएगा.
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि 50 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को कोविड-19 का टीका लगाने का काम मार्च से शुरू होगा.
उन्होंने कहा, "हम सिर्फ दो टीकों पर निर्भर नहीं हैं क्योंकि देश सात और स्वदेशी टीके विकसित करने पर काम कर रहा है. साथ ही हम और टीके विकसित करने पर भी काम कर रहे हैं क्योंकि भारत विशाल देश है और सभी तक पहुंचने के लिए हमें और लोगों और अनुसंधन की ज़रूरत है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















