कोरोना वैक्सीन: सफ़ाई कर्मचारियों, डॉक्टरों और नर्सों को सबसे पहले लगा टीका

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16 जनवरी शनिवार से पूरे भारत में कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है.
केंद्र सरकार की योजना के अनुसार सबसे पहले वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को दी जा रही है.
देश के अलग-अलग हिस्सों में डॉक्टरों, नर्सों और फ़्रंटलाइन के अन्य स्वास्थकर्मियों का टीकाकरण जारी है.
अमरीका के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश है जहां कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले सामने आए थे.
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नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सबसे पहले सफ़ाईकर्मी मनीष कुमार को कोविड-19 वैक्सीन दी गई.

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जयपुर में मौजूद बीबीसी सहयोगी मोहर सिंह मीणा के अनुसार, राजस्थान में कोविड-19 के टीकाकरण के लिए 167 सेंटर बनाए गए हैं. प्रथम चरण में सरकारी और निजी संस्थानों के स्वास्थ्यकार्मिकों को टीके लगाए जा रहे हैं. आज 0.5 एमएल की पहली खुराक दी जा रही है, जिसके 28 दिन बाद दूसरी खुराक 0.5 एमएल दी जाएगी.
राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बीबीसी से कहा कि केंद्र के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सभी मंत्रियों की मौजूदगी में टीकाकरण की शुरूआत की गई. इस कार्यक्रम से सभी ज़िले जुड़े.
महाजन बताते हैं कि राजस्थान में 167 सेंटर्स पर टीकाकरण हो रहा है. इनमें से 6 सेंटर्स को वैक्सीन के लिए बनाए गए हैं. पहला टीका सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंडारी ने लगवाया. इसके बाद वहीं से सेवानिवृत्त एक अन्य डॉक्टर को टीका लगाया गया.
31 जनवरी 2021 तक 161 सेंटर पर प्रतिदिन टीका लगाया जाएगा. लेकिन टीकाकरण के दौरान अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित ना हों, इसलिए सप्ताह में केवल चार दिन यानी सोमवार, मंगलवार, बुधवार और शनिवार को ही टीकाकरण होगा.
छत्तीसगढ़ में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल के अनुसार राज्य में कोरोना के टीकाकरण की शुरुआत आज रायपुर से हुई, जहां सफाईकर्मी तुलसा तांडी को पहला टीका लगाया गया.छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने पिछले सप्ताह ही राज्य में कोवैक्सीन का यह कहते हुए विरोध किया था कि अभी इसके तीसरे चरण के परीक्षण परिणाम नहीं आये हैं, ऐसे में इसका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल हो सकता है. उन्होंने कहा था कि अगर ज़रुरत पड़ी तो वो टीकाकरण रोकने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे.लेकिन शनिवार को राज्य भर में टीकाकरण का कार्यक्रम शुरु हो गया.सफाईकर्मी तुलसा तांडी को कोरोना का पहला टीका लगाये जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट करते हुए कहा, "प्रदेश में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण प्रारंभ होने के साथ ही आज स्वच्छताकर्मी बहन तुलसा तांडी जी को पहला टीका लगाया गया है. उनके ज़ज़्बे और आत्मविश्वास को देखकर मुझे विश्वास हो गया है कि अब छत्तीसगढ़ इस संक्रमण से जल्द ही बाहर निकलेगा."

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असम से बीबीसी के दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि जोरहाट मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर दीपक शर्मा ने सबसे पहले कोविड-19 वैक्सीन ली.
टीका लगवाने के बाद डॉक्टर दीपक शर्मा ने कहा, ''यह मेरे लिए गर्व और ख़ुशी का क्षण था क्योंकि मैं यहाँ कोरोना वैक्सीन लेने वाला पहला व्यक्ति हूँ. किसी भी व्यक्ति को यह वैक्सीन लेने के लिए डरने की ज़रूरत नहीं है. मैं फ़िलहाल किसी भी तरह की कोई परेशानी महसूस नहीं कर रहा हूँ और हम सबको बिना किसी डर के यह वैक्सीन लेनी चाहिए.''
असम के कई मेडिकल कॉलेज और ज़िला सरकारी अस्पतालों में कोविड टीकाकरण शुरू किया गया है.

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मध्य प्रदेश से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार शुरैह नियाज़ी के मुताबिक़ राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीन सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारी संजय यादव को लगाई गई.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस मौके पर मौजूद थे.
टीकाकरण की शुरुआत भोपाल के हमीदिया अस्पताल में की गई जहाँ इसके लिये अलग से ख़ास तैयारी की गई थी.

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झारखंड से बीबीसी के रवि प्रकाश ने बताया कि राज्य में कोविड-19 का पहला टीका सदर अस्पताल की आदिवासी सफ़ाई कर्मचारी मरियम गुड़िया को लगाया गया.
इससे झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि सबसे पहले देश के प्रधानमंत्री और राज्यों को टीका लगवाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "जो ज़िम्मेदार पदों पर बैठे हैं, उन्हें पहले टीका लगना चाहिए. क्योंकि, जो चीजें हमारे स्वास्थकर्मियों पर लागू होती हैं, वही हम पर भी लागू होती हैं. इसलिए पहले हम जैसे लोगों को आगे आना चाहिए. तभी लोगों का टीकाकरण पर विश्वास होगा."

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हेमंत सोरेन ने कहा, "टीकाकरण होना चाहिए और टीका सबको मिलना चाहिए. इसकी हम वकालत करते हैं. लेकिन, मुझे लगता है कि इसे एक बहुत बड़ा इवेंट मैनेजमेंट बना दिया गया है."
बिहार से बीबीसी की सहयोगी पत्रकार सीटू तिवारी ने बताया कि राजधानी पटना में एनॉटमी विभाग मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में टीकाकरण शुरू हुआ. टीकाकरण की शुरुआत सफ़ाईकर्मी रामबाबू को टीका लगाने से हुई.

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श्रीनगर में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार माजिद जहाँगीर ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ में सुरक्षाकर्मी परवेज़ अहमद शेख़ को सबसे पहले वैक्सीन लगाई गई.

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भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले एक करोड़ से ज़्यादा हो चुके हैं और यह महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों की सूची में अमेरिका और ब्राज़ील के बाद तीसरे नंबर पर है.
भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ हो रहा यह टीकाकरण दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों, उसके बाद बाकी फ़्रंटलाइन वर्कर्स और फिर बुजुर्गों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को दी जाएगी.
भारत सरकार वैक्सीन कार्यक्रम के लिए को-विन नाम का ऐप लाई है, जहाँ वैक्सीन लगवाने के इच्छुक लोग पंजीकरण कर सकते हैं.
देश में लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जा रहा है हालाँकि सरकार किसी पर टीका लगवाने के लिए दबाव नहीं डालेगी.
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक लिस्ट जारी करके वैक्सीन से जुड़ी शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की थी. इस लिस्ट के सवाल कुछ इस तरह थे:
वैक्सीन का असर कितने दिनों में होता है?
मंत्रालय ने इसके जवाब में बताया है कि आम तौर पर कोरोना की एंटीबॉडी विकसित करने में शरीर को वैक्सीन की दो खुराक की ज़रूरत होती है.
क्या वैक्सीन सुरक्षित होगी?
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वैक्सीन सभी लोगों के लिए सुरक्षित हो, इसका ध्यान रखते हुए भारत की ड्रग कंट्रोलर संस्था वैक्सीन को तभी मंज़ूरी देगी जब वो सुरक्षा और प्रभाव के मानकों पर खरी उतरेगी.
क्या कैंसर, डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन के मरीज़ वैक्सीन ले सकते हैं?
मंत्रालय ने इस सवाल का जवाब 'हाँ' में दिया है.
क्या वैक्सीन सबको एकसाथ मिलेगी?
यह वैक्सीन की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. वैक्सीन के लिए स्वास्थ्यकर्मियों, फ़्रंटलाइन पर काम करने वालों, बुजुर्गों और दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी.
वैक्सीन लेने के बाद क्या सावधानियाँ बरती जाएँ?
मंत्रालय ने अपने सुझाव में कहा है कि टीका लगने के बाद लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पर कम से कम आधे घंटे आराम करना चाहिए.
मंत्रालय ने कहा, "टीका लगने के बाद अगर आपको किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होती है तो आप नज़दीक के स्वास्थ्य अधिकारियों, डॉक्टर, एएनएम या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें."
वैक्सीन लगवाने के बाद मास्क पहनने की ज़रूरत नहीं होगी?
वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क पहनने, फ़िज़िकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने और हाथ धोने जैसी सावधानियों का पूरा ध्यान रखना होगा.
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