You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
किसान आंदोलन: हरियाणा में किसानों के विरोध के बाद रद्द हुआ सीएम खट्टर का कार्यक्रम
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पहले से तय किसान पंचायत बैठक किसानों के विरोध-प्रदर्शन की वजह से रद्द करनी पड़ी है.
खट्टर की यह बैठक करनाल के कैमला गांव में होने वाली थी. इसमें मुख्यमंत्री तीनों नए कृषि क़ानूनों के फायदे गिनवाने वाले थे.
लेकिन किसानों ने बड़े पैमाने पर इस रैली का विरोध किया. हरियाणा पुलिस के जवान किसानों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर तैनात किए गए थे.
पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस और पानी के बछौर का इस्तेमाल किया लेकिन यह सब बेकार गया लेकिन ये सारी कवायद किसानों को रैली स्थल पर पहुँचने से रोक नहीं पाई.
बीबीसी पंजाबी सेवा के सत सिंह के मुताबिक किसानों ने खुद को पुलिस के हमले से नजदीक के खेतों में जाकर बचाया. अभी भी वहाँ हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
जहाँ खट्टर को बीजेपी समर्थक किसानों को संबोधित करना था वहाँ मुख्य द्वार पर प्रदर्शनकारी पहुँच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी.
इस बीच प्रदर्शनकारियों ने खट्टर के हेलीकॉप्टर को उतरने के लिए बने हैलीपैड को खोद डाला.
इसने खट्टर को अपना कार्यक्रम रद्द करने पर मजबूर कर दिया.
इससे पहले हरियाणा की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए बैरिकेड लगा रखा था ताकि जहाँ किसान पंचायत कार्यक्रम हो रहा है, वहाँ तक वे ना पुहँच पाए.
कार्यक्रम नहीं होने देने की चेतावनी
किसानों ने आरोप लगाए हैं कि अगर मुख्यमंत्री किसान महा पंचायत कर रहे थे तब उन्हें क्यों नहीं जाने की अनुमति दी गई.
प्रदर्शनकारियों के वीडियो में उन्हें यह कहते हुए देखा गया कि वे जब रैली को रोकने जा रहे थे तब बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उनके ऊपर पत्थरबाजी की.
इससे किसान गुस्से में आ गए. किसानों के संगठन ने राज्य और स्थानीय प्रशासन को इस कार्यक्रम को रद्द करने के लिए पहले ही कहा था.
उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया तो वो नहीं होने देंगे.
हालांकि तब मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा था कि वो इस कार्यक्रम को करने को लेकर अडिग हैं. करनाल जहाँ यह कार्यक्रम होने वाला था, वो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है.
किसान सभा के अध्यक्ष प्रीत सिंह ने इसे नकली किसानों पर असली किसानों की जीत बताया है.
उन्होंने कहा,"मुख्यमंत्री खट्टर को पता होना चाहिए कि किसान सड़कों पर बैठे हुए हैं और आप नकली किसानों को जमा कर के किसान पंचायत के नाम पर राजनीति नहीं कर सकते हैं. अगर कोई बीजेपी नेता दोबारा यह करने की कोशिश किया तो उनके साथ भी ऐसा ही होगा."
बीजेपी का कोई नेता इस पर मीडिया से बात करने को तैयार नहीं हुआ.
वे यह कह कर कॉल टालते रहे कि वे अभी हालात को संभालने में लगे हुए और उसमें व्यस्त हैं.
जहाँ पर किसान पंचायत कार्यक्रम होने वाला था वहाँ से किसान कुछ ही दूरी पर अपना विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)