कोरोना वायरस की 'फ्री वैक्सीन' पर बिहार में गरमाई सियासत- प्रेस रिव्यू

बिहार चुनाव के अपने घोषणापत्र में बीजेपी ने राज्य के लोगों को मुफ़्त कोरोना वैक्सीन देने का वादा किया है.

गुरुवार को पार्टी की ओर से जारी किए गए 11 प्वाइंट के घोषणापत्र में यह वादा सबसे पहले किया गया है. हालांकि बीजेपी के घोषणापत्र में कोरोना वैक्सीन मुफ़्त देने की बात सामने आने पर विपक्षी दलों ने उसे आड़े हाथों लिया है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, बीजेपी ने घोषणापत्र जारी होने और इस वादे पर सवाल उठने के बाद यह स्पष्ट किया है कि अगर वो सत्ता में आई तो राज्य के हर नागरिक को मुफ़्त में कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. इसके पीछे पार्टी ने दलील दी है कि केंद्र सरकार से कम कीमत में इसे खरीदने के बाद वो जनता को मुफ़्त में वैक्सीन देगी.

हालांकि विशेषज्ञ इसे चुनावी घोषणापत्र में शामिल किए जाने पर सवाल उठा रहे हैं.

बिहार में अब तक कोरोना संक्रमण के मामले दो लाख के ऊपर पहुंच गए हैं और क़रीब एक हज़ार लोगों की मौत संक्रमण की वजह से हो चुकी है. राज्य की कुल आबादी 10.4 करोड़ है.

विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी के घोषणा पत्र में कोरोना वैक्सीन को शामिल करना 'राजनीति का पतन' करार दिया है.

अख़बार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता मनोज झा के हवाले से लिखा, ''किसी महामारी की वैक्सीन को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करना और चुनावी मुद्दा बनाना दुर्भाग्य है.''

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करके तंज कसा, ''भारत सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन वितरण की घोषणा कर दी है. ये जानने के लिए कि वैक्सीन और झूठे वादे आपको कब मिलेंगे, कृपया अपने राज्य के चुनाव की तारीख़ देखें.''

इसके बाद गुरुवार को ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीसामी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने-अपने राज्य की जनता को मुफ़्त कोरोना वैक्सीन देने की घोषणा की.

बंटवारे के बाद सबसे भयानक थे उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगे: कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को कहा कि इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे राष्ट्रीय राजधानी में "विभाजन के बाद के सबसे भयानक दंगे थे" और यह "प्रमुख वैश्विक शक्ति" बनने की आकांक्षा रखने वाले राष्ट्र की अंतरात्मा पर "घाव" था.

जनसत्ता अख़बार में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के तीन मामलों में जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की.

ताहिर हुसैन पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए कथित तौर पर अपने राजनीतिक दबदबे का दुरुपयोग करने का आरोप है.

अख़बार के मुताबिक़, अदालत ने कहा, "यह सामान्य जानकारी है कि 24 फरवरी 2020 के दिन उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई हिस्से सांप्रदायिक उन्माद की चपेट में आ गए, जिसने विभाजन के दिनों में हुए नरसंहार की याद दिला दी."

उमर ख़ालिद ने जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

दिल्ली में इसी साल फ़रवरी में हुए दंगों के मामले में गिरफ़्तार किये गए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद ने अदालत को बताया है कि जेल में उन्हें अपनी सेल से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं है.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, उमर ख़ालिद ने गुरुवार को एडिशनल सेशंस जज जस्टिस अमिताभ रावत के सामने वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग के ज़रिए हुई पेशी के दौरान ये आरोप लगाया.

जेएनू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद को यूएपीए यानी ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ़्तार किया गया है.

पेशी के दौरान उमर ख़ालिद ने कहा कि कोर्ट ने हाल ही में जेल प्रशासन निर्देश दिए थे कि उन्हें जेल में सुरक्षा कवर दिया जाए लेकिन इसके बावजूद उन्हें किसी से बात करने की अनुमति नहीं है.

उन्होंने कहा कि हाल ही में जब जेल सुपरिंटेंडेंट ने उनसे मुलाक़ात की तो उन्होंने इस बारे में उनसे भी बात की थी. इसके बाद उन्हें बस 10 मिनट के लिए सेल के बाहर जाने दिया गया और सुपरिंटेंडेंट के जाते ही उन्हें वापस बैरक में डाल दिया गया. उमर ख़ालिद ने कहा कि इसके बाद से उन्हें बाहर कदम भी नहीं रखने दिया गया.

लेह को चीन में दिखाए जाने पर भारत ने दी चेतावनी

भारत ने लेह को चीन का हिस्सा दिखाने पर सोशल मीडिया साइट ट्विटर को चेतावनी जारी की है.

केंद्र सरकार ने कहा कि इस तरह का नक्शा दिखाना ग़ैर-कानूनी है और भारत की अखंडता और संप्रभुता का अपमान करने की ऐसी कोई कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया साहनी ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्से को पत्र लिखकर बताया कि लेह, लद्दाख क्षेत्र का हेडक्वार्टर है.

उन्होंने ट्विटर से देश की संवेदनशीलता का ख़्याल रखने के लिए भी कहा क्योंकि यह लगातार दूसरी बार है जब सरकार ने ट्विटर से इस तरह की शिकायत की है.

इसके पहले सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी वेबसाइट से जुड़े एक अकाउंट के हैक होने पर भी ट्विटर से शिकायत की गई थी.

उन्होंने ट्विटर को लिखे पत्र में कहा, ''भारत की संप्रभुता और अखंडता, जो कि इसके नक्शे से भी झलकती है, ट्विटर द्वारा उससे किसी भी तरह का छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह ग़ैर-कानूनी भी है.''

सरकार के पत्र के बाद ट्विटर के प्रवक्ता ने कहा कि ट्विटर भारत सरकार के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है. वह इस मुद्दे से जुड़ी भावनाओं का सम्मान करता है.

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