पीड़ितों की आवाज़ दबा रही है सरकार, ये कैसा राजधर्म है?-सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कांग्रेस पार्टी की एक बैठक में मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश का लोकतंत्र इस समय सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है.

उन्होंने दलितों के ख़िलाफ़ होने अपराधों, कोविड-10 महामारी और आर्थिक सुस्ती का ज़िक्र करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.

कांग्रेस पार्टी ने उनके बयानों का एक हिस्सा अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है.

सोनिया गाँधी ने सरकार पर पीड़ितों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया और पूछा कि 'ये कैसा राजधर्म है?'

'जनता का हक़ अपने करीबियों को दे रही सरकार'

उन्होंने कहा कि इस समय देश एक ऐसी सरकार के हाथों में है जो आम नागरिकों के अधिकार अपने कुछ करीबी पूँजीपतियों को 'संस्थागत तरीके' से सौंप रही है.

उन्होंने नए कृषि क़ानूनों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि हरित क्रांति के फ़ायदों को ख़त्म करने के लिए एक 'षड्यंत्र' रचा गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हमने देखा कि कैसे करोड़ो प्रवासी मज़दूर पलायन करने पर मजबूर हुए और सरकार चुपचाप देखती रही. लेकिन साफ़ सच्चाई तो ये है कि जिस प्रधानमंत्री ने 21 दिनों के भीतर कोरोना हराने की बात कही थी, अब उन्होंने जनता के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों का त्याग कर दिया है."

सोनिया गाँधी ने कहा कि सरकार के पास महामारी से लड़ने का न कोई प्लान है और न कोई हल.

कांग्रेस पार्टी, ख़ासकर राहुल गाँधी उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले, भारत-चीन सीमा विवाद और नए कृषि क़ानूनों को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं.

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