मोदी के नाम का बीजेपी के साथ खड़े हर दल को फ़ायदा मिलेगा: देवेंद्र फडणवीस - बिहार चुनाव की बड़ी ख़बरें

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रभारी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को बयान दिया कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में लोगों के विश्वास का ना सिर्फ़ बीजेपी को, बल्कि हमारे सहयोगी दलों को भी फ़ायदा मिलेगा."

प्रेस से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, "बिहार के लोगों में ग़जब का जोश है. जहाँ भी हम जाते हैं और पीएम मोदी का नाम लेते हैं, वहाँ लोगों में जोश देखने लायक होता है. लोगों की पीएम मोदी में भारी निष्ठा है. वो उन पर विश्वास करते हैं. बिहार चुनाव में इससे सिर्फ़ हमारी पार्टी को नहीं, बल्कि हमारे सहयोगियों को भी फ़ायदा होगा."

बिहार चुनाव के लिए बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन हुआ है. बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 121 बीजेपी और 122 जेडीयू के पास हैं. जेडीयू ने आपसी सहमति के बाद, अपने खाते से जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) को कुछ सीटें दी हैं.

वहीं, बीजेपी ने इस सप्ताह की शुरुआत में विकासशील किसान पार्टी (वीआईपी) को एनडीए में शामिल करने की घोषणा के बाद, अपने खाते से 11 सीटें दी हैं.

इन चारों पार्टियों का इस चुनाव में गठबंधन है. फडणवीस के अनुसार, चारों पार्टियों को पीएम मोदी के नाम का फ़ायदा मिलने वाला है.

पीएम धर्मसंकट में ना पड़ें, चाहें तो मेरे ख़िलाफ़ बोलें: चिराग पासवान

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होने के बाद चुनावी मैदान में उतरी लोक जनशक्ति पार्टी पर लगातार हमले हो रहे हैं.

एक तरफ पार्टी को वोटकटवा कहा जा रहा है तो दूसरी तरफ बीजेपी के साथ गठजोड़ के आरोप भी लगे हैं. इसकी वजह है कि चिराग पासवान एनडीए से अलग होने पर भी लगातार पीएम मोदी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर कर रहे हैं.

ऐसे में बिहार चुनाव में लोजपा की भूमिका को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं.

अब लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने भाजपा और अपने संबंधों को लेकर रविवार को ट्विटर पर कई पोस्ट किए.

उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से प्रधानमंत्री जी किसी धर्मसंकट में पड़ें. वो अपना गठबंधन धर्म निभाएं. मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहें."

"मेरे और प्रधानमंत्री जी के रिश्ते कैसे हैं मुझे यह दिखाने की ज़रूरत नहीं है. पापा जब अस्पताल में थे तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता."

चिराग पासवान ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधा, जिनके नेतृत्व में बिहार में चुनाव लड़ने की बात बीजेपी लगातार कर रही है.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए कि वो मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधन का अपना धर्म निभा रहे हैं और हर दिन उन्हें प्रमाणपत्र देते हैं की वे चिराग के साथ नहीं है.

उन्होंने कहा, "आदरणीय नीतीश कुमार जी ने प्रचार का पूरा ज़ोर मेरे और प्रधानमंत्री जी के बीच दूरी दिखाने में लगा रखा है. बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री जी हर रोज़ मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे है."

इससे पहले भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने एलजेपी को वोटकटवा पार्टी बताते हुए कहा था कि चिराग पासवान बीजेपी के नेताओं का नाम लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिशें कर रहे हैं.

चिराग पासवान ने इस बयान पर निराशा ज़ाहिर करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी बीस साल पुरानी है और उसकी अपनी विचारधारा है.

लोजपा बिहार में एनडीए गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ रही है. हालांकि लोजपा केंद्र में अभी भी एनडीए के साथ ही है. चिराग पासवान एक ओर बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं वहीं, दूसरी ओर वहीं प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ कर रहे हैं.

तेजस्वी यादव का नीतीश पर हमला

चुनाव नज़दीक आने के साथ ही राजद नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव भी लगातार नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट करते हुए नीतीश कुमार पर जनता की सेवा की बजाए सिर्फ़ सीएम कुर्सी पर ध्यान देने का आरोप लगाया.

तेजस्वी यादव ने लिखा, "आदरणीय नीतीश कुमार जी थक चुके हैं. येन केन प्रकारेण कुर्सी से चिपक कर उम्र बिताने के सिवाय उनके जीवन का अब कोई ध्येय नहीं है. उन्हें युवाओं, किसानों, मज़दूरों, छात्रों, महिलाओं और ग़रीबों की कोई चिंता नहीं है. वो कुर्सी को ही प्रथम और अंतिम सत्य मान चुके है."

उन्होंने जदयू-भाजपा के गठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि सत्ता के लालच में नीतीश-भाजपा ने बिहार की दो पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया है. सीएम की ग़लत नीतियों और निर्णयों की वजह से आज बिहार बेरोजगारी का मुख्य केंद्र बन चुका है. करोड़ों युवाओं का जीवन अंधकारमय है.

बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में चुनाव होना है. 28 अक्टूबर, तीन और सात नवंबर को मतदान होगा और 10 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.

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