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उद्धव ठाकरे का राज्यपाल कोश्यारी को जवाब, मेरे हिंदुत्व को आपके सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को एक पत्र के जवाब में लिखा है, "मेरे हिंदुत्व को आपके सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है."
ठाकरे ने ऐसा राज्यपाल के उस पत्र के जवाब में लिखा जिसमें उन्होंने पूछा था कि राज्य में मंदिर क्यों नहीं खोले जा रहे.
मंदिरों को खोलेने को लेकर प्रतिबंध बढ़ाएं जाने पर राज्यपाल ने पत्र लिखकर पूछा था, "क्या आपने हिंदुत्व छोड़ दिया है और धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं?"
ठाकरे ने लिखा कि उनके हिंदुत्व को राज्यपाल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है.
मंदिर खोलने को लेकर राजनीति
राज्य में मंदिरों को खोलने को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है. बीजेपी समेत कुछ और पार्टियां मंदिरों को खोलने की मांग कर रही हैं.
हालांकि राज्य सरकार ने कोरोना को देखते हुए अभी इसपर कोई फ़ैसला नहीं लिया है.
अब इसे लेकर राज्यपाल औऱ मुख्यमंत्री के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है.
राज्यपाल की चिट्ठी
12 अक्तूबर को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंदिर खोलने पर लगे बैन को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी.
चिट्ठी में उन्होंने सावधानी बरतते हुए राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने का आग्रह किया.
उन्होंने लिखा, "1 जून को आपने टीवी पर दिए भाषण में एलान किया था कि राज्य 'मिशन स्टार्ट अगेन' की शुरुआत कर रहा है. लेकिन, दुर्भाग्य से सार्वजनिक रूप से ये बोलने के बाद भी आपने राज्य में सभाओं को बंद रखा. ये विडंबना है कि एक तरफ़ राज्य में बार, होटल और समुद्री तटों को खोलने की अनुमति दे दी गई है, दूसरी तरफ राज्य के देवी-देवता अभी भी लॉकडाउन में हैं."
"पिछले तीन महीनों में मुझसे कई प्रतिनिधिमंडल मिले,जिन्होंने धार्मिक स्थलों को खोलने की मांग की है. इनमें धार्मिक नेता, दूसरे लोग और राजनीतिक नेता और एनजीओ शामिल हैं."
"आप हमेशा ही हिंदुत्व की आवाज़ रहे हैं. आपने मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या में राम मंदिर जाकर अपनी श्रद्धा का परिचय दिया था. मैं सोच रहा हूं कि क्या आपको दिव्य ज्ञान मिला है जिस कारण से आप धार्मिक स्थलों को खोलने की सीमा बढ़ाते जा रहे हैं, और क्या आप अचानक से खुद भी 'सेक्युलर' हो गए है, वो एक शब्द जिससे आप नफ़रत करते थे."
उद्धव का जवाब
पत्र का जवाब देते हुए उद्धव ने लिखा, "मेरे हिंदुत्व को आपके प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है... क्या आप अचानक से खुद भी 'सेक्युलर' हो गए हैं, आपको ऐसा सवाल क्यों पूछना है? क्या यह आपको स्वीकार्य नहीं है?"
"यही नहीं, मुझे इस संकट से लड़ते समय कुछ दिव्य ज्ञान ज़रूर मिला है...देश की परिस्थिति को देखते हुए, मैं महाराष्ट्र में हर संभव कोशिश कर रहा हू."
बीजेपी की भूमिका पर सवाल
अपनी चिट्ठी में उद्धव ने बिना नाम लिए बीजेपी नेताओं पर भी सवाल उठाए. राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी के साथ तीन पत्र भी भेजे थे.
उद्धव ने लिखा, "आपने लिखा कि पिछले तीन महीनों में कुछ डेलीगेशन ने आपसे मुलाकात की और धार्मिक स्थलों को खोलने का आग्रह किया. आपने तीन चिट्ठियां भेजी हैं, ये तीनो बीजेपी के पदाधिकारी या समर्थकों की है. ये एक इत्तेफ़ाक हो सकता है."
बार होटल बंद करें, मंदिर खोले - बीजेपी
राज्यपाल को लिखे पत्र पर टिप्पणी करते हुए, बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कहा, "उद्धव जी, हमारा एकमात्र अनुरोध है कि हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे के हिंदुत्व का पालन करें. अगर आज बाला साहब ठाकरे होते, तो बार शुरू होने से पहले मंदिर शुरू हो गए होते."
उन्होंने कहा, "झूठे भ्रम पैदा करना बंद करें कि कोरोना केवल मंदिरों की वजह से बढ़ रहा है. मंदिरों के बंद होने के बावजूद महाराष्ट्र कोरोना की राजधानी बन गया."
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