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कंगना के मामले में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने रविवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिये प्रदेश की जनता को संबोधित किया और महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति पर विशेष रूप से बात की.
कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के मद्देनज़र बहुत से लोगों को यह उम्मीद थी कि वे उस बारे में कुछ बोलेंगे, मगर कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत में ही ठाकरे ने यह साफ़ कर दिया कि 'राज्य में चल रही राजनीति पर वे अभी नहीं, बाद में बात करेंगे.'
उन्होंने कॉन्फ़्रेंस में कंगना का नाम लिए बगैर कहा, 'मेरी ख़ामोशी को, मेरी कमज़ोरी न समझा जाए. मैं चुप हूँ, इसका मतलब ये नहीं कि मेरे पास जवाब नहीं है.'
उन्होंने कहा 'इस तरह के राजनीतिक तूफ़ान आते रहेंगे और वे उनका सामना करने में सक्षम हैं.'
पिछले दिनों बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच जमकर उठा-पटक देखने को मिली है.
9 सितंबर को जब बीएमसी ने कंगना के दफ़्तर (बंगले) पर कार्रवाई की, तो कंगना ने सीधे तौर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी की थी.
उन्होंने उद्धव पर 'हमला करते' हुए कहा, 'आज मेरा घर टूटा है, कल तेरा (उद्धव) घमंड टूटेगा.'
हालांकि बाद में कंगना बीएमसी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाई कोर्ट गईं जिसके बाद कार्रवाई पर रोक लगा दी गई.
इसके बाद कंगना ने कहा, 'तुम्हारे पिताजी के अच्छे कर्म तुम्हें दौलत तो दे सकते हैं. मगर इज्ज़त तुम्हें ख़ुद कमानी पड़ती है. तुम कुछ नहीं हो, सिर्फ़ वंशवाद का एक नमूना हो.'
हालांकि की महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ पार्टी शिवसेना कंगना रनौत को जवाब देती रही है. पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कंगना के लिए असंसदीय शब्दावली का प्रयोग किया.
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय के ज़रिये कंगना रनौत को निशाने पर लिया गया. इस लेख में कंगना को देशद्रोही, बेईमान और मानसिक रूप से विकृत बताया गया.
पार्टी ने कंगना के मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर भी टिप्पणी की.
कहा गया कि 'जिसने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर से मुंबई शहर की तुलना कर उसका अपमान किया, उसे सुरक्षा मुहैया कराने का गृह मंत्रालय का निर्णय बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.'
शिवसेना ने अपने मुखपत्र में यह भी लिखा कि मुंबई शहर का अपमान मुंबई की देवी - मुम्बा देवी का अपमान करने जैसा है.
उद्धव ने और क्या-क्या कहा?
बहरहाल, रविवार को सीएम ठाकरे ने इन सभी बातों को एक ओर रखते हुए अपने संबोधन को कोरोना महामारी और प्रदेश सरकार की चुनौतियों पर केंद्रित रखा.
ठाकरे ने कहा,'पिछले चार महीनों में हमने बेड और इलाज सामग्री की संख्या बढ़ाई है. सभी धर्म के लोगों ने सामाजिक ज़िम्मेदारी का पालन करते हुए अपने त्योहार मनाये. सबका धन्यवाद. धीरे-धीरे सब शुरू हो रहा है. पर ध्यान रखें कि कोरोना अब तक लगातार बढ़ ही रहा है. हो सकता है कि ये कुछ दिन और बढ़े. इसलिए सावधानी बरतें. मास्क पहनें. महाराष्ट्र को सुरक्षित रखना हमारी ज़िम्मेदारी है."
मेरा परिवार, मेरी जवाबदारी
ठाकरे ने यह भी कहा कि वे राज्य में एक मुहिम शुरू कर रहे हैं. इस मुहिम का नाम 'मेरा परिवार, मेरी जवाबदारी' होगा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का हर व्यक्ति अपनी जाति, धर्म और क्षेत्र भूलकर राज्य की इस मुहिम में शामिल हो.
अपने काम गिनाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'साढ़े 29 लाख किसानों का कर्ज़ माफ़ किया गया है.'
मराठा आरक्षण पर उद्धव ठाकरे ने बताया कि 'देवेंद्र फडणवीस से फ़ोन पर उनकी बातचीत हुई है और फडणवीस मराठा आरक्षण के मुद्दे पर साथ हैं.'
यह बताते हुए ठाकरे ने लोगों से अपील की कि 'इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर मत उतरिये. सरकार आपकी है. आपकी बात कोर्ट के सामने रखी जाएगी.'
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