नए कृषि क़ानूनों को राजद सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती - आज की बड़ी ख़बरें

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आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में नए कृषि कानूनों को चुनौती दी है.
मनोज झा ने संसद में हाल ही में पारित उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) क़ानून 2020, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) क़ीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर क़रार क़ानून, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) क़ानून, 2020 को 'भेदभावपूर्ण और मनमाने तरीके से किया' कृत्य बताया है.
उनकी दलील है कि इन क़ानूनों की वजह से हाशिए पर पड़े किसान बड़े पूंजीपतियों के शोषण के शिकार होंगे.
दोनों सदनों में पारित होने के बाद 27 सितंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद ये तीनों विधेयक क़ानून के रूप में अस्तित्व में आ चुके हैं.
इन तीनों क़ानूनों के ख़िलाफ़ इससे पहले कांग्रेस के केरल के सांसद टीएन प्रथापन और तमिलनाडु में डीएमके के सांसद त्रिची शिवा सुप्रीम कोर्ट में जा चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि ये क़ानून खेती-किसानी को किसानों के हाथ से लेकर कॉरपोरेट के हाथ में दे देगा और फिर किसानों के शोषण का दौर शुरू हो जाएगा.

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जेम्स बॉन्ड सिरीज की नई फिल्म की रिलीज की तारीख फिर से बढ़ा दी गई है. जेम्स बॉन्ड की नई फिल्म का नाम है 'नो टाइम टू डाइ'.
रिलीज की तारीख पहले ही अप्रैल से बदल कर नवंबर में कर दी गई थी लेकिन अब इसकी तारीख नवंबर के बदले 2 अप्रैल 2021 तक के लिए बढ़ा दी गई है.
इस फिल्म की वेबसाइट पर लिखे एक बयान में लिखा है, "हम समझ सकते हैं कि इस देरी की वजह से प्रशंसकों को काफी निराशा हुई होगी लेकिन 'नो टाइम टू डाइ' अब अगले साल रिलीज होगी."
यह जेम्स बॉन्ड का किरदार निभाने वाले डेनियल क्रेग की इस सिरीज की आख़िरी फिल्म होने वाली है.
जेम्स बॉन्ड सिरीज की आख़िरी फिल्म स्पेक्टर 2015 में रिलीज हुई थी. इसने दुनिया भर में 900 मिलियन डॉलर की बॉक्स ऑफिस कमाई की थी.

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भारत ने शनिवार को ओडिशा के बालासोर में परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल 'शौर्य' के नये संस्करण का सफल परीक्षण किया.
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा है कि ये नई मिसाइल क़रीब एक हज़ार किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर निशाना लगा सकती है.
भारत ने यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया है, जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ उसका सीमा विवाद जारी है.
बताया गया है कि नई मिसाइल पहले से हल्की है और आसानी से चलाई जा सकती है. शौर्य मिसाइल - ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल है जो अपने साथ 200 किलो से एक हज़ार किलोग्राम तक परमाणु पेलोड ले जा सकती है.
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रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस परीक्षण की सफलता का वर्णन करते हुए कहा कि मिसाइल ने उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन किया. परीक्षण के लिए बंगाल की खाड़ी में जो लक्ष्य तय किया गया था, उसने बहुत ही सटीक ढंग से उसे निशाना बनाया.
डीआरडीओ के अधिकारी शौर्य मिसाइल को दुनिया की दस सबसे बढ़िया मिसाइलों में से एक मानते हैं.
रक्षा मंत्रालय के सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि 'शौर्य मिसाइल इतनी तेज़ है कि इसे सैटेलाइट इमेजिंग के ज़रिये भी पकड़ा नहीं जा सकता.'

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत क़त्ल का मामला नहीं: एम्स की रिपोर्ट
एम्स के फॉरेंसिंक मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को हत्या नहीं बताया है.
एम्स के फॉरेंसिंक बोर्ड के प्रमुख डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने बीबीसी संवाददाता सलमान रावी को बताया, "हमने अपनी रिपोर्ट का निष्कर्ष सौंप दिया है. यह फंदे से लटक कर हुई आत्महत्या का मामला है. फंदे से लटकने के अलावा शरीर पर कोई जख्म मौजूद नहीं था. मृतक के शरीर या कपड़ों पर किसी तरह के झड़प या संघर्ष के निशान मौजूद नहीं है."
एम्स का यह फॉरेंसिंक मेडिकल बोर्ड सुशांत के मामले की जांच के लिए बनाई गई दी जिसमें सात डॉक्टर शामिल थे.
बोर्ड ने अपने निष्कर्षों से सीबीआई को अवगत करा दिया है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच सीबीआई कर रही है.
डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने आगे यह भी बताया कि बॉम्बे फॉरेंसिंक साइंस लैब और एम्स टॉक्सीलॉजी लैब ने अपनी जांच में किसी तरह के नशीले पदार्थ की मौजूदगी भी नहीं पाई है.
हालांकि मेडिकल बोर्ड ने मामले के विचाराधीन होने की वजह से विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराने से मना कर दिया है.
14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने घर में मृत पाए गए थे.

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भारत में मौतों का आंकड़ा एक लाख के पार
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या एक लाख से ज़्यादा हो गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में 79,476 मामले सामने आए और इसी के साथ संक्रमण के कुल मामले 64 लाख 73 हज़ार के करीब पहुँच गए.
अब तक 54 लाख से ज़्यादा लोग इलाज के बाद ठीक भी हो चुके हैं.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के अनुसार शुक्रवार तक कोरोना के 7,78,50,403 सैंपल जाँचे जा चुके हैं. शुक्रवार को 11,32,675 सैंपल जाँचे गए थे.
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि कोरोना के मामलों में बढ़त, टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने की वजह से भी हुई है.

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मौतों के मामले में तीसरे नंबर पर भारत
कोविड-19 संक्रमण से मौतों का आँकड़ा एक लाख के पार पहुँचने के साथ ही भारत कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में भी दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुँच गया. भारत से पहले अब सिर्फ़ अमरीका और ब्राज़ील ही हैं.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के अनुसार कोरोना संक्रमण के कुल मामले फ़िलहाल अमरीका में सबसे ज़्यादा हैं और दूसरे स्थान पर भारत है.
इन आँकड़ों के अनुसार दुनिया भर में अब तक कोरोना की वजह से कुल 10,26,756 लोगों की मौत हो चुकी है.
भारत में सितंबर महीने में कोविड-19 के मामलों में तेज़ी से बढ़त दर्ज की गई. सरकारी आँकड़ो के अनुसार देश में कोरोना के कुल मामलों का 40 फ़ीसदी हिस्सा अकेले सितंबर में आया.
सितंबर महीने में 28 सितंबर के अलावा बाकी सभी दिन कोरोना संक्रमण के 1,000 से ज़्यादा मामले आए हैं.
महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में से हैं.
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