सऊदी अरब एक जनवरी के बाद हटाएगा अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध - आज की बड़ी ख़बरें

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सऊदी अरब मंगलवार से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे यात्रा प्रतिबंध में आंशिक छूट देगा, जिसके तहत कुछ ख़ास परिस्थितियों में सीमित संख्या में लोगों को अनुमति दी जाएगी.
अरब न्यूज़ की ख़बर के मुताबिक़, देश के गृह मंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर लागू प्रतिबंधों को अगले साल एक जनवरी के बाद पूरी तरह हटा दिया जाएगी.
लोगों को ज़मीन, समंदर और सीमा से आने-जाने की अनुमति दी जाएगी.
प्रतिबंध हटाने की तारीख़ का ऐलान साल ख़त्म होने से 30 दिन पहले किया जाएगा और स्वास्थ्य मंत्रालय यात्रियों और ट्रांसपोर्ट प्रोवाइडर के लिए सुरक्षा नियम तय करेंगे. साथ ही एयरपोर्ट, बंदरगाह और स्टेशनों के लिए भी नियम तय किए जाएंगे.
स्थिति को देखते हुए उमरा करने पर अनुमति देने की योजना की भी घोषणा की जाएगी.
अरब न्यूज़ की ख़बर के मुताबिक़, सऊदी अरब ने रविवार को घोषणा करते हुए कहा कि सऊदी अरब में क़रीब 93 फ़ीसदी मरीज़ ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से जारी ख़बर के मुताबिक़, सऊदी अरब के कुल 3,25,651 संक्रमितों में से 3,02,870 संक्रमित ठीक हो चुके हैं.
डॉ. हर्षवर्धन कोरोना वैक्सीन का पहला डोज़ लेने के लिए तैयार!

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को कोरोना वायरस से जुड़े सवालों पर लोगों के साथ 'संडे संवाद' किया. कोरोना वायरस संक्रमण पर देश की जनता से सीधे बात करने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. रविवार को इस संवाद का पहला एपिसोड था.
एक घंटे से ज़्यादा देर चले इस डिजीटल संवाद कार्यक्रम में डॉ. हर्षवर्धन ने कई लोगों के सवालों के जवाब दिये.
ज़्यादातर सवाल वैक्सीन से जुड़े हुए ही थे.
सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में वैक्सीन पर काम हो रहा है. कौन सी वैक्सीन सबसे अच्छी और कारगर साबित होगी, ये नहीं कहा जा सकता है.
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि देश में कोविड वैक्सीन जारी करने की कोई तारीख़ निर्धारित नहीं की गई है.
हालांकिउन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन अगले साल की पहली तिमाही में तैयार हो सकती है.

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संवाद के दौरान एक सवाल यह भी पूछा गया कि क्या अगर वैक्सीन आ जाएगी तो आपको इतना भरोसा है कि आप ख़ुद इसे लगवाएंगे?
यह सवाल आकांक्षा और जैस्मीन ने किया था.
इस सवाल के जवाब में डॉ. हर्षवर्धन ने जवाब देते हुए कहा कि इस प्रश्न के दो पहलू हैं.
उन्होंने कहा, "पहला तो यह कि जो भी वैक्सीन उपलब्ध होगी वो पूरी तरह से सुरक्षित होगी या नहीं. अगर आपके मन में यह शक है तो उस शक को दूर करने के लिए, विश्वास को और मज़बूत करने के लिए अगर भारत के स्वस्थ्य मंत्री को सबसे पहले वैक्सीन लगवानी होगी तो मैं (डॉ. हर्षवर्धन) ख़ुद सबसे पहले वैक्सीन लगवाऊंगा."
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डॉ. हर्षवर्धन ने इसी सवाल के जवाब को आगे जारी रखते हुए कहा कि मेरा एक मत यह भी है कि वैक्सीन जब भी उपलब्ध होगी तो सबसे पहले उन लोगों को वैक्सीन मिलनी चाहिए जिन्हें देश में सबसे अधिक इसकी ज़रूरत होगी.
"सबसे पहले वैक्सीन उन लोगों को लगनी चाहिए, जिन्हें इसकी सबसे अधिक ज़रूरत है."
कंगना रनौत ने की राज्यपाल कोश्यारी से मुलाक़ात, क्या हुई बात

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फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राजभवन में मुलाक़ात की. उनके साथ उनकी बहन रंगोली भी मौजूद थीं.
मुलाक़ात क़रीब आधे घंटे से अधिक समय तक चली.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कंगना ने मुलाक़ात के बारे में कहा, "मैंने आज राज्यपाल कोश्यारी से मुलाक़ात करके अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में बताया. वो यहां हम सभी के अभिभावक हैं. जिस तरह से मेरे साथ सुलूक हुआ है मैंने उन्हें उस बारे में विस्तार से बताया. मुझे उम्मीद है कि मुझे इंसाफ़ मिलेगा. ताकि हमारे देश के लोगों का ख़ासतौर पर हमारे देश की लड़कियों का भरोसा सिस्टम पर और मज़बूत हो."
कंगना ने कहा "मैं कोई राजनेता तो हूं नहीं और मेरा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं. मैं एक आम नागरिक हूं जिसने इस शहर से एक बहुत छोटे स्तर से शुरुआत की. और इस शहर ने मुझे बहुत कुछ दिया लेकिन आज अचानक से जैसा व्यवहार मेरे साथ हो रहा है मैंने उन्हें वही बताया और मैं धन्यवाद कहूंगी कि उन्होंने एक बेटी की तरह मुझे सुना."
महाराष्ट्र में कंगना रनौत और शिवसेना के बीच क़रीब हफ़्ते भर से तकरार जारी है. ट्विटर से शुरू हुई ये तकरार अब बयानबाज़ी और कोर्ट तक आ पहुंची है. इस बीच बीएमसी ने बुधवार को कंगना के पाली हिल स्थित दफ़्तर को अवैध निर्माण करार देते हुए तोड़ दिया था.

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एक ओर जहां कंगना इसे शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई बता रही हैं वहीं इस मामले में शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि कंगना के दफ़्तर को लेकर हुई कार्रवाई से शिवसेना का कोई नाता नहीं है.
गुरुवार को संजय राउत ने कहा कि "कंगना रनौत के ख़िलाफ़ जो कार्रवाई की गई है वो मुंबई महानगरपालिका ने की है, इसका शिवसेना से कोई नाता नहीं है. इसके बारे में जानकारी के महानगरपालिका कमिश्नर या मुंबई के मेयर से बात की जानी चाहिए."
बीएमसी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ कंगना ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना रनौत का बंगला (दफ़्तर) तोड़े जाने के मामले में बीएमसी की कड़ी आलोचना करते हुए, मामले पर स्टे लगा दिया है.
अदालत ने कहा है कि 'बीएमसी की यह कार्रवाई उचित नहीं, बल्कि दुर्भावनापूर्ण लगती है.'
अदालन ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि 'अगर बीएमसी बाकी अनाधिकृत निर्माण मामलों में इतनी ही तेज़ी से कार्रवाई करती तो मुंबई शहर रहने के लिए एक बिल्कुल अलग और बेहतरीन शहर होता.'
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वहीं, बीएमसी के वकील जोएल कार्लोस ने अपनी दलील ने कहा कि 'कंगना ख़ुद मानती हैं कि उनका बंगला रिहायशी इलाक़े में है, लेकिन उन्होंने बंगले में ही अपना दफ़्तर बना रखा है.'
इस पर अदालत ने कहा कि फ़िलहाल यथास्थिति बरक़रार रहेगी. इस दौरान बीएमसी ना वहाँ कोई कार्रवाई करेगी और न ही कंगना की ओर से टूटी हुई पाइपलाइन और अन्य चीज़ों की मरम्मत कराई जाएगी.
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख़ तय की है.
अमित शाह के भर्ती होने पर एम्स ने जारी किया बयान

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गृह मंत्री अमित शाह को शनिवार देर शाम दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
पिछले महीने वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुए थे.
बाद में जब उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन थकान और बदन दर्द की शिकायत होने के बाद वे फिर एम्स में भर्ती हुए थे.
एम्स के मीडिया विभाग ने बयान जारी किया है, "गृह मंत्री अमित शाह को कोविड केयर के बाद 30 अगस्त को एम्स से छुट्टी दी गई थी. डिस्चार्ज के वक़्त उन्हें सलाह दी गई थी और उसी के मुताबिक़ संसद सत्र के पहले संपूर्ण मेडिकल चेकअप के लिए उन्हें एक-दो दिन तक अस्पताल में भर्ती किया गया है."
हालांकि इससे पहले उनके क़रीबी दोस्तों ने बीबीसी को बताया था कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ के चलते एम्स में भर्ती करवाया गया है.
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