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भारत में भी रखा है 700 टन अमोनियम नाइट्रेट, पर कहाँ और कैसे?
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
अमोनियम नाइट्रेट, वो केमिकल जिसने लेबनान की राजधानी बेरूत में 150 से ज़्यादा लोगों की जान ली और 5000 से ज़्यादा लोगों को घायल कर दिया, पिछले पाँच साल से चेन्नई के बंदरगाह पर पड़ा हुआ है, और दो-तीन किलो नहीं बल्कि 740 टन अमोनियम नाइट्रेट यहाँ रखा है.
कस्टम विभाग ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि चेन्नई से 20 किलोमीटर दूर मनाली के कंटेनर फ़्रेट स्टेशन (सीएफ़एस) में अमोनियम नाइट्रेट रखा हुआ है.
आयात के नियमों का उल्लंघन करने के कारण साल 2015 में ये माल पकड़ा गया था और तब से ये वहीं पड़ा हुआ है.कस्टम विभाग ने अपने बयान में कहा है, "ज़ब्त किया गया कार्गो सुरक्षित जगह पर रखा हुआ है और उसके ख़तरनाक होने के कारण कार्गो और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है. ये संबंधित सीएफ़एस चेन्नई शहर से 20 किलोमीटर दूर है उसके दो किलोमीटर के दायरे में कोई भी रिहाइशी इलाक़ा नहीं है."
पीएमके नेता ने उठाए सवाल
कस्टम विभाग के संयुक्त आयुक्त समय मुरली को ये बयान इसलिए देना पड़ा क्योंकि पीएमके पार्टी के नेता एस रामदौस ने चेन्नई बंदरगाह पर ख़तरनाक केमिकल के रखे होने की बात ट्विटर के ज़रिए उठाई थी.
पीएमके नेता एस रामदौस पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदौस के पिता है. वाजपेयी कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए रामदौस ने सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीने को बैन कर दिया था.
पीएमके नेता ने ट्वीट कर कहा, "चेन्नई बंदरगाह के एक वेयरहाउस में 740 टन अमोनियम नाइट्रेट के पिछले पाँच साल से रखे रहने की ख़बर बहुत चौंकाने वाली है. लेबनान में अब तक के सबसे बड़े धमाके का कारण यही केमिकल पदार्थ था."
बेरूत में जो धमाका हुआ वहां चेन्नई बंदरगाह पर रखे केमिकल से तीन गुना ज़्यादा मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट रखा था.
ये केमिकल फ़र्टिलाइज़र इंडस्ट्री के अलावा विस्फोट के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.
डॉक्टर रामदौस ने दूसरे ट्वीट में लिखा, "चेन्नई वेयरहाउस में अमोनियम नाइट्रेट रखे होने से दूसरे विस्फोट की आशंका है. इसको बचाने के लिए उसे सुरक्षित वहां से हटा लिया जाए और कम्पोस्टिंग जैसे दूसरे कामों में इसका इस्तेमाल कर लिया जाए."
कस्टम विभाग के अधिकारी ने मीडिया से कोई बात नहीं की, लेकिन अपने बयान में कहा, "सीएफ़एस के ज़रिए सुरक्षा के सभी ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कस्टम विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा है. इसके अलावा कस्टम विभाग इस केमिकल पदार्थ को वहां से हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई कर रहा है."
"इसके लिए ई-ऑक्शन किया भी जा चुका है. सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए बहुत जल्दी ही वहां से सभी केमिकल पदार्थों को हटा दिया जाएगा."
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