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बेरुत धमाका: धमाके के बाद लेबनान में एक महीने से भी कम के अनाज बचे
लेबनान की राजधानी बेरुत में मंगलवार शाम हुए विनाशकारी धमाके में अब तक 135 लोगों की जान जा चुकी है और 4000 से ज़्यादा लोग ज़ख़्मी हुए हैं.
राहत बचावकर्मी अब भी मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. धमाके में लेबनान का मुख्य अन्नागार भी बर्बाद हो गया है. इस तबाही के बाद लेबनान के पास एक महीने से भी कम का सुरक्षित अनाज बचा है.
बुधवार को लेबनान के वित्त मंत्री राउल नेह्मे ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि इस धमाके बाद लेबनान के पास एक महीने से भी कम के सुरक्षित अनाज बचे हैं लेकिन आटा पर्याप्त है इसलिए संकट से बचा जा सकता है.
वित्त मंत्री ने कहा कि कम से कम तीन महीने के सुरक्षित अनाज होने चाहिए. धमाके के पहले से ही लेबनान आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अनाज आयात करने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि धमाके में तबाह हुए अनाज गोदामों में कम से कम 15 हज़ार टन अनाज की बर्बादी हुई है हालांकि इनकी क्षमता एक लाख 20 हज़ार टन की है.
लेबनान ज़्यादातर खाद्य सामग्री आयात करता है और अनाज का बड़ा हिस्सा पोर्ट पर स्टोर करके रखा जाता है. लेकिन धमाके में ये स्टोर किए अनाज भी पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं. लेबनान खाद्य संकट के मुहाने पर खड़ा है.
बेरुत में हुए धमाके की अहम बातें जानिए-
क्या हुआ?
मंगलवार की शाम शुरू में बेरुत के तटीय इलाक़े में धमाके की ख़बर आई. चश्मदीदों का कहना है कि इसके बाद आग लगी और छोटे धमाके हुए, जिनकी आवाज़ पटाखे की तरह थी.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहा है कि सफ़ेद धुएं के गुबार एक गोदाम से उठ रहे हैं. पास में ही एक अनाज का गोदाम था. इसके ठीक पहले एक विनाशकारी धमाका हुआ था और ये इतना ज़ोरदार था कि पूरे शहर में आग की लपटें और धुएं के गुबार फैल गए.
दूसरा धमाका पोर्ट के कऱीब की इमारतों के पास हुआ और इसका असर पूरे बेरुत शहर पर पड़ा. बेरुत 20 लाख लोगों का घर है. देखते ही देखते अस्पताल पीड़ितों से भर गए. लेबनानी रेडक्रॉस के प्रमुख जॉर्ज केटैनी ने कहा, ''हमलोग विनाशकारी मंजर के गवाह बने. चारों तरफ़ ज़ख़्म और तबाही का आलम था.''
धमाका कितना शक्तिशाली था?
विशेषज्ञों को धमाकों के आकार के बारे में पता नहीं चल पाया है लेकिन यह इतना ज़ोरदार था कि जहां धमाका हुआ वहां से 9 किलोमीटर दूर बेरुत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शीशे टूटने लगे.
वहां से 200 किलोमीटर दूर साइप्रस में धमाके की गूंज सुनाई पड़ी. अमरीका के भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि यह धमाका 3.3 मैग्निट्यूड के भूकंप के बराबर था.
धमाके की वजह क्या है?
लेबनान के राष्ट्रपति माइकल इयोन का कहना है कि पोर्ट पर एक गोदाम में 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट असुरक्षित तरीक़े से रखा हुआ था. इस धमाके लिए राष्ट्रपति इयोन ने इसी अमोनियम नाइट्रेट को ज़िम्मेदार ठहराया है. इसी मात्रा में 2013 में एक पोत से केमिकल जब्त किया गया था. अमोनियम नाइट्रेट क्रिस्टल की तरह होता है.
सामान्य तौर पर इसका इस्तेमाल नाइट्रोजन के रूप में खेती में उर्वरक के लिए होता है. लेकिन इसका इस्तेमाल ईंधन तेल के साथ विस्फोटक बनाने में भी किया जाता है. यह खनन और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में काम आता है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि बेरुत धमाका किसी भयावह हमले का नतीजा है. लेकिन अमरीकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है कि हमले की आशंका के पक्ष में कोई ठोस तर्क नहीं है. शुरुआती जाँच में यही पता चला है कि धमाका लापरवाही का नतीजा है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमोनियम नाइट्रेट को ठीक से रखा जाए तो यह बाक़ी केमिकलों की तुलना में सुरक्षित है. हालांकि बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट लंबे समय तक रखा जाता है तो इसमें विघटन शुरू हो जाता है और आगे चलकर विस्फोटक साबित होता है.
ईंधन तेल के साथ मिलने के बाद ऊष्मा पैदा होती है और आख़िरकार विस्फोट तक पहुंच जाता है. अमोनियम नाइट्रेट से अक्सर दुनिया भर में जानलेवा औद्योगिक हादसे में हुए हैं.
आरोप किस पर है?
राष्ट्रपति इओन ने इस मामले की पारदर्शी जाँच का वादा किया है. दुर्घटना स्थल पर बुधवार को जाने के बाद उन्होंने कहा, ''हम इसकी तत्काल जाँच कराएंगे और पता लगाया जाएगा कि ये धमाके किन परिस्थितियों में हुए हैं. पूरे मामले में जिनकी भी लापरवाही सामने आएगी उन्हें सज़ा मिलेगी.''
प्रधानमंत्री हसन दिआब ने भी इस लापरवाही को अस्वीकार्य बताया है. पोर्ट के महाप्रबंधक हसन कोरयातम और लेबनानी कस्टम के महानिदेशक बाद्री दाहेर ने बुधवार को कहा कि अमोनियम नाइट्रेट को रखने के मामले में लापरवाही बरती गई है.
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