अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजा: मोदी बोले राम सबके हैं, ओवैसी बोले पीएम ने शपथ तोड़ी

नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राम सबके हैं, और सब राम के हैं.

मोदी ने ये बात बुधवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कही.

पहले से तय मुहुर्त के अनुसार मोदी ने दोपहर को ठीक 12 बजकर 44 मिनट और 15 सेकंड पर मंदिर की आधारशिला रखी.

भूमि पूजन कार्यक्रम में मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबने पटेल भी शामिल हुए.

उनके अलावा 36 प्रमुख परंपराओं के 135 पूज्य संत-महात्माओं एवं अन्य विशिष्ट व्यक्तियों' समेत क़रीब पौने दो सौ लोगों को आमंत्रण भेजा गया था.

निमंत्रण पाने वालों में बाबरी मस्जिद मामले के एक पैरोकार इक़बाल अंसारी और अयोध्यावासी पद्मश्री मोहम्मद शरीफ़ भी शामिल थे.

मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत जय सिया राम से की. उन्होंने कहा कि आज पूरा देश राममय हो गया है.

उन्होंने कहा कि सरयू के किनारे आज इतिहास दोहराया जा रहा है. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए चले आंदोलन को याद करते हुए मोदी ने कहा कि उस आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, और संकल्प भी था.

राम का सेंदश पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

मोदी ने कहा कि "आज का दिन सच्चाई, अहिंसा, विश्वास और बलिदान के दिन का प्रतीक है. हमें ये सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, राममंदिर का संदेश, हमारी हज़ारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे. कैसे हमारे ज्ञान, हमारी जीवन-दृष्टि से विश्व परिचित हो, ये हम सबकी, हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी है."

मोदी ने कहा कि राममंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा और मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा.

राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बताते हुए मोदी ने कहा, "भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए. इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं. श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं."

उन्होंने कहा कि इससे अयोध्या की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा. उनका कहना था, "भारत अयोध्या में सुनहरा अध्याय रच रहा है, मंदिर के साथ इतिहास खुद को दोहरा रहा है. भगवान राम दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया सहित दुनिया के विभिन्न देशों में आज भी पूजनीय हैं. राम मंदिर के निर्माण से समूचे अयोध्या क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में उछाल आएगा."

लोकतंत्र के चेहरे पर धब्बा: पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर राम मंदिर भूमिपूजन की निंदा की है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद जिस ज़मीन पर लगभग 500 वर्षों तक खड़ी रही, पाकिस्तान वहां 'राम मंदिर' निर्माण के शुरुआत की कड़ी निंदा करता है. मंदिर बनाने के लिए भारतीय सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले ने न सिर्फ़ मौजूदा भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद को दर्शाया है, बल्कि न्याय के ऊपर धर्म के प्रभुत्व को भी दिखाया है. आज के भारत में अल्पसंख्यक, ख़ासकर मुसलमानों के धर्मस्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. ऐतिहासिक मस्जिद की ज़मीन पर बना मंदिर तथाकथित भारतीय लोकतंत्र के चेहरे पर एक धब्बे की तरह होगा."

पीएम ने अपनी ही शपथ तोड़ी: ओवैसी

असद उद्दीन ओवैसी

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हैदराबाद से लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असद उद्दीन ने कहा है कि राम मंदिर की आधारशिला रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी ही शपथ का उल्लंघन किया है.

उन्होंने कहा, "आज लोकतंत्र की हार और हिंदुत्व की जीत का दिन है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वो आज भावुक हैं. प्रधानमंत्री जी, आज मैं भी भावुक हूं क्योंकि मैं नागरिकों की बराबरी और सबके साथ जीने में यक़ीन करता हूं. मैं भावुक हूं क्योंकि 450 वर्षों तक वहां एक मस्जिद थी."

बुधवार सुबह भी औवैसी ने ट्वीट कर कहा था, "बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशाअल्लाह!." उन्होंने अपने ट्वीट में #BabriZindaHai का भी इस्तेमाल किया.

मुसलमानों की एक संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक दिन पहले ही प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा था कि बाबरी मस्जिद हमेशा एक मस्जिद रहेगी.

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इस बयान को ट्वीट करते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने लिखा, "हागिया सोफ़िया हमारे लिए बड़ा उदाहरण है. अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक तरीक़े से ज़मीन पर अधिकार करना और बहुसंख्यक के तुष्टिकरण वाले फ़ैसले से इसका दर्जा बदला नहीं जा सकता. दिल तोड़ने की ज़रूरत नहीं. स्थितियाँ हमेशा के लिए एक जैसी नहीं रहती हैं."

योगी ने स्वागत किया

मोदी अयोध्या पहुंचे

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बुधवार की सुबह अयोध्या पहुंचने पर वायुसेना के विमान से उतरते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया. दोनों ने हाथ नहीं मिलाया बल्कि हाथ जोड़कर दूर से ही एक दूसरे का अभिवादन किया.

लेकिन मोदी के अयोध्या पहुंचने से पहले ही योगी ने एक ट्वीट के ज़रिए प्रधानमंत्री को इस तरह याद किया.

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मोदी ने आज परंपरागत धोती-कुर्ता पहन रखा था. मोदी का हेलिकॉप्टर जैसे ही अयोध्या पहुंचा, लोग उसे देखने के लिए छतों पर चढ़ गए. लोगों ने छतों पर भगवा झंडे लहराए और 'जय श्रीराम' के नारे लगाए.

अयोध्या पहुंचने के बाद सबसे पहले मोदी हनुमानगढ़ी गए. वहां पूजा की और उसके बाद राम जम्मभूमि के लिए रवाना हुए.

हनुमानगढ़ी से लेकर राम जन्मभूमि तक जाने वाले रास्ते को फूलों से सजाया गया था और रास्ते में पड़ने वाली सभी दुकानों को पीले रंग में रंग दिया गया था.

मोदी अयोध्या पहुंचे

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बीजेपी नेता और राम मंदिर आंदोलन में शामिल उमा भारती भी आज भूमिपूजन के कार्यक्रम में शामिल रहीं. पहले उन्होंने कहा था कि वो अयोध्या जाएंगी लेकिन कार्यक्रम में शामिल नहीं रहेंगी. लेकिन बुधवार सुबह उन्होंने ट्वीट किया, "मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से बँधी हूँ. मुझे रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी ने शिलान्यास स्थली पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. इसलिये मैं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहूँगी."

इससे पहले उमा भारती के नाराज़ होने की वजह से भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल न होने की बात कही जा रही थी.

भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे योगगुरु रामदेव ने अयोध्या में एक भव्य गुरुकुल बनवाने का ऐलान किया है.

उन्होंने कहा, ''ये भारत का सबसे बड़ा सौभाग्य है कि आज हम राम मंदिर कार्यक्रम देख रहे हैं. देश में रामराज्य स्थापित करने के लिए पतंजलि योगपीठ अयोध्या में एक भव्य गुरुकुल बनाएगी. यहां पूरी दुनिया के लोग आकर वेद और आयुर्वेद की शिक्षा ले सकेंगे.''

राम न्याय हैं: राहुल गांधी

राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भगवान राम प्रेम, करूणा और न्याय हैं. बुधवार की सुबह उन्होंने ट्वीट कर कहा कि राम कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते.

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मंगलवार को पार्टी की महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी का बयान आया जिसमें उन्होंने कहा कि पाँच अगस्त को रामलला के मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम राम के "संदेश को प्रसारित करने वाला राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बने."

सीपीएम ने उठाए सवाल

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाए.

पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, "राज्य को धर्म से अलग रखने की संविधान की मूलभूत भावना का सम्मान करो.भारत का संविधान इस बात में दृढ़ है कि धर्म और राजनीति का मिश्रण नहीं होना चाहिए. तब भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री क्यों एक मंदिर के भूमिपूजन समारोह से राजनीतिक लाभ बटोरने की कोशिश कर रहे हैं?"

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में दिया फ़ैसला

जस्टिस रंजन गोगोई

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नौ नवंबर, 2019 को पाँच जजों की एक खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में बाबरी मस्जिद की विवादित 2.77 एकड़ ज़मीन श्रीराम जन्मभूमि को देने का फ़ैसला सुनाते हुए, मुसलमानों को राम जन्मभूमि परिसर से अलग मस्जिद के लिए पाँच एकड़ ज़मीन देने, और राम मंदिर निर्माण के लिए तीन माह में ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था.

तत्कालीन चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की पीठ में जस्टिस बोबडे, जस्टिस धनंजय चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नज़ीर शामिल थे.

इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 में अपने फ़ैसले में विवादित ज़मीन को बराबर-बराबर तीन हिस्सों में बांटते हुए एक हिस्सा रामलला विराजमान को, एक हिस्सा निर्मोही अखाड़ा को और एक हिस्सा मुस्लिम पक्ष सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को दिया गया था. लेकिन कोई भी पक्ष इस फ़ैसले से सहमत नहीं था और सभी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी थी.

ट्रस्ट का गठन

राम मंदिर ट्रस्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाँच फ़रवरी, 2020 को 'देश के लिए बहुत ही महत्वपुर्ण' राम मंदिर के निर्माण के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की घोषणा लोकसभा में की थी.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में सरकार के प्रतिनिधियों को मिलाकर 15 सदस्य हैं.

ट्रस्ट के अधिकतर चयनित सदस्य या तो प्रधानमंत्री मोदी के क़रीबी हैं या उनका संबंध आरएसएस से जुड़े संगठनों से है

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