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राम जन्मभूमि में पीएम मोदी की सुरक्षा करेंगे कोरोना से उबरे पुलिसकर्मी
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पुलिस जवानों की सुरक्षा में रहेंगे जो कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हो चुके हैं.
मुख्य सुरक्षा घेरे में ऐसे ही 'कोरोना वॉरियर' पुलिसकर्मियों की सुरक्षा रहेगी जबकि उसके बाहर रहने वाले पुलिसकर्मी वो होंगे जो पिछले दो हफ़्ते से क्वारंटीन में रह रहे हैं और कोविड परीक्षण में निगेटिव पाए गए हैं.
अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक डॉक्टर संजीव गुप्ता ने बीबीसी को बताया, "प्रधानमंत्री के मुख्य सुरक्षा घेरे में तीन सौ पुलिसकर्मी तैनात हैं और ये सभी कोरोना से रिकवर हो चुके हैं. यूं तो सुरक्षा में क़रीब साढ़े तीन हज़ार पुलिसकर्मी लगे हैं लेकिन मुख्य सुरक्षा घेरे में उन्हें ही रखा गया है जो कोरोना से जंग जीत चुके हैं. अन्य पुलिसकर्मियों का भी कोविड टेस्ट हुआ है और कोविड सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए ही सभी की तैनाती की गई है."
पीएम नरेंद्र मोदी राम मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान अयोध्या शहर में क़रीब तीन घंटे रहेंगे.
कोरोना संक्रमण के इस दौर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पहले से ही काफ़ी सतर्कता बरती जा रही थी और उसी के तहत मुख्य सुरक्षा घेरे में उन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है जो इस संक्रमण से उबर चुके हैं.
दरअसल, जानकारों का कहना है कि संक्रमण से रिकवर हुए मरीज़ अपने शरीर में एंटीबॉडीज़ विकसित कर लेते हैं, जिसके चलते उनमें कोरोना वायरस संक्रमण के दोबारा फैलने की संभावना नहीं रहती है.
जानकारों के मुताबिक़, कम से कम कुछ महीनों के लिए ये एंटीबॉडीज़ उन्हें बीमारी के ख़तरे से बचाए रखते हैं. इसीलिए संक्रमण से निजात पा चुके लोगों के प्लाज़्मा का इस्तेमाल संक्रमित लोगों के इलाज में भी किया जाता है.
पुलिस महानिरीक्षक संजीव गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रोटोकॉल होता है कि उन्हें स्वस्थ सुरक्षाकर्मियों द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाती है और इस वक़्त कोविड-19 वॉरियर से ज़्यादा और कौन स्वस्थ हो सकता है.
इससे पहले अयोध्या परिक्षेत्र के डीआईजी दीपक कुमार ने मीडिया को बताया कि इस बारे में राज्य के पुलिस महानिदेशक को 29 जुलाई को ही एक पत्र लिखा गया था जिसमें ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची दी गई थी जो कोरोना संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं और अयोध्या जाने के लिए तैयार हैं.
डीआईजी ने बताया कि उनके इस अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया गया और उसके बाद उन पुलिसकर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की गई. इनमें से ज़्यादातर पुलिसकर्मी लखनऊ के हैं, जबकि कुछ अन्य ज़िलों से भी हैं.
संक्रमण से निजात पा चुके पुलिसकर्मियों के अलावा सुरक्षा घेरे में ज़्यादातर पुलिसकर्मी वही हैं जो पिछले 48 घंटे में परीक्षण की प्रक्रिया से गुज़र चुके हैं और निगेटिव पाए गए हैं. डीआईजी दीपक कुमार के मुताबिक़, "हमारा उद्देश्य है कि हर पुलिसकर्मी जिस पर पीएम की नज़र पड़े, वह या तो कोविड वॉरियर हो या पिछले 48 घंटों में उसका परीक्षण किया गया हो और वो निगेटिव मिला हो."
पीएम की यात्रा के दौरान अयोध्या शहर में सामान्य लोगों के लिए भी कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जा रहा है.
अयोध्या के ज़िलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है कि पूरे शहर को सैनिटाइज़ कराया गया है और लोगों से अपील की है कि वो घरों में ही रहें और टेलीविज़न पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखें.
अनुज कुमार झा बताते हैं, "हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि शहर में आने वाला हर व्यक्ति कोविड निगेटिव हो और जो भी व्यक्ति बाहर आए वह मास्क में ही दिखे. इसके अलावा हमने हर उस व्यक्ति का कोविड परीक्षण कराया है जिसे वीआईपी अतिथियों से आठ फ़ीट की दूरी या उसके भीतर रहना है."
राज्य के अन्य शहरों की तरह अयोध्या में कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है. संक्रमण से अब तक यहां 16 लोगों की जान जा चुकी है जबकि छह सौ से ज़्यादा संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है.
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