चाबहार पर ईरान भारत के साथ सहयोग जारी रखेगा: रेलवे प्रमुख - प्रेस रिव्यू

ईरान के रेलवे विभाग के प्रमुख ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिसमें भारत को चाबहार रेल लिंक प्रोजेक्ट से हटाने की बात की गई थी.

द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान के रेलवे विभाग के प्रमुख सईद रसौली ने ईरान में भारत के राजदूत गद्दाम धर्मेंद्र से मुलाक़ात के बाद ये कहा है.

उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, "इन दोनों देशों के बीच आपसी प्रतिबद्धता के इतिहास को देखते हुए और मौजूदा क्षमता को देखते हुए ईरान और भारत हर तरह से रेलवे ट्रांसपोर्ट में साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं. ख़ासतौर पर चाबहार रेलवे लाइन को लेकर क्योंकि यह दोनों देशों के विकास से जुड़ा हुआ है."

चाबहार भारत के लिए आर्थिक रूप से भी अहमियत रखता है. इसके ज़रिए भारत सीधे अफ़ग़ानिस्तान तक सप्लाई भेज सकता है, जबकि अभी दोनों देशों के बीच पाकिस्तान आता है जिससे रूकावट होती है.

कुछ दिन पहले ख़बरें आयी थीं कि ईरान ने भारत को चाबहार रेल परियोजना से अलग कर दिया है. ऐसा माना जा रहा था कि ईरान ने चीन के प्रभाव में आकर ऐसा किया है लेकिन अब ईरान की तरफ़ से इन ख़बरों का खंडन किया गया है.

दिल्ली में घट रहे हैं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले

दिल्ली एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली के जो ताज़ा आंकड़े आए हैं उनके आधार पर पता चलता है कि कोविड 19 का कर्व धीरे-धीरे ढलान की ओर बढ़ रहा है और संभवत: दिल्ली में कोरोना वायरस का सबसे ख़तरनाक दौर यानी पीक-टाइम गुज़र गया है.

सोमवारको दिल्ली में संक्रमण के कुल 954 मामले सामने आए. हफ़्तों बाद ऐसा हुआ है जब राजधानी में संक्रमण के मामले हज़ार से कम रहे हैं.

हालांकि डॉ. गुलेरिया ने यह भी ज़रूर कहा कि पीक-टाइम गुज़र जाने का यह बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि आपको सावधान रहने की ज़रूरत नहीं.

उन्होंने कहा कि अब भी उतना ही सावधान रहना होगा क्योंकि अगर लापरवाही बरती गई और सोशल-डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन किया गया तो संभव है कि मामले दोबारा से बढ़ जाएं.

अधिक खून बहने से हुई थी विकास दुबे की मौत

कानपुर में आठ पुलिस वालों की हत्या के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह अधिक खून बहना बताया गया है.

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, सोमवार को विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई जिसमें पुष्टि की गई है कि अभियुक्त को तीन गोलियां लगी थीं और तीनों ही गोलियां उनके शरीर के आर-पार हो गई थीं.

रिपोर्ट के मुताबिक़, विकास दुबे के शरीर पर कुल दस जख़्म पाए गए. विकास दुबे की 10 जुलाई को पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मौत हो गई थी.

कोरोना से मरने वाले सुरक्षाकर्मियों को मिलेगा शहीद का दर्जा

कोरोना से मरने वाले सुरक्षा बल के किसी जवान की मौत अगर कोरोना वायरस संक्रमण से होती है तो उसे शहीद का दर्जा दिया जाएगा.

मरने वाले जवान के परिवार को वीर फ़ंड से 15 लाख रुपये का मुआवज़ा भी दिया जाएगा.

यह ख़बर हिन्दुस्तान ने प्रकाशित की है. सुरक्षा बलों की ओर से इस संबंध में एक प्रस्ताव भेजा गया था जिसे गृह मंत्रालय की सैद्धांतिक मंज़ूरी मिलने के बाद से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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