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उमर अब्दुल्ला और भूपेश बघेल ट्विटर पर सचिन पायलट को लेकर क्यों भिड़े? - आज की बड़ी ख़बरें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल में एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राजस्थान की सियासी उठापठक और सचिन पायलट के रुवैये का जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की रिहाई से संबंध हो सकता है.
सचिन पायलट और उमर अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट पति-पत्नी हैं. वहीं, अगस्त में जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फ़ारूक़ अब्दुल्ला को नज़रबंद कर दिया गया था और इस साल उन्हें रिहा किया गया था.
भूपेश बघेल के आरोपों को उमर अब्दुल्ला ने ख़ारिज करते हुए कहा है कि वो इस दुर्भावनापूर्ण आरोप से तंग हैं कि सचिन पायलट जो कर रहे हैं, उसका उनके पिता और उनकी रिहाई से कुछ लेना-देना है.
इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि वो इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे और भूपेश बघेल से उनका वकील बात करेगा.
इस पर भूपेश बघेल ने भी जवाबी ट्वीट करते हुए उमर अब्दुल्ला से कहा है, "उमर अब्दुल्ला जी, कृपया लोकतंत्र की मौत को एक मौक़े के रूप में बदलने की कोशिश न करें. यह 'आरोप' सिर्फ़ एक सवाल है और हम और पूरा देश यह पूछेंगे."
भूपेश बघेल के ट्वीट पर फिर उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि वो अपना जवाब उनके वकील को भेजें.
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "कांग्रेस के साथ आज यही दिक़्क़त है कि वो नहीं जानती कि उनका दोस्त कौन है और विरोधी कौन है. यही कारण है कि आप लोग आज आपस में उलझे हुए हो. आपका 'सवाल' दुर्भावनापूर्ण था और इसे ऐसे ही नहीं जाने दिया जाएगा."
नेपाल की गायों में नए वायरस का संक्रमण
नेपाल की गायों में एक नए प्रकार के संक्रामक रोग का प्रकोप बढ़ रहा है. किसानों और पशु चिकित्सकों के अनुसार, इस अज्ञात बीमारी से नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र की गायें प्रभावित हो रही हैं.
बिराटनगर की पशु अनुसंधान प्रयोगशाला ने बताया कि मोरंग में बीमारी के कारण लगभग एक दर्जन गायों की मौत हो गई है. पशु चिकित्सकों का कहना है कि गायों ने दूध देना बंद कर दिया है या बीमारी से पीड़ित होने के बाद उनका दूध कम हो गया है.
बीबीसी संवाददाता उमाकांत खनाल को एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसकी गाय के पूरे शरीर पर घाव थे. कुछ घाव फटे थे और तरल पदार्थ बह रहा था, जिससे गाय का उठना और बैठना मुश्किल हो गया था. गाय पिछले कुछ दिनों से कम दूध दे रही है. गाय बेहोश हो रही है और उसे तेज़ बुखार है और वेटनरी डॉक्टर की बताई दवा देने के बाद भी गाय के ठीक होने का कोई संकेत नहीं दिखा है.
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि "कुछ दिनों पहले तक, गांव में एक या दो गायों में ये बीमारी देखी जा रही थी. अब पूरे गाँव में ऐसी गायें हैं."
पशुधन अनुसंधान प्रयोगशाला, बिरसानगर के अनुसार, यह बीमारी अब झापा, मोरंग, सुनसरी और सप्तरी जिलों में फैल गई है.
प्रयोगशाला के प्रमुख डॉक्टर संजय यादव ने कहा, "मोरंग में लगभग 300 गायों में यह बीमारी पाई गई है. ये वायरल बीमारी नेपाल के लिए नई है. नेपाल में अब तक इस बीमारी के परीक्षण और उपचार की कोई विधि नहीं है."
मॉनसून के कारण अब ज़्यादातर गाय खलिहान में हैं. पशु चिकित्सकों को आशंका है कि बरसात के बाद गायों को गौशाला से बाहर निकालने के कारण संक्रमण बढ़ सकता है. ये एक ऐसी बीमारी है जो एक गाय से दूसरी गाय में फैलती है.
डॉक्टर संजय यादव ने कहा, "अगर समय रहते इस बीमारी को नियंत्रित नहीं किया गया तो पशुओं के कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. बीमारी का परीक्षण करने के लिए विदेश से टेस्ट किट लाने में डेढ़ महीने का समय लग सकता है."
नेपाल के कृषि और पशुधन विकास मंत्रालय का अनुमान है कि देश में 70 लाख से अधिक गायें पाली जाती हैं.
सऊदी शाह सलमान बीमार, अस्पताल में किए गए भर्ती
सऊदी अरब के 84 साल के शासक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ को राजधानी रियाद के किंग फ़ैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है.
सऊदी अरब की सरकारी न्यूज़ एजेंसी एसपीए के अनुसार उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए भर्ती किया गया है.
किंग सलमान दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देश के शासक हैं और 2015 के बाद से अमरीका के क़रीबी सहयोगी.
उन्हें पित्ताशय में जलन और सूजन के बाद भर्ती किया गया है. इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी गई है.
किंग बनने से पहले सलमान ढाई साल क्राउन प्रिंस रहे थे और जून 2012 में डिप्टी प्रीमियर बने थे. वो 50 सालों तक रियाद के गवर्नर भी रहे थे.
34 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को असल शासक माना जाता है. क्राउन प्रिंस ने किंग सलमान के शासन में सऊदी अरब में कई तरह के सुधार किए हैं.
हागिया सोफ़िया में नमाज़ के दौरान ढके जाएंगे 'ईसाई प्रतीक'
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने कहा है कि हागिया सोफ़िया में जब मुसलमान नमाज़ अदा करेंगे तो ईसाई धर्म से जुड़े प्रतीकों को ढक दिया जाएगा.
पिछले हफ़्ते प्रशासन ने कहा था कि अगले शुक्रवार को जब नमाज़ का आयोजन किया जाएगा तो ईसाई धर्म से जुड़े प्रतीकों को दिखने नहीं दिया जाएगा. इससे पहले हागिया सोफ़िया को राष्ट्रपति अर्दोआन ने म्यूज़ियम से मस्जिद में बदलने का फ़ैसला किया था.
अर्दोआन के इस फ़ैसले की दुनिया भर में आलोचना हो रही है और कहा जा रहा है कि कमाल अतातुर्क ने जिस सेक्युलर तुर्की की बुनियाद रखी थी उससे अर्दोआन इस्लामिक तुर्की बनाने में लगे हुए हैं.
अर्दोआन ने कोर्ट के ज़रिए 1934 के उस फ़ैसले को बदलवा दिया था जिसके तहत इसे मस्जिद से म्यूज़ियम बनाया गया. हागिया सोफ़िया सबसे पहले एक चर्च था लेकिन ऑटोमन साम्राज्य के वक़्त में इसे मस्जिद में तब्दील कर दिया गया था.
एलटीवी को दिए इंटरव्यू में कालिन ने कहा कि कुछ मोज़ाइक ऑफ मैरी और गैब्रिएल क़िबला की ओर हैं और नमाज़ के दौरान मुसलमान इस तरफ़ ही मुंह रखते हैं. ऐसे में नमाज़ के दौरान इन्हें ढँक दिया जाएगा.
कालिन ने कहा कि मोज़ाइक ऑफ जीसस और अन्य ईसाई प्रतीक नमाज़ियों के लिए बाधा नहीं बनेंगे क्योंकि ये क़िबला की तरफ़ नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने ये नहीं कहा कि जो क़िबला के साइड में नहीं हैं वो हमेशा के लिए हागिया सोफ़िया में रहेंगे या नहीं.
रविवार को अर्दोआन हागिया सोफ़िया गए थे और उन्होंने नमाज़ की तैयारी की समीक्षा की थी.
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