सचिन पायलट की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली

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राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट की याचिका पर सुनवाई टल गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट की माँग को स्वीकार करते हुए उन्हें नई याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है.
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गुरुवार दोपहर तीन बजे हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई होनी थी और जस्टिस सतीश चंद्र इसकी सुनवाई करने वाले थे.
लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सचिन पायलट अब नई याचिका दायर करेंगे और हाईकोर्ट की डबल बेंच इस पर सुनवाई करेगी. मुख्य न्यायाधीश बेंच का गठन करेंगे.
राजस्थान में कांग्रेस का सियासी संकट अब राजस्थान हाईकोर्ट पहुँच गया है.
सचिन पायलट को राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन के समर्थक विधायकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू कर दी है.
स्पीकर सीपी जोशी ने सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को नाटिस जारी किया है.
अशोक गहलोत ने लगातार दो दिन विधायकों की बैठक बुलाई थी और व्हिप जारी करते हुए सभी विधायकों को उसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए थे.
सचिन पायलट ख़ुद तो दिल्ली में थे लेकिन उनके समर्थक विधायक हरियाणा के एक होटल में रह रहे हैं और उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया.
सचिन पायलट का तर्क था कि विधानसभा का सेशन नहीं चल रहा है इसलिए विधायकों की अनिवार्य हाज़िरी के लिए व्हिप नहीं जारी की जा सकती है.
लेकिन पार्टी के चीफ़ व्हिप महेश जोशी ने इन विधायकों पर व्हिप का उल्लंघन करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए स्पीकर से इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की अपील की थी.
उनकी शिकायत के बाद स्पीकर ने नोटिस जारी करके बाग़ी विधायकों से पूछा है कि आपकी सदस्यता क्यों न ख़त्म कर दी जाए.
सचिन के समर्थक विधायकों को 17 जुलाई दोपहर 1 बजे तक जवाब देने का समय दिया गया है.
लेकिन उससे पहले ही गुरुवार को सचिन पायलट ने स्पीकर के नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दे दी.
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एएनआई के अनुसार वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी स्पीकर सीपी जोशी की तरफ़ से अदालत में पेश होंगे
जबकि हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी सचिन पायलट और उनके साथी विधायकों की तरफ़ से खड़े होंगे.

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कपिल सिब्बल का तंज़
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर तंज़ कसा है और पूछा है कि अगर सचिन पायलट बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे तो घर वापसी के बारे में उनका क्या ख़याल है
उन्होंने ट्वीट कर कहा, "क्या वाक़ई सचिन पायलट का ये बयान कि "मैं बीजेपी में शामिल नहीं हो रहा" उन्हें बदनाम करने की साज़िश है."
उन्होंने लिखा, "मुझे लगता है कि "ऐसे में हरियाणा के मानेसर के रिज़ार्ट में बीजेपी की नज़रों के सामने जो नेता हैं वो वहां छुट्टियों का मज़ा लेने गए हैं. तो फिर घर वापसी के बारे में क्या ख़याल है?"
माना जा रहा है कि कांग्रेस के बाग़ी नेता सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ दिल्ली के पास मानेसर में एक रिज़ॉर्ट में ठहरे हुए हैं. हालांकि के साथ कितने विधायक हैं, ये अभी भी स्पष्ट नहीं है.

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इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मतभेद बढ़ने के बाद डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नाराज़गी जताई थी और अपने नज़दीकी विधायकों के साथ दिल्ली का रूख़ किया था.
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