You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
फ़ेयर एंड लवली: यूनिलीवर कंपनी के ब्रैंडनेम, विज्ञापन में गोरेपन का नहीं होगा ज़िक्र
जानीमानी एफ़एमसीजी (फ़ास्ट मूविंग कन्ज्यूमर गुड्स) कंपनी यूनीलिवर ने गोरेपन को कथित रूप से बढ़ावा देने वाली अपनी फ़ेस क्रीम की मार्केटिंग का तरीक़ा बदलने का फ़ैसला किया है.
गुरुवार को यूनीलिवर ने इस सिलसिले में घोषणा कर दी. कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो आने वाले हफ़्तों में 'फ़ेयर एंड लवली' ब्रैंड का नाम बदल देगी.
इतना ही नहीं कंपनी ने कहा है कि वो गोरा या गोरेपन जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपने उत्पादों और विज्ञापनों में इस्तमाल नहीं करेगी.
कंपनी के मुताबिक़ स्किन केयर कैटगिरी वाले उत्पादों में ख़ूबसूरती को लेकर नज़रिया बदला जा रहा है और इसमें सभी तबक़ों को शामिल किया जाएगा.
कंपनी के ब्यूटी और पर्सनल केयर डिविज़न के प्रेसीडेंट सन्नी जैन ने कहा, "अपने स्किन केयर ब्रैंड्स के ग्लोबल पोर्टफोलियो को लेकर हम पूरी तरह से समर्पित हैं. ये सभी रंगों और तरह के स्किन टोन्स का ख्याल रखेगी. हम ये समझते हैं कि 'फ़ेयर', 'व्हाइट' और 'लाइट' जैसे शब्द ख़ूबसूरती के एक तरफ़ा नज़रिये को बयान करते हैं. हमें नहीं लगता कि ये सही है. और हम इस पर ध्यान देना चाहते हैं."
बाज़ार में बड़ी माँग
'फ़ेयर एंड लवली' ब्रांड भारत के अलावा बांग्लादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड, पाकिस्तान और एशिया के दूसरे देशों में भी बेचा जाता है.
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दुनिया भर में ऐसे उत्पादों के ख़िलाफ़ नाराज़गी का माहौल देखा जा रहा था.
समाज में गोरेपन को लेकर दीवानगी की वजह से दक्षिण एशिया के बाज़ारों में ऐसे उत्पादों के लिए बड़ी माँग रही है.
यूनीलिवर के फेयर एंड लवली ब्रांड का दक्षिण एशिया के बाज़ार में दबदबा रहा है. हालांकि लॉरियल और प्रॉक्टर एंड गैंबल भी ऐसे उत्पाद बनाती हैं.
अमरीका में जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद शुरू हुए 'ब्लैक लाइव्स मैटर' मुहिम के दौरान हाल के हफ़्तों में इन कंपनियों को ऐसे उत्पाद बेचने के लिए कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा जिनसे रंगभेद को बढ़ावा मिलता है.
पुरानी माँग
भारत में 'फ़ेयर एंड लवली' साल 1975 से बेची जा रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ पिछले साल यूनीलिवर ने केवल भारतीय बाज़ार में 50 करोड़ डॉलर की 'फ़ेयर एंड लवली' बेची थी.
'फ़ेयर एंड लवली' की मार्केटिंग बंद करने को लेकर यूनीलिवर से सालों से माँग की जाती रही है लेकिन हाल के समय में इन आवाज़ों ने एक बार फिर से जोर पकड़ा है.
इसी महीने चेंजडॉटओआरजी पर दर्जनों याचिकाएं दाख़िल की गईं जिन्हें हज़ारों लोगों का समर्थन हासिल था.
इसी महीने यूनीलिवर की प्रतिस्पर्धी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा था कि वो गोरेपन को बढ़ावा देने वाली क्रीम की बिक्री बंद करने जा रही है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)