अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बोले पीएम मोदी, 'सुरक्षित रहने का बेहतर उपाय है योग'- आज की बड़ी ख़बरें

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के समय में योग की ज़रूरत बढ़ी है.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "दुनिया को इस वक्त योग की सबसे ज़्यादा जरूरत है. खुद को सुरक्षित रखने के लिए योग सबसे बेहतर उपाय है. इससे हमारा श्वसन और प्रतिरोधी क्षमता बेहतर होती है."

उन्होंने इस दौरान यह भी कहा, "दुनिया भर में लाखों कोविड-19 मरीज़ो को योग से फ़ायदा हो रहा है. योग की मदद से वे कोरोना को हरा रहे हैं."

इस साल मोदी ने भारतीय लोगों से अपने अपने घरों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाने की अपील की थी. इसके बाद देश और दुनिया के कुछ हिस्सों में आउटडोर आयोजन हुए.

पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार सोलहवें दिन बढ़े

तेल कंपनियों ने रविवार को फिर पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी की है.

आज पेट्रोल के दामों में 0.35 पैसे प्रति लीटर और डीज़ल के दामों में 0.60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई है.

भारत की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 79.23 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल 78.27 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है.

छह जून के बाद से तेल कंपनियों ने हर दिन तेल के दाम बढ़ाए हैं.

इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल पर 7.97 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल पर 8.88 रुपए प्रति लीटर बढ़ चुके हैं

भारत में तेल कंपनियां अब डायनमिक प्राइसिंग के आधार पर तेल के दाम तय करती हैं और हर दिन तेल के दाम घटा-बढ़ा सकती हैं. बीते दो सप्ताह से तेल कंपनियों ने तेल के दामों हर दिन बढ़ोत्तरी की है.

साइबर हमले को लेकर सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी

सरकार ने चेतावनी दी है कि लोगों की निजी जानकारियां चुराने के लिए बड़े पैमाने पर फ़िशिंग साइबर अटैक किया जा सकता है.

भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम (सर्ट) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये हमला रविवार को किया जा सकता है.

भारत के सूचना प्राद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाले विभाग सर्ट की ओर से कहा गया है कि 'दुर्भावनापूर्ण इरादे रखने वाले लोग' आज साइबर हमला कर सकते हैं.

चेतावनी में कहा गया है, "इस फ़िशिंग अभियान के तहत भारत के आधिकारिक ईमेल जैसे दिखने वाले ईमेल से कोविड-19 महामारी से जुड़े ईमेल भेजकर निजी जानकारियां चुराई जा सकती हैं."

फ़िशिंग साइबर हमले के तहत लोगों को फ़र्ज़ी वेबसाइटों की ओर लाया जाता है और फिर उनका डाटा चुरा लिया जाता है. इसमें निजी जानकारियों के अलावा वित्तीय जानकारियां भी होती हैं.

ये मैसेज ऐसे लगते हैं जैसे किसी भरोसेमंद संस्थान या व्यक्ति की ओर से भेजे गए हैं, लेकिन वास्तव में ये लोगों के कंप्यूटर पर किया गया साइबर हमला होता है.

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