दिल्ली में शुरू हुए एंटीजन टेस्ट से क्या बदल जाएगा?

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक़ गुरुवार को राजधानी में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के माध्यम से 7040 लोगों की कोरोना के लिए परीक्षण किया गया.

सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली के राजनीतिक दलों की हुई बैठक के बाद टेस्टिंग की इस प्रणाली का इस्तेमाल करने का फ़ैसला हुआ था.

इसका काम गुरुवार से शुरु हुआ जिसमें पहले दिन की टेस्टिंग में 456 लोगों को पॉज़ेटिव पाया गया.

आम आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल हुकूमत ने इसके लिए राजधानी में 193 केंद्र स्थापित किए हैं.

इससे पहले मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट के माध्यम से कहा था कि दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग - आरटी-पीसीआर टेस्ट की क़ीमत कम करके 2400 रूपये कर दी गई है.

पहले ये 4500 रूपये तय की गई थी. ये दर इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने तय की थी.

उसपर कई हलक़ों में क़ीमत के ज़्यादा होने को लेकर सवाल उठे थे.

मनीष सिसोदिया का कहना था कि शुरुआती चरण में रैपिड टेस्टिंग के तहत उन लोगों की जांच की जा रही है जिनके घर कंटेनमेंट ज़ोन में आ रहे हैं.

अमित शाह के साथ बैठक के बाद टेस्टिंग को बढ़ाने की बात कही गई थी.

रैपिड टेस्टिंग किट को इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च की मंज़ूरी मिल चुकी है. इसका रिज़ल्ट महज़ 30 मिनट में सामने आ जाता है हालांकि प्रारंभिक परिणाम 15 मिनट में ही साफ़ होने लगता है.

साधारण शब्दों में कहें तो नई किट या एंटीजेन टेस्ट में आप श्वास तंत्र के ऊपरी हिस्से में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश करते हैं.

इसके लिए नाक के भीतर से नमूना लिया जाता है और उसकी जांच वहीं पर हो जाती है यानी नमूने को टेस्टिंग के लिए लैब नहीं भेजना पड़ता है.

एंटीबॉडी टेस्ट में ख़ून के नमूने लिए जाते हैं और उसमें उस प्रोटीन या एन्ज़ाइम की जांच की जाती है जो शरीर में किसी अनजान तत्व जैसे बैक्टेरिया, वायरस आदि की प्रतिक्रया में सामने आते हैं.

इस तरह की प्रतिक्रिया होने में कुछ समय लगता है यानी शरीर में बीमारी फैल चुकी है (ये निर्भर इस बात पर होता है कि टेस्ट कितना जल्दी या देर से हुआ है).

आईसीएमआर के ज़रिये जारी निर्देश में कहा गया है कि रैपिड एंटीजने टेस्ट के लिए सैम्पल प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी ही लेगा और उसके लिए सभी सावधानियां जैसे पीपीई किट वगैरह का ध्यान रखना ज़रूरी है, नमूने की टेस्टिंग घंटे भर के भीतर ही पूरी की जाएगी.

जिनका रिज़ल्ट्स कोविड-19 निगेटिव आएगा उसको पक्का करने के लिए उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया जाएगा. पाज़ेटिव पाए जाने पर फिर से टेस्ट की ज़रूरत नहीं होगी.

कोरिया की कंपनी के ज़रिये तैयार किए गए इस किट की आईसीएमआर और ऑल इंडिया मेडिकल सांइसेज़ ने जांच की है.

फ़िलहाल कोविड के लिए जो आरटी-पीसीआर टेस्ट होते हैं उसको करवाने में 2000 रूपयों से लेकर 4500 रूपये तक ख़र्च आते हैं और रिज़ल्ट्स आने में दो से पांच घंटे लग सकते हैं, इसके अलावा सैम्पल लेना और उसको लैब तक पहुंचाने में भी वक़्त लगता है.

कोविड टेस्ट कर सकनेवाले लैब की कमी की वजह से परिणाम आने में कई बार कई-कई दिन भी लग जाते हैं.

एंटीजने टेस्ट किट का इस्तेमाल हॉट स्पॉट्स और उपचार से जुड़े क्षेत्रों और उन मरीज़ों पर किया जाएगा जो किसी पॉजेटिव मरीज़ से संपर्क में आ चुके हैं. या, फिर उनपर जो पहले से दूसरे रोगों जैसे शूगर, दिल, सांस की बीमारी वग़ैरह से पीड़ित हैं जिसे को-मॉरबिडिटी भी कहा जाता है.

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