जेएनयू-जामिया भारत की टॉप 10 यूनिवर्सिटी में

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गुरुवार को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ़) की घोषणा की जिसमें दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया को देश के शीर्ष दस विश्वविद्यालयों में जगह मिली है.

रैंकिंग में पहला स्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बेंगलुरु का है. जेएनयू दूसरे और बीएचयू तीसरी रैंकिंग पर है.

चौथे रैंकिंग पर अमृत विश्व विद्यापीठम कोयम्बटूर, पाँचवे पर जाधवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता, छठवें पर हैदराबाद यूनिवर्सिटी है.

इसी तरह सातवी रैंकिंग पर कलकत्ता विश्वविद्यालय, आठवी रैंकिंग पर मनिपाल एकेडमी ऑफ़ हायर एजुकेशन, नौवें पर सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी पुणे और दसवीं रैंकिंग पर दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया है.

ध्यान देने वाली बात ये है कि जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया बीते साल ख़ासे विवादों में रहे थे.

जामिया में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुए थे. इसी तरह जेएनयू में भी होस्टल फ़ीस बढ़ाने के विरोध में छात्रों ने दो महीने से ज्यादा समय तक प्रदर्शन किया था.

टॉप 10 में जेएनयू-जामिया को जगह मिलने की ख़बर आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं.

पत्रकार सबा नक़वी ने लिखा है कि उन्हें 'इन दोनों यूनिवर्सिटी पर गर्व है और हर इंडिकेटर यही कहता है कि ये बेस्ट में शुमार हैं.'

तुफ़ैल बेनडे नामक एक यूज़र ने ट्वविटर पर लिखा है कि 'इन दोनों यूनिवर्सिटी का टॉप 10 में आना भक्तों के लिए दुख की बात है जिन्हें व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी टॉप 10 में आने की उम्मीद थी.'

समीर यादव लिखते हैं कि 'जिन्हें लगता था कि यूनिवर्सिटी कैंपस में असहमति और विरोध से पढ़ाई प्रभावित होती है, उनके लिए ये सच बताने वाला पल है.'

चिका बोनिता नामक यूज़र लिखती हैं कि ''जेएनयू और जामिया जैसी एंटी-नेशनल यूनिवर्सिटी टॉप 10 में आ रही हैं, अब इस देश का कुछ नहीं हो सकता.''

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