नेपाल के नए नक्शे को दी नेपाली कांग्रेस ने मंज़ूरी, भारत-चीन सीमा पर चालू रहेगा सड़क का काम: प्रेस रिव्यू

नेपाल और भारत के झंडे

नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के संविधान संशोधन प्रस्ताव पर सहमति दे दी है, जिसके बाद अब इसके संसद में पास होने की संभावना प्रबल हो गई है. इस प्रस्ताव के तहत नेपाल के नए राजनीतिक नक्शे में लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को नेपाल की सीमा का हिस्सा दिखाया गया है.

अख़बार 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में छपी एक ख़बर के अनुसार विपक्ष की सहमति के बाद अब संविधान संशोधन पर औपचारिक तौर पर दो तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए इसे संसद में पेश किया जाएगा और इसका असर भारत-नेपाल संबंधों पर पड़ सकता है.

हालांकि ये संविधान संशोधन संसद में कब पेश किया जाएगा इसकी अब तक कोई जानकारी नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ऐसा हो सकता है. अख़बार कहता है कि इस संविधान संशोधन के संसद में पास होने से राष्ट्रवादी और भारत विरोधी नेता होने की प्रधानमंत्री ओली की छवि को बढ़ावा मिलेगा.

साथ ही पार्टी के भीतर उनकी पकड़ और मज़बूत होगी. इस प्रस्ताव को पहले ही राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी नेपाल, और राष्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल का समर्थन हासिल है. लिपुलेख में भारत के सड़क के औपचारिक उद्घाटन का पहले विरोध न करने के लिए ओली पहले ही अपनी पार्टी के भीतर आलोचना झेल चुके हैं.

दरअसल छह महीने पहले भारत ने अपना नया राजनीतिक नक़्शा जारी किया था जिसमें जम्मू और कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ के रूप में दिखाया गया था. इस मैप में लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को भारत का हिस्सा बताया गया था. नेपाल इन इलाक़ों पर लंबे समय से अपना दावा जताता रहा है.

नेपाल का कहना है कि महाकाली (शारदा) नदी का स्रोत दरअसल लिम्पियाधुरा ही है जो फ़िलहाल भारत के उत्तराखंड का हिस्सा है. भारत इससे इनकार करता रहा है. हाल में भारत ने लिपुलेख से होकर मानसरोवर जाने के रास्ते में एक सड़क का उद्घाटन किया था जिससे नेपाल नाराज़ है.

अख़बार कहता है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार लाने की भारत सरकार की कई कोशिशों के बावजूद ओली के नेतृत्व में चीन की तरफ नेपाल का झुकाव बढ़ा है. अख़बार कहता है कि भारत सरकार में भी अब इस मुद्दे को लेकर गंभीरता बढ़ रही है और सरकार का मानना है कि शायद लिपुलेख में बनी सड़क का उद्घाटन आडंबर के साथ शोर नहीं किया जाना चाहिए था.

इससे पहले भारतीय आर्मी प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावने ने कहा था कि "नेपाल किसी और के इशारे पर" धारचुला से लिपुलेख सड़क बनाने की भारत की कोशिश का विरोध कर रहा है. नेपाल ने उनके इस बयान का कड़ा विरोध किया था. नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने उनके बयान को 'नेपाल के इतिहास का अपमान' बताया था.

अख़बार कहता है कि माना जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर नेपाल के बढ़ते कदमों के कारण दोनों पड़ोसी मुल्कों में अब तनाव बढ़ सकता है.

नेपाल नक्शा

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भारत-चीन सीमा के नज़दीक काम करने वाले मज़दूरों के लिए स्पेशल ट्रेन

चीन से सटी भारत की सीमा के पास सड़क बनाने के काम के लिए मज़दूरों को ले जाने के लिए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 11 स्पेशल ट्रेनों की मांग की है.

'हिंदुस्तान टाइम्स' अख़बार ने सूत्रों के हवाले से ख़बर छापी है कि झारखंड के इन मज़दूरों को ट्रेनों से जम्मू और चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां से उन्हें चीन की सीमा के नज़दीक ले जाया जाएगा. इन्हें बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन की निगरानी में हो रहे सड़क निर्माण के काम में लगाया जाएगा.

अख़बार कहता है कि ये ख़बर ऐसे वक्त आई है जब लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर चार जगहों पर भारतीय और चीनी सेनाएं फिलहाल आनमे सामने हैं.

अख़बार के अनुसार एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों देशों के बीच तनाव कई सप्ताह तक जारी रह सकता है ऐसे में सीमा पर सड़क बनाने का काम रोकने का कोई औचित्य नहीं है. अधिकारी ने अख़बार को बताया कि रणनीतिक तौर पर अहम माने जाने वाले लद्दाख के डार्बुक-शायोक-दौलत बेग ओल्डी रोड पर काम चालू हो चुका है.

अख़बार कहता है कि एक अन्य अधिकारी ने बताया है कि इन 11 स्पेशल ट्रेनों के ज़रिए 11,815 मज़दूरों को ले जाया जाएगा जिन्हें बाद में सड़क निर्माण के काम के लिए लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड ले जाया जाएगा.

भारत चीन सीमा ववाद

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बातचीत के ज़रिए भारत सुलझाएगा विवाद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा है कि लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर चीन के साथ जारी विवाद कूटनीतिक बातचीत के ज़रिए सुलझाने की कोशिश करेगा.

अख़बार 'द हिंदू' के अनुसार राजनाथ सिंह का कहना है कि भारत ये सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि पड़ोसी चीन के साथ तनाव आगे न बढ़े.

अख़बार कहता है कि भातर-चीन सीमा विवाद शुरू होने के करीब एक महीने बाद सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के किसी सदस्य ने इस मुद्दे पर टिप्पठी की है.

अख़बार के अनुसार एक समाचार चैनल को दिए एक साक्षात्कार में रक्षा मंत्री ने कहा कि "फिलहाल चीन के साथ सैन्य और राजनयिक दोनों स्तरों पर बातचीत चल रही है. इस मुद्दे पर भारत की नीति स्पष्ट है कि सभी पड़ोसियों के साथ हमें अच्छे संबंध रखने चाहिए. "

उन्होंने कहा कि अब तक दोनों देशों ने विवादों का निपटारा मौजूदा तंत्र के माध्यम से आपसी बातचीत के ज़रिए हल किए है. साल 2017 में 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने मजबूती से अपना पक्ष रखा और बातचीत से विवाद सुलझा लिया गया.

जयललिता

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जयललिता का घर नहीं बनेगा म्यूज़ियम

'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक ख़बर के अनुसार छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रही एआईडीएमके की पूर्व प्रमुख जयललिता के क़ानूनी वारिस ने कहा है कि वो न तो सरकार को और न ही पार्टी को जयललिता के घर को म्यूज़ियम या मेमोरियल बनाने देंगे.

अख़बार के अनुसार मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार और उनके भतीजे दीपक जयकुमा को जयललिता का क़ानूनी वारिस घोषित किया है. कोर्ट के फ़ैसले के बाद अब ये दोनों पोज़ गार्डन स्थित जयललिता के उस घर 'वेद नियलम' समेत उनकी दूसरी सभी संपत्ति के मालिक बन गए हैं. वेद नियलम सालों तक तमिलनाडु की सत्ता का केंद्र बना रहा था.

इससे पहले एआईडीएमके ने एक ऑर्डिनेंस पास कर वेद नियलम को जयललिता की याद में म्यूज़ियम में तब्दील करने का फ़ैसला किया था.

अख़बार के अनुसार जयललिता ने मौत से पहले कोई वसीयत नहीं की थी और न ही उनकी कोई संतान थी. ऐसे में शुक्रवार को कोर्ट ने एक आदेश में स्पष्ट किया कि उनकी भतीजी और भतीजा ही क़ानूनी तौर पर उनकी संपत्ति के वारिस होंगे.

जयललिता के पार्थिव शरीर के पास दीपा जयकुमार

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इमेज कैप्शन, जयललिता के पार्थिव शरीर के पास दीपा जयकुमार

अख़बार के अनुसार कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद दीपा ने कहा कि उनके और उनके भाई के लिए ये जीत अहम है और इसके बाद अब आगे वो पार्टी के ऑर्डिनेंस को चुनौती देंगे.

उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि जयललिता की संपत्ति पर किन लोगों के अधिकार में हैं क्योंकि अब तक इसके रिवेन्यू रिकॉर्ड नहीं निकाले गए हैं, लेकिन वो इस बात पर स्पष्ट हैं कि वो ये संपत्ति सरकार को नहीं देंगे. दीपा और दीपक के पास साल 1996 तक की जयललिता की 188 करोड़ रूपये की संपत्ति का ही जो लेखाजोखा है.

आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता की तरफ से जो फाइनेन्शियल एफिडेविड दाख़िल किया था उसके अनुसार उनके पास करीब 1 हज़ार करोड़ रूपये की संपत्ति थी जिसमें ज़मीन, घर, सोना और हीरे के जवाहरात शामिल हैं. अख़बार कहता है कि दीपा से स्पष्ट किया है कि वो राजनीति में कदम नहीं रखेंगी.

44 साल की दीपा और 38 साल के दीपक जयललिता के भाई जयकुमार के बच्चे हैं जिनकी मौत 1995 में हो गई थी.

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं?मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

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मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
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अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

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मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी
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