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नेपाल-भारत सीमा: नेपाली पुलिस ने सीमा पार करने की कोशिश कर रहे भारतीय किसानों को हवाई फायरिंग से रोका
लॉकडाउन के दौरान बोर्डर पार करने की कोशिश कर रहे भारतीय किसानों को रोकने के लिए नेपाली पुलिस ने हवाई फायरिंग की.
नेपाल के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि ये किसान मक्के की कटाई के लिए सीमा पार करना चाह रहे थे.
नेपाल के सुदूर पूर्वी ज़िले झापा के मुख्य ज़िलाधिकारी उदय बहादुर राणामगर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "तकरीबन 150 भारतीय किसानों ने झापा ज़िले में खेती के ज़मीन पट्टे पर ले रखी है. शनिवार को ये लोग जबरन इस पार आना चाह रहे थे. जब इन लोगों की भीड़ ने हमारी सीमा चौकी पर हमला किया तो जवाब में हमारी सीमा पुलिस ने हवाई फ़ायर किए."
हालांकि इस फायरिंग में किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है.
झापा के स्थानीय जनप्रतिनिधि लक्ष्मी यादव ने बीबीसी नेपाली सेवा के उमाकांत खनाल को बताया कि ये हमला शनिवार शाम 7.30 बजे के क़रीब हुआ.
उन्होंने बताया कि नेपाली क्षेत्र में खेती करने वाले भारतीयों का एक समूह बंद के दौरान इस तरफ़ चला आया था. सीमावर्ती गांव के लोगों ने उन्हें वापस भेजने की कोशिश की.
यादव ने कहा कि सशस्त्र पुलिस के साथ संघर्ष के बाद भारतीय नागरिकों का दल वापस लौट गया.
हमला क्यों?
नेपाल का झापा ज़िला भारत के पश्चिम बंगाल और बिहार की सीमा से लगा हुआ है.
झापा के कचनाकवाल और झापा गाँवों में लगभग 500 बीघा जमीन पर भारतीय लोग खेती करते रहे हैं. अब उन्होंने मक्का बोया है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, वे बंद के दौरान भी नेपाल आना चाहते हैं, लेकिन सीमा पुलिस द्वारा उन्हें आने की अनुमति नहीं है.
वार्ड के अध्यक्ष यादव के अनुसार, भारतीय नागरिकों ने पुलिस पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें सीमा क्षेत्र में मवेशियों को चराने की अनुमति नहीं थी.
प्रशासन का क्या कहना है
गृह मंत्रालय ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन को समय-समय पर नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों की समस्या का हल खोजने की कोशिश करनी चाहिए.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता केदार नाथ शर्मा के अनुसार, भारतीय नागरिकों को खेती करने के लिए पहचान पत्र देकर समस्या का समाधान किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, "यह समस्या कई बार हुई है. यदि वे समुदाय में नहीं जाते हैं तो ये सुविधा उन्हें केवल खेती के लिए दी जा सकती है."
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भारत के समकक्ष अधिकारियों के साथ चर्चा करके कोई समाधान निकाला जा सकता है.
उदय बहादुर राणामगर ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में भी उनके ज़िले में बोर्डर पार करने की कोशिश कर रहे दर्ज़नों भारतीयों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को खाली कारतूस दागने पड़े थे.
भारत नेपाल सीमा
नेपाल और भारत की 1850 किलोमीटर लंबी सीमा ज़्यादातर खुली हुई है.
सरहदी इलाकों में रहने वाले ज़्यादातर लोग बेरोकटोक इस पार से उस पार से आते-जाते रहे हैं.
कोविड-19 की महामारी के कारण नेपाल ने 22 मार्च से अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं सील कर रखी हैं. इसके दो दिन बाद देश में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन भी लागू कर दिया गया है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे भारतीय इलाकों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र नेपाल ने अपनी तरफ़ चौकसी बढ़ा दी है.
शनिवार को नेपाल में कोरोना वायरस से संक्रमण के कारण पहली मौत हुई है.
रविवार तक देश में संक्रमण के 291 मामलों की पुष्टि हो चुकी है.
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