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कोरोना वायरस: अमरिंदर सिंह ने कहा- क्या करना है, ये केंद्र हम पर छोड़ दे
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, संवाददाता, बीबीसी पंजाबी सेवा
हम मुख्यमंत्री हैं. हमने इस काम में अपनी ज़िंदगी बिताई है. हम अपने राज्य को जानते हैं. वे इससे ज्यादा तो नहीं जानते. केंद्र सरकार को यह तय करने के लिए हम पर छोड़ देना चाहिए कि क्या करना है और कैसे करना है- ये शब्द हैं पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के.
बीबीसी के साथ एक विशेष इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, "हम वही कर रहे हैं, जो कहा जाता है."
कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुताबिक़ केंद्र सरकार को कहना चाहिए कि आप मुख्यमंत्री हैं और अपने राज्य को समझते हैं. आप अपनी योजना बनाएँ और जहां भी आपको आवश्यकता होगी हम आपकी मदद करेंगे.
उन्होंने कहा, "दिल्ली में बैठे एक संयुक्त सचिव, जो शायद कभी पंजाब नहीं आए, हमें आदेश दे रहे हैं. हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है. हमें जो वे कह रहे हैं वह हम कर रहे हैं. उदाहरण के लिए पटियाला अब एक रेड ज़ोन है. लेकिन क्या दिल्ली के अधिकारियों को पता है कि यह शहर नहीं है, यह एक ज़िला है."
"पटियाला में कोविड हैं, लेकिन नाभा या शुतराणा जो यहाँ के शहर हैं यहाँ कोविड नहीं है पर सारा ज़िला ही रेड ज़ोन है. वे इसे नहीं समझते हैं. इसलिए इन फ़ैसलों को राज्यों पर छोड़ देना चाहिए."
बीबीसी ने उनसे पूछा कि आम धारणा यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाते रहते हैं, तो क्या उन्होंने अपने विचार नरेंद्र मोदी के साथ साझा नहीं किए?
इस बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक पीएम के साथ चार बैठकें हो चुकी हैं.
उन्होंने बताया, "मुझे पहली बैठक में बुलाया गया था. हमने तब अपने मुद्दों को उठाया और उन्होंने कई चीज़ों पर अमल भी किया लेकिन तब से कई सप्ताह बीत चुके हैं और चीज़ें तेज़ी से बदल रही हैं. मेरी पीएम से उसके बाद कोई मुलाक़ात नहीं हुई."
कोरोना मामलों में वृद्धि का कारण
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के बाहर से लोगों की आमद के कारण हाल के दिनों में राज्य में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि राज्य के अंदर से आने वाले मामले अभी भी कम हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार इन तेज़ी से बढ़ते मामलों को जल्द ही सुलझा लेगी.
नांदेड़ के तीर्थयात्रियों के बारे में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि उनका वहां टेस्ट किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनका यह कहना कि हमने तीन बार उनका टेस्ट किया और वह नेगेटिव आया, एक ग़लत बयान था.
उद्योग पर प्रवासी मज़दूरों के जाने से प्रभाव
अमरिंदर सिंह ने कहा, "अच्छी बात यह है कि 10 लाख प्रवासी श्रमिक जो यूपी, बिहार आदि राज्यों में अपने घर जाने वाले थे उनमें से लगभग एक तिहाई ने अपना विचार बदल दिया है. मुझे उद्योग पर उनके जाने से कोई बहुत फ़र्क पड़ता नज़र आता."
"मैंने पहले ही उद्योगपतियों को श्रमिकों की देखभाल करने के लिए कहा है लेकिन ज़्यादातर लोग ऐसा करने में सक्षम साबित नहीं हुए. वैसे भी हम उन्हें अपने घर जाने से रोक नहीं सकते हैं."
उन्होंने बताया कि अलग-अलग जगहों से बहुत से पंजाबी अभी भी राज्य आना चाहते हैं और लगभग 40,000 पंजाबी अगले महीने तक वापस आ सकते हैं.
शराब की होम डिलीवरी
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे शराब पर अधिक कर लगाने के पक्ष में नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि पंजाब में पड़ोसी राज्यों जैसे चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश की तुलना में शराब पहले ही महंगी है.
उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि शराब की होम डिलीवरी की आवश्यकता है और इसलिए उन्होंने राज्य के पक्ष में होम डिलीवरी का फ़ैसला किया है.
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