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फ़ेसबुक ने रिलायंस जियो में ख़रीदी 9.99 प्रतिशत की हिस्सेदारी
सोशल मीडिया साइट फ़ेसबुक ने भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के डिलीटल प्लेटफॉर्म रिलायंस जियो में 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया है. फ़ेसबुक ने बुधवार को इसकी घोषणा की.
इस डील के साथ ही फ़ेसबुक रिलांयल जियो में 9.99 प्रतिशत की हिस्सेदार बन गई है.
फ़ेसबुक ने अपने न्यूज़रूम पन्ने पर इस डील से जुड़ी जानकारी शेयर करते हुए लिखा है कि यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है साथ ही रिलायंस जियो ने भारत में जो बदलाव किये, उसके प्रति हमारे उत्साह को भी. चार साल से कम समय में ही रिलायंस जियो 388 मिलियन लोगों को इंटरनेट पर लाने में कामयाब रहा है. इसने नए उद्यमों को आगे बढ़ने में अहम भूमिका निभाई और लोगों को नए तरीक़ों से जोड़ने का काम किया है.
फ़ेसबुक के अनुसार, "हम (फ़ेसबुक) भारत में जियो के साथ मिलकर लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
फ़ेसबुक न्यूज़रूम के पन्ने पर मौजूद जानकारी के अनुसार, 'भारत डिजीटल टेक्नॉलजी को अपनाते हुए सामाजिक और आर्थिक रूप से बहुत तेज़ी से बदल रहा है. बीते पांच सालों में भारत में क़रीब 560 मिलियन लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं.'
'हमारा लक्ष्य सभी तरह के व्यवसाय के लिए नए अवसर मुहैया कराना है लेकिन ख़ासतौर पर पूरे भारत में फैले 60 मिलियन से अधिक छोटे व्यवसायों को सक्षम बनाना. क्योंकि ये छोटे व्यवसाय ही देश में ज़्यादातर नौकरियों के लिए उत्तरदायी होते हैं. कोरोना वायरस के इस दौर में यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम मिलकर इस महामारी का मुक़ाबला करें और आने वाले समय में लोगों और उनके व्यवसाय को मदद करने के लिए एक ठोस ज़मीन तैयार करें.'
कंपनी ने अपने उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि रिलायंस जियो के साथ उनका आना लोगों के लिए नई संभावनाओं को खोलेगा. साथ ही इसका फ़ोकस बढ़ती डिजीटल अर्थव्यवस्था में प्रभावी ढंग से काम करना और लोगों के लिए व्यवसाय के नए तरीक़े पैदा करना होगा.
आख़िर कितनी अहम है डील
बीबीसी संवाददाता निखिल ईनामदार का मानना है कि यह डील फ़ेसबुक को भारत को एक और मुक़ाम हासिल करने में मददगार साबित होगी और साथ ही उन सेवाओं में भी तालमेल बिठाने का मौक़ा देगी जो जियो प्रदान करता है. इसमें लाइव टीवी से लेकर म्यूज़िक स्ट्रीमिंग और भुगतान तक शामिल है.
मौजूदा समय में फ़ेसबुक के उपभोक्ता भारत में किसी भी दूसरे देश की तुलना में अधिक हैं. वहीं अगर इसके चैट-ऐप वॉट्सऐप की बात करें तो इसके 300 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं.
लेकिन अगर इस डील को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के लिहाज़ से देखें तो यह कंपनी को उसके कर्ज़ को कम करने में भी मदद करेगा. रिलायंस की महत्वकांक्षा मार्च 2021 तक 'शून्य ऋण' वाली कंपनी बनने की है.
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