You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना वायरस: बीजेपी विधायक पर लॉकडाउन में सैकड़ों लोगों के साथ जन्मदिन मनाने का आरोप
महाराष्ट्र के वर्धा ज़िले की अर्वी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक दादाराव केचे ने रविवार को अपना जन्मदिन मनाया था. इस मौक़े पर शनिवार की शाम एक रिक्शे पर उनकी तरफ़ से लोगों के बीच ये घोषणा की गई कि विधायक के घर पर अगले दिन ग़रीबों के बीच राशन बटवाने का कैंप लगाया जाएगा.
लॉकडाउन के कारण कई ग़रीब लोग रविवार को विधायक के घर पहुंच गए. और कुछ ही देर में वहां पहुंचने वालों की संख्या सैकड़ों में हो गई और इस तरह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं.
राशन लेने जुटे लोग
लोगों ने न केवल फ़्री में मिल रहे राशन को लिया बल्कि कई तो दूसरे के हिस्से का भी छीनने लगे.
सैकड़ों की भीड़ देखकर एक स्थानीय नागिरक ने पुलिस को फ़ोन कर इसकी जानकारी दे दी.
पुलिस भी फ़ौरन हरकत में आई और उसने विधायक के घर को सील कर दिया और वहां पर कुछ पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए गए.
कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश भर में लॉकडाउन है और महाराष्ट्र सरकार ने सभी जगहों पर धारा 144 लगा रखी है. इस कारण सार्वजनिक जगहों पर लोगों के जमा होने पर पाबंदी लगी हुई है.
अर्वी के एसडीओ हरीश धार्मिक के अनुसार शुरुआती जाँच से पता चला है कि विधायक केचे ने क़ानून तोड़ा है और इसलिए उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया गया है.
प्रशासन पर भी उठे सवाल
विधायक ने हालांकि शनिवार को रिक्शे के ज़रिए बाजाब्ता एलान करवाया था कि रविवार को उनके घर पर ग़रीबों के लिए राशन बटेगा लेकिन एडसीओ हरीश धार्मिक का कहना है कि प्रशासन को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
एसडीओ के अनुसार विधायक से इस तरह के किसी आयोजन के लिए ज़िला प्रशासन से कोई इजाज़त नहीं मांगी थी.
एसडीओ ने कहा कि पूरी जाँच पड़ताल के बाद प्रशासन विधायक के ख़िलाफ़ आगे की कार्रवाई करेगा.
एक स्थानीय संगठन प्रहार संगठन के बाला जगताप ने बीबीसी से कहा, "बीजेपी के नेता तब्लीग़ी जमात के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करते रहते हैं, अब जबकि उनके ही अपने विधायक ने ऐसा किया है तो क्या पार्टी अपने विधायक के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई करेगी."
जगताप ने आगे कहा, "बीजेपी कहती है कि तब्लीग़ी जमात वालों ने सोशल डिसटेंसिंग का पालन नहीं किया और कोरोना वायरस फैलाया और इसलिए उन्हें देश से बाहर निकाल देना चाहिए तो अब क्या बीजेपी अपने विधायक को देश के बाहर निकालेगी या कम से कम उन्हें अपनी पार्टी से निकालेगी."
विपक्ष की साज़िश?
लेकिन अपना बचाव करते हुए विधायक दादाराव केचे कहते हैं, ''स्थानीय विधायक होने के नाते मैं नागरिकों की एक बैठक ख़ुद बुलाई थी और उनसे अपील की थी कि एक दूसरे से दूरी बनाएं रहें और ज़्यादातर अपने घरों में रहें. इसलिए ये सही नहीं है कि मेरे समर्थक मेरे जन्मदिन के मौक़े पर मेरे घर के सामने भारी संख्या में जमा हुए थे. ये विपक्ष की साज़िश है. विपक्षी पार्टी के लोगों ने ये अफ़वाह फैला दी कि विधायक फ़्री राशन बांटेगे जिसके कारण सैकड़ों लोग मेरे घर के पास जमा हो गए.''
दादाराव ने आगे कहा, ''इस महामारी के समय मैंने अपने क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा की अपील की थी. कुछ लोगों ने मुझे जन्मदिन की बधाई दी थी, लेकिन विपक्ष ने ये अफ़वाह फैलाई है. पुलिस ने भी तभी जाँच की जब मैं घर पर नहीं था. मुझे बदनाम करने के लिए ये विवाद पैदा किया गया है.''
महाराष्ट्र सरकार में क्रीड़ा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील केदार ने कहा कि जब इस महामारी के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है, ऐसे समय में बीजेपी के नेता अगर जन्मदिन मना रहे हैं तो पार्टी को इस पर ग़ौर करना चाहिए.
सुनील केदार ने कहा, ''मुख्यमंत्री लोगों की जान बचाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं, ऐसे में बीजेपी का कोई विधायक अपने जन्मदिन पर जश्न कैसे मना सकता है.''
सुनील केदार ने कहा कि इस मामले में एफ़आईआर दर्ज होने जा रही है और इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसे नाज़ुक समय में जनता का कोई भी प्रतिनिधि अपने जन्मदिन पर जश्न मनाने की हिम्मत न कर सके.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
*