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कोरोना वायरस: राजस्थान का वो शहर जहां हैं कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, राजस्थान के भीलवाड़ा से, बीबीसी हिंदी के लिए
कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के मामले राजस्थान में बढ़कर 25 हो गए हैं.
अकेले भीलवाड़ा ज़िले में ही पिछले 24 घंटों में 12 कोरोना पॉज़िटिव मामले मिले हैं जिससे हड़कंप मच गया है. भीलवाड़ा में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और ज़िले की सीमाएं सील की जा चुकी हैं.
लोगों ने भी ख़ुद को घरों में क़ैद कर लिया है. कई परिवार भीलवाड़ा शहर छोड़कर अपने पैतृक गांवों को चले गए हैं. शहर के सभी बाजार बंद हैं.
21 मार्च को भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में तीन डॉक्टरों और तीन नर्सिंग स्टाफ़ को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया था.
इसके बाद भीलवाड़ा के साथ ही पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल बन गया था. इन मामलों के सामने आने के 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि फिर इसी क्षेत्र से पांच और कोरोना संक्रमित शख्स मिले हैं.
अस्पताल को सील कर दिया गया है...
भीलवाड़ा विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी ने बीबीसी को बताया कि यहां के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर्स समेत छह पॉजिटिव मामले मिले थे, जिसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया था.
अवस्थी ने कहा, "वहां डॉक्टर्स ने जिन 5 हज़ार मरीज़ों को चेक किया था, उनकी सूची बनाई गई है और जांच की जा रही है. ज़िले को लोगों की सुरक्षा के लिए सील किया गया है. भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में 28 संदिग्धों को आइसोलेशन में रखा गया है."
भीलवाड़ा में जिस निजी अस्पताल से कोरोना के ये सभी पॉज़िटिव मामले मिले हैं, वहां 613 मरीज़ भर्ती थे और 5,580 मरीज़ ओपीडी में आए थे.
इसलिए आशंका बनी हुई है कि पॉज़िटिव मामलों की संख्या बढ़ सकती हैं.
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वीरान सड़कें
भीलवाड़ा शहर की सड़कें सुनसान नज़र आ रही हैं क्योंकि लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं.
घर से बाहर निकलते ही पुलिस घरों में ही रहने की समझाइश करती नज़र आ रही है.
आरके कॉलोनी में रहने वाले लोकेश तिवारी कहते हैं, "शुक्रवार दोपहर दो बजे कर्फ्यू लगने के बाद से ही हमारा परिवार भी घर पर ही है. भीलवाड़ा के जिस निजी अस्पताल से कोरोना वायरस संक्रमित 11 लोग मिले हैं, हमारा घर उस अस्पताल से एक किलोमीटर के दायरे में ही है."
भीलवाड़ा के सुभाष नगर में रहने वाले नाना लाल पेशे से शिक्षक हैं. वह बताते हैं कि घर में महिलाएं काफ़ी डरी हुई हैं. उन्होंने कहा, "हम दो दिन से घर में ही कैद हैं. बाहर कोई भी नज़र नहीं आ रहा है. स्कूलों की छुटि्टयां हैं लेकिन शिक्षकों को स्कूल जाना है. मगर मेरे परिवार ने मुझे बाहर जाने से मना कर दिया है."
नाना लाल ये बातें फ़ोन पर हमें बताईं. जिस दौरान वह ये सब बता रहे थे, उनकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी. इससे अंदाज़ा हो रहा था कि वह काफ़ी बेचैन हैं.
गाँव लौट रहे लोग
राकेश भीलवाड़ा में रहते थे मगर अब अपने गांव जा चुके हैं.
वह कहते हैं, "भीलवाड़ा शहर में जैसे ही कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिले तो शहर छोड़कर हम गांव आ गए. शहर से 40 किलोमीटर दूर हमारा गांव है, अब हम यहां परिवार के साथ ही हैं.यहां भी लोग काफ़ी जागरूक हैं. मास्क लगा रहे हैं. अपने घरों पर हैं और बाहर निकलते हैं तो ज़रूरी इंतज़ामों के साथ."
भीलवाड़ा जिले के गायत्री नगर में रहने वाले कैलाश शर्मा अपने परिवार के साथ घर ही हैं. बिज़नेसमैन कैलाश अपने बेटे और पत्नी के साथ रहते हैं. उनकी पत्नी स्वास्थ्य विभाग में महिला सुपरवाइज़र हैं.
वह बताती हैं, "कोरोना से लोगों में भय है. हम सरकार के आदेशानुसार लोगों की मेडिकल जांच करने के लिए घर-घर जा रहे हैं. हम घर आते ही सैनेटाइज़र यूज़ करते हैं और अधिकतर समय घर पर ही बिताते हैं."
'7 लाख आबादी की घर-घर होगी जांच'
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया, "हमारी 300 मेडिकल टीमें बनी हुई हैं और घर-घर जा कर लोगों की जांच कर रही हैं. शहर की पूरी 4.5 लाख पॉपुलेशन और आसपास के टाउन व बड़े गांवों को मिलाकर 7 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी."
उन्होंने कहा, "राजस्थान में होम क्वारंटीन में 1700 लोगों को रखा गया है. भीलवाड़ा के 11 पॉजिटिव मामलों के साथ ही राजस्थान में अब तक 23 पॉजिटिव मामले मिले हैं. इनमें से कुछ लोग पहले ही ठीक हो चुके थे. अब वर्तमान में 20 पॉज़िटिव मामले पूरे राजस्थान में हैं. पाली और भीलवाड़ा में दो संदिग्ध मामले हैं जिन्हें दोबारा चेक किया जा रहा है."
भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हेमेंद्र कुमार महावर का कहना है कि भीलवाड़ा में पूरे इंतज़ाम किए गए हैं.
उन्होंने कहा, "शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है. मेडिकल और एडमिनिस्ट्रेशन की टीमें अपने काम में लगी हुई हैं. लोगों को घरों में ही रहने के लिए समझाया जा रहा है."
वहीं, राजस्थान रोडवेज के मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन जैन ने बताया, "हम भीलवाड़ा से न तो पैसेंजर लेंगे, न ही छोड़ेंगे. दो दिन से बसें बाइपास से ही जा रही हैं. बसें सिटी में कर्फ्यू वाले एरिया में एंटर नहीं करेंगी. उदयपुर और डूंगरपुर जाने वाले लोगों को रुकना न पड़े, इसलिए बसों को भीलवाड़ा बाइपास से निकाला जाएगा."
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