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कोरोना वायरस: ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री का टेस्ट पॉज़िटिव आया
ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के उनके टेस्ट का नतीजा पॉज़िटिव आया है.
एक बयान जारी कर उन्होंने कहा है कि जैसे ही उन्हें इसके बारे में बताया गया उन्होंने सभी ऐहतियात लेते हुए ख़ुद को अपने घर सभी से अलग कर लिया है.
उन्होंने कहा, "इंग्लैंड का स्वास्थ्य विभाग मुझसे मुलाक़ात करने वाले सभी लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है और उनकी हिदायत मानते हुए मेरा विभाग और मेरा दफ्तर कुछ दिनों तक बंद रहेगा."
उन्होंने समय पर उन्हें संक्रमण की जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग का शुक्रिया अदा किया.
अब तक ब्रिटेन में कोरोना वायरस के कारण छह लोगों की मौत हो चुकी है. अभी तक वहां संक्रमण के लिए 26,000 लोगों की जाँच हुई है जिसमें से 373 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.
वायरस के कारण दुनिया से कटा इटली
इटली में अब तक कोरोना वायरस के 10,149 मामले सामने आ चुके हैं और यहां इस कारण 631 मौतें हो चुकी हैं.
इटली में यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और सार्वजनिक जगहों पर इकट्ठा होने पर भी पाबंदी लगा दी गई है.
विश्वभर में विमानन कंपनियों ने इटली से आने जाने वाले हज़ारों विमान सेवाओं को फ़िलहाल बंद कर दिया है.
और तो और एक सदस्य के संक्रमण की ख़बर मिलने के बाद विश्व व्यापार संगठन ने 20 मार्च तक अपनी सभी बैठकें रद्द कर दी हैं.
यूरोपीय कमीशन देगा 25 अरब डॉलर
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि यूरोप में कोरोना वायरस जिस तेज़ी से पैर पसार रहा है वो गंभीर संकट है और इसे रोकने के लिए बड़े क़दम उठाने की ज़रूरत है.
यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि इलाक़े में आर्थिक संकट न आए इसके लिए सभी ऐहतियाति क़दम उठाए जाएंगे.
वहीं यूरोपीय कमिशन की अध्यक्ष उर्सूला फ़ॉन डी लेयन ने कहा है कि इस संकट से जूझने के लिए 25 अरब डॉलर का एक कोष बनाया जाएगा.
इस बीच कोरोना वायरस के कारण यूरोप के सबसे प्रभावित देश इटली में यात्री पर कड़े प्रतिबंध लगाने के फ़ैसले की स्लोवानिया और ऑस्ट्रिया ने आलोचना की.
अमरीका
अमरीका के न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने कहा है कि शहर के उत्तर में बसे एक इलाक़े को "कंटेनमेंट ज़ोन" यानी नियंत्रण क्षेत्र घोषित कर दिया है.
उन्होंने कहा है कि न्यू रोचेल में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए स्कूल और गिरजाघरों को दो सप्ताह के लिए बंद किया जाएगा.
न्यू रोचेल में स्थिति पर नज़र रखने के लिए और डॉक्टरों की मदद के लिए नेशनल गार्ड्स को तैनात किया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि न्यू रोचेल वो इलाक़ा है जहां अमरीका में वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले हो सकते हैं.
वहीं अमरीका की सबसे बड़ी रीटेल कंपनियों में शुमार वॉलमार्ट के एक कर्मचारी के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद कंपनी ने एक आपात छुट्टी नीति लागू की है.
कंपनी ने कहा है कि जिन कर्मचारियों को अपनी तबीयत बिगड़ने लगे वो अप्रैल के आख़िर तक घर पर ही रह सकते हैं, उनकी तन्ख्वाह काटी नहीं जाएगी.
भारत आने वालों पर पाबंदी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता संजीव कुमार ने कहा है कि देश भर में कोरोना वायरस के अब तक 50 मामले सामने आए हैं लेकिन इसके कारण अब तक कोई मृत्यु नहीं हुई है. संक्रमण के नए मामले पुणे और बेंगलुरु में सामने आए हैं.
कोरोना वायरस के लिए हाल में चीन और ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के 41 लोगों की जाँच की गई थी. जाँच के नतीजों में उन्हें संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई है.
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस के कारण 31 मार्च तक सभी सिनेमा घरों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं.
लद्दाख़ में भी उपराज्यपाल ने 31 मार्च तक सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद करने के आदेश दिए हैं.
इटली में इस वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने कहा है कि इटली और कोरिया से भारत आने वाले या इन जगहों से होकर भारत आने वालों को अब कोरोना वायरस से संबंधित प्रमाणपत्र देना होगा.
भारत सरकार ने कहा है कि ऐसे यात्रियों को भारत आने के लिए प्रशासन द्वारा तय किए गए जाँच केंद्र से कोरोना वायरस से संक्रमण न होने का सर्टिफिकेट लेना होगा.
सरकार ने कहा है कि यदि बेहद ज़रूरी न हो तो भारतीय नागरिक चीन, इटली, ईरान, कोरिया, जापान, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी न जाएं.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ख़त लिख कर कहा है कि भारत सरकार के इस फ़ैसले के कारण इटली के एयरपोर्ट में कई यात्री फंस गए हैं.
पत्र में उन्होंने लिखा कि कोरोना वायरस संक्रमित न होने के सर्टिफिकेट न होने के कारण कई यात्री जो भारत आने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे, वहीं फंस गए हैं.
उनका कहना है कि उन्हें पता चला है कि स्थानीय प्रशासन पहले से अधिक संख्या में लोगों की जाँच कर रहा है और संक्रमण के लक्षण न होने पर किसी व्यक्ति की जाँच करने से इनकार कर रहा है, ऐसे में वहां फंसे भारतीयों के लिए मुश्किल पैदा हो गई है. प्रधानमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करें और सरकारी आदेश को वापिस लें ताकि ये लोग भारत आ सकें.
उन्होंने लिखा है कि भारत आने के बाद भी इन लोगों की जाँच की जा सकती है.
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