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YES Bank: आपका पैसा सुरक्षित, कोई नुक़सान नहीं होगा- सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यस बैंक के जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और सरकार उनका नुक़सान नहीं होने देगी.
यस बैंक के संकट में होने की ख़बर आने के बाद शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं भरोसा दिलाना चाहती हूं कि यस बैंक के हर जमाकर्ता का धन सुरक्षित है. रिज़र्व बैंक ने मुझे भरोसा दिलाया है कि यस बैंक के किसी भी ग्राहक को कोई नुक़सान नहीं होगा.''
उन्होंने कहा कि इस मामले में रिज़र्व बैंक और सरकार दोनों गंभीरता से देख रही है और सरकार कोई भी फ़ैसला आम लोगों के हितों को देखते हुए करेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि बैंक में काम करने वाले लोगों को एक साल तक नौकरी और वेतन की कोई दिक़्क़त नहीं होगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार और रिज़र्व बैंक दोनों की सबसे पहली प्राथमिकता ये है कि यस बैंक में पैसे रखने वाले लोगों के लिए 50 हज़ार रुपए तक निकालने की जो सीमा तय की गई है उसको सुनिश्चित किया जा सके.
इससे पहले रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी जमाकर्ताओं और आम लोगों को विश्वास दिलाया कि यस बैंक का समाधान बहुत तेज़ी से कर लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि रिज़र्व बैंक 2017 से ही यस बैंक की निगरानी कर रहा था और जाँच एजेंसियों को भी यस बैंक में कई अनियमितताओं का पता चला था.
वित्त मंत्री ने कहा कि अब रिज़र्व बैंक ये पता लगाएगा कि यस बैंक में आख़िर क्या ग़लती हुई और इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी कोई ज़िम्मेदारी है तो रिज़र्व बैंक उसके बारे में भी पता करेगा.
उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी समूह, एस्सेल, डीएचएफ़एल, आईएलएफ़एस, वोडाफोन को यस बैंक ने क़र्ज़ दिया था जो ख़ुद संकटग्रस्त कंपनियों में शामिल हैं.
'बैंकिंग क्षेत्र सुरक्षित'
गवर्नर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यस बैंक पर जो भी फ़ैसला लिया गया है या आगे लिया जाएगा वो बैंकिंग क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को ध्यान में रखकर किया गया है.
शक्तिकांत दास ने भी लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा, ''मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारा बैंकिंग क्षेत्र पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित बना रहेगा.''
यस बैंक को लेकर रिज़र्व बैंक क्या करने वाला है इसके बारे में जानकारी देते हुए दास ने कहा, ''मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि आरबीआई बहुत जल्द यस बैंक के पुनरुद्धार के लिए एक योजना लेकर आएगा. बैंक (यस बैंक) के प्रबंधन को एक विश्वसनीय पुनरुद्धार योजना तैयार करने के लिए पूरा अवसर दिया गया. बैंक ने प्रयास भी किए, लेकिन जब हमें लगा कि हम और इंतज़ार नहीं कर सकते तथा हमें और इंतज़ार नहीं करना चाहिए तो हमने हस्तक्षेप का निर्णय किया.''
सरकार से विचार विमर्श करने के बाद रिज़र्व बैंक ने गुरुवार को यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था और ग्राहकों पर भी शर्त लगा दी थी कि वो एक महीने में 50 हज़ार रुपए से अधिक नहीं निकाल सकेंगे.
रिज़र्व बैंक ने स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफ़ओ) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया है.
चिदंबरम के सरकार से सवाल
वित्त मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस नेता और यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने ट्वीट करके सरकार पर समय रहते कोई क़दम न उठाने का आरोप लगया.
पी चिदंबरम ने ट्वीट किया, "वित्त मंत्री द्वारा मीडिया को एड्रेस करते सुना. यह स्पष्ट है कि संकट 2017 से बना हुआ है और सरकार ने व्यावहारिक रूप से "आरबीआई से बात" के अलावा कुछ भी नहीं किया है."
उन्होंने ये भी लिखा, "विलय के निर्णय आरबीआई गवर्नर डॉ. सी रंगराजन और डॉ. वाई वी रेड्डी द्वारा लिए गए थे. वित्त मंत्री उन्हें क्यों नहीं बुलाती हैं और उन्हें अपने फ़ैसले समझाने के लिए कहती हैं?"
उन्होंने ये भी पूछा कि आज सरकार क्या कर रही है? क्या सरकार कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मज़बूत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विलय नहीं कर रही है? स्वाभाविक रूप से, वित्त मंत्री ने यूपीए की "विरासत" को दोषी ठहराया है. वह भाजपा सरकार के शेष कार्यकाल में भी यही कहेंगी.
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