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दिल्ली के दंगे पर राजनीति तेज़, संसद में हंगामा
दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर सोमवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने नारेबाज़ी की और सरकार को घेरने की कोशिश की.
जब हंगामा बढ़ता गया तो सदन की कार्रवाई रोक दी गई. लेकिन जब दोपहर दो बजे फिर से संसद की कार्रवाई शुरू हुई तब भी हंगामा होता रहा.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दिल्ली हिंसा पर चर्चा की अनुमति देते हुए कहा कि संसद में भी शांति की ज़रूरत है.
वहीं हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद में कहा, "जिन लोगों ने तीन हज़ार से अधिक सिखों की हत्या की है वो इस भाषा में बात कर रहे हैं."
जोशी ने कहा, "सरकार की प्राथमिकता हालात सामान्य करना है, अगर वो चर्चा चाहते हैं तो पहले शांति बनाए. ये लोग फिर से तनाव पैदा करना चाहते हैं."
प्रह्लाद जोशी के इस बयान के बाद संसद के अंदर माहौल और गर्मा गया. सांसद आमने-सामने आ गए.
संसद परिसर में आम आदमी पार्टी ने महात्मा गांधी की मूर्ती के पास नारेबाज़ी की.
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य सांसद महात्मा गांधी की मूर्ति के पास गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा मांगते हुए धरने पर बैठ गए.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी संसद में बीजेपी के ख़िलाफ़ धरने पर बैठे.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसद के बाहर पत्रकारों से कहा, "दिल्ली केंद्रीय मंत्री की ज़िम्मेदारी है, गृहमंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए. गृहमंत्री अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभा पाए, कोई न कोई कार्रवाई होनी चाहिए."
वहीं आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा, "उन्होंने गुनाह किया है इसलिए बहस से बच रहे हैं, सुनियोजित ढंग से दिल्ली को जलाया गया है. कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा जैसे नेताओं ने खुलेआम भड़काऊ बयान दिए हैं. विधायक गोली मारों का नारा लगाते हुए रैली निकाल रहे हैं."
एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने कहा, "दो दिन तक दिल्ली का एक हिस्सा जलता रहा, कई बच्चे यतीम हो गए. हज़ारों करोड़ की संपत्तियां जला दी गईं, क्या इस पर ख़ामोश बैठ जाएं."
इसी बीच दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ताज़ा हालात का जायज़ा लेने के लिए प्रभावित इलाक़ों के दौरे पर भी गए.
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बयान में कहा है कि दिल्ली में हिंसा राज्य प्रायोजित थी.
उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्ली में गुजरात मॉडल लागू कर रही है. उन्होंने कहा, "बीजेपी पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में गुजरात मॉडल लागू करने की तैयारी कर रही है."
ममता बनर्जी ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो गोली मारने का विवादित बयान दे रहे हैं.
ममता बनर्जी ने कहा, "मैं मासूम लोगों की मौत से बेहद दुखी हूं. मुझे लगता है कि ये नरसंहार हैं. दिल्ली में हुई हिंसा राज्य प्रायोजित हैं."
ममता बनर्जी ने कहा कि, "दिल्ली में कई लोग नागरिकता संशोधन क़ानून की वजह से लोग मारे गए हैं. अमित शाह को ये ध्यान में रखना चाहिए."
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