मेघालय: CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हिंसा में दो की मौत, तनाव और कर्फ़्यू

मेघालय हिंसा

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    • Author, सलमान रावी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में हुई झड़प के दौरान दो व्यक्तियों की मौत हो गई है. इसके बाद शिलॉन्ग शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है.

शनिवार की सुबह शिलॉन्ग के बड़ा बाज़ार इलाक़े में खासी छात्र संघ (केएसयू) के सदस्यों और ग़ैर-आदिवासी समूहों के बीच झड़प हुई जिसमें दोनों व्यक्तियों की मौत हुई. इनमें से एक मृतक की पहचान खासी यूनियन के नेता के तौर पर हुई है.

ये झड़प नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) और इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के मुद्दे पर निकाले जा रहे एक जुलूस के दौरान हुई.

झड़प के दौरान हुई चाक़ूबाज़ी में कम से कम छह लोग घायल भी हो गए हैं. फ़िलहाल वहां स्थिति बहुत तनावपूर्ण है.

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प्रवासियों को बनाया जा रहा निशाना

जुलूस में स्थानीय लोगों ने प्रवासियों को निशाना बनाया. इस घटनाक्रम के बाद वहां रहने वाले प्रवासी, ख़ासकर उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के लोग डरे हुए हैं.

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने एक बयान जारी करके कहा, ''मुख्यमंत्री को सूचना मिली है कि नागरिकता संधोशन क़ानून (CAA) और इनर लाइन परमिट को लेकर इचामाटी में एक बैठक चल रही थी. बैठक ख़त्म होते ही बड़ी संख्या में उपद्रवी वहां आए और केएसयू के सदस्यों पर हमला कर दिया. इस दौरान हुई झड़प में कई लोग घायल हैं.''

ईस्ट खासी हिल्स ज़िला प्रशासन ने शनिवार को शिलॉन्ग शहर में धारा 144 लागू कर दी है ताकि क़ानून व्यवस्था को कायम रखा जा सके.

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इंटरनेट बंद, कर्फ़्यू जारी

स्थानीय पत्रकार योगेंदर दुबे ने बीबीसी को बताया कि यहां कई बंगाली प्रवासियों पर लगातार हमले हुए हैं.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चाक़ूबाज़ी की घटना के बाद बाज़ार की घेराबंदी कर दी गई है. घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

शहर के कई इलाक़ों में बीती रात से ही कर्फ्यू लगा दिया गया था. अफवाहों और हिंसा की घटनाएं रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं अगले 48 घंटों के लिए बंद कर दी गई हैं.

वहीं ईस्ट खासी हिल्स ज़िले में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए के कुछ इलाक़ों में धारा 144 भी लागू की गई है.

तनाव को देखते हुए सीआरपीएफ़ की एक कंपनी सोहरा के लिए रवाना हो चुकी है जबकि दो कंपनियां शिलॉन्ग में तैनात हैं.

वहीं, मेघालय में विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने राज्य सरकार की निंदा की है. उन्होंने मांग की है कि राज्य की कॉनराड संगमा सरकार जल्द से जल्द जाग जाए और सही तरीक़े से स्थिति का सामना करे.

मुकुल संगमा ने एक बयान जारी कर कहा कि वो इस प्रकार की हिंसा से बहुत दुखी हैं जिसमें युवाओं की जानें गई हैं.

इसके साथ ही मुकुल संगमा ने नागरिकता संशोधन क़ानून की निंदा करते हुए कहा कि इस क़ानून ने अविश्वास और नफ़रत फैलाई है जिसके कारण आज राष्ट्र जल रहा है.

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