योगी आदित्यनाथ बोले- कोई मरने आ रहा है तो ज़िंदा कैसे हो जाएगा: पाँच बड़ी ख़बरें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनके राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोली लगने से एक भी शख़्स की मौत नहीं हुई.

प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई की तारीफ़ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अगर कोई मरने के लिए आ रहा है तो वो ज़िंदा कैसे हो जाएगा?"

बुधवार को यूपी के सीएम ने यह भी कहा कि 'देश को रामराज्य की ज़रूरत है, समाजवाद की नहीं और रामराज्य का मतलब किसी धार्मिक शासन व्यवस्था से नहीं है.'

योगी ने कहा, "इस देश में रामराज्य ही चाहिए, समाजवाद नहीं क्योंकि जो अस्वाभविक, अप्राकृतिक और अमानवीय है, समाजवाद का वो चेहरा देश के सामने आ चुका है. जो सार्वभौमिक, सार्वदेशिक, सर्वकालिक और काल परिस्थितियों से परे शाश्वत है, वही रामराज्य है."

योगी ने कहा कि राम भक्तों पर गोली चलाने वालों को उनसे सवाल पूछने का कोई हक़ नहीं है.

कोरोना: 'भारत की अर्थव्यस्था पर ज़्यादा असर नहीं'

भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि कोरोना वायरस का भारत की अर्थव्यवस्था पर कुछ ख़ास असर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस का भारत पर सीमित असर ही होगा लेकिन चीनी अर्थव्यवस्था के आकार के मद्देनज़र वैश्विक जीडीपी और व्यापार पर इसका प्रभाव ज़रूर होगा."

शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस की वजह से सिर्फ़ एक या दो क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है लेकिन उससे निपटने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "जहां तक भारत का सवाल है, चीन हमारा महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और इसलिए हमें भी इसे लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है."

कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से चीनी अर्थव्यवस्था के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का ख़तरा है.

'मंदी को नहीं स्वीकारती मोदी सरकार'

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा है कि मौजूदा मोदी सरकार मंदी शब्द को ही स्वीकार ही नहीं करती.

मनमोहन सिंह ने बुधवार को मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर कई सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, "असली ख़तरा यही है कि अगर समस्याओं की पहचान नहीं की गई तो सुधार की कार्रवाई के लिए और विश्वसनीय हल ढूंढने की संभावना ही नहीं होगी."

मनमोहन सिंह ने ये बातें योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया की किताब 'बैकस्टेज' के लोकापर्ण कार्यक्रम में कहीं.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इन मुद्दों पर बहस और चर्चा होनी चाहिए. आज ऐसी सरकार है जो मंदी जैसे किसी शब्द को स्वीकार ही नहीं करती. मुझे लगता है कि ये देश के लिए अच्छा नहीं है."

JNU राजद्रोह मामला: जल्द आ सकता है फ़ैसला

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य छात्रों के ख़िलाफ़ राजद्रोह मामले में जल्दी फ़ैसला लिया जाए.

केजरीवाल ने इस मामले में सम्बन्धित विभाग से क़ानूनी प्रक्रिया में तेज़ी लाने को कहा है.

केजरीवाल यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को उनकी सरकार को इस मामले में मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी के बारे में तीन अप्रैल तक रिपोर्ट दाख़िल करने को कहा है.

दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार समेत जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ अदालत में 14 जनवरी को आरोपपत्र दाख़िल किया था.

पुलिस का कहना है कि कन्हैया कुमार और अन्य ने नौ फ़रवरी, 2016 को जेएनयू परिसर में एक समारोह में लगाए गए देशविरोधी नारों का समर्थन किया था और जुलूस निकाला था.

31 मार्च को ख़त्म होगी हैरी और मेगन की शाही भूमिका

ड्यूक और डचेज़ ऑफ़ ससेक्स 31 मार्च को शाही परिवार की वरिष्ठ सदस्यता औपचारिक रूप से त्याग देंगे. ये जानकारी प्रिंस हैरी और मेगन के एक प्रवक्ता ने दी है.

31 मार्च के बाद से वो शाही भूमिका में नहीं रहेंगे लेकिन एक साल बाद महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय इसकी समीक्षा करेंगी.

राजकुमार हैरी और मेगन ने इस साल के शुरुआत में एलान किया था कि वो दोनों राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य की भूमिका से ख़ुद को अलग कर रहे हैं.

दोनों ने कहा था कि वो ख़ुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए काम करेंगे.

प्रिंस हैरी और मेगन ने एक बयान जारी कर कहा था कि वे दोनों अब ब्रिटेन और उत्तरी अमरीका में अपना समय बिताएंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)