अनुराग ठाकुर को चुनाव आयोग का नोटिस

चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के विवादित भाषण को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया है.

आयोग ने उन्हें 30 जनवरी को 12 बजे तक अपना जवाब भेजने को कहा है.

अनुराग ठाकुर के इस भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद उनके विरोधी इसकी भाषा को लेकर आपत्ति कर रहे हैं.

सोमवार 27 जनवरी को अनुराग ठाकुर को एक चुनावी सभा में नारे लगवाते देखा जा रहा है जिसमें वो कहते हैं - "देश के गद्दारों को... और लोग नारा लगाते हैं- गोली मारो...को".

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ममता बनर्जी: पीएम से बात करेंगे लेकिन पहले सीएए वापस हो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए केंद्र को पहले विवादित नागरिकता संशोधन क़ानून वापस लेना होगा.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा है कि, "ये अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री मोदी बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्हें पहले नागरिकता संशोधन क़ानून वापस लेना होगा. कश्मीर के बारे में फ़ैसला लेने से पहले भी उन्होंने सभी पार्टियों की बैठक नहीं बुलाई थी."

उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वो सीएए, एनआरसी और एनपीआर को स्वीकार नहीं करेंगी.

इससे पहले पश्चिम बंगाल ने इस विविदित क़ानून के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था.

मोदी: हमने ऐतिहासिक अन्याय को ठीक किया है

देश की राजधानी दिल्ली में नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) की एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने ऐतिहासिक रूप से किए गए अन्याय को दुरुस्त कर दिया है और पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को किए वायदे को पूरा किया है.

"यही गांधी जी की भी इच्छा थी. नेहरू-लियाक़त समझौते की भी यही भावना थी लेकिन ऐसे पीड़ित लोगों से मुंह फेर लिया गया. इन्हीं लोगों के साथ किए गए अन्याय को ठीक करने के लिए जब हम नागरिकता संशोधन क़ानून लाए तो कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर विरोध कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "देश युवा है लेकिन देश की सोच युवा हो ये हमारा दायित्व है. लेकिन जो थके हारे लोग सोचने में समर्थ नहीं होते, वो हर बात को आगे टालते रहते हैं. इस प्रवृत्ति के लोग अधिकतर जगहों पर मिलेंगे. और मेरे देश के युवा इस स्थिति को बदलना चाहता है. मेरे देश के युवा ने अब तय कर लिया है कि बस, अब टाला नहीं जाएगा, टकराया जाएगा, निपटा जाएगा."

"हाल में पाकिस्तान की सेना ने आधिकारिक रूप से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए एक विज्ञापन छापा था. इसमें लिखा गया था कि सफाई कर्मचारी के लिए वही लोग अप्लाई कर सकते हैं जो मुसलमान नहीं है. यानी विज्ञापन हमारे दलित भाई बहनों के लिए थे. इसी काम के लिए हिंदुस्तान के लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है."

"एक लकीर ने करतारपुर को हमसे दूर कर दिया था. करोड़ों देशवासियों की आस्था इस जगह से जुड़ी है, उसे क्यों छोड़ दिया गया?"

"जब हमारी सेना के कब्ज़े में पाकिस्तान के 90 हज़ार सैनिक थे, तो देश उनसे जो चाहे निकलवा सकते थे. तो करतारपुर साहब हम वापिस हम ले सकते थे. लेकिन ऐसा नहीं किया गया."

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि "इनकी सोच है कि न बदलेंगे, न बदलने देंगे. लेकिन आज का युवा ऐसी नहीं सोचता."

शरजील इमाम के भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया

सीएए के ख़िलाफ़ अपने बयान की वजह से देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे जेएनयू छात्र शरजील इमाम के भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है जबकि शरजील की तलाश की जा रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार बिहार पुलिस ने जहानाबाद ज़िले में शरजील के घर पर छापा मारने के बाद उनके भाई को हिरासत में ले लिया.

एएनआई ने ट्वीट किया है कि शरजील इमाम की तलाश में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पटना, मुंबई और दिल्ली में छापे मारे,

शरजील इमाम के ख़िलाफ़ नागरिकता क़ानून के विरोध में अलीगढ़ में एक विरोध प्रदर्शन में कथित भड़काऊ भाषण देने का आरोप है और उनके ख़िलाफ़ अलीगढ़ के अलावा असम और दिल्ली में देशद्रोह और दंगा भड़काने की धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज किया गया है.

शरजील की मां का कहना है कि उनके बेटे को बदनाम किया जा रहा है. उनका कहना था, ''उसने कोई ग़लत काम नहीं किया है. उसको फंसाया जा रहा है उल्टा सीधा बोल करके. बात को बढ़ाया जा रहा है. रोड जाम करने के लिए इसलिए बोला था क्योंकि हो सकता है कि एनआरसी की बात दब जाए. उसमें इतनी सलाहियत नहीं है कि वो तोड़ देगा असम को. मेरा बेटा कोई गुंडा बदमाश नहीं है. बहुत अच्छा और शरीफ़ इंसान है. अल्लाह से और कोर्ट से पूरी उम्मीद है कि वो निर्दोष साबित होकर निकल जाएगा.''

शरजील की मां ने ये भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस वक़्त उनका बेटा शरजील इमाम कहां है. उन्होंने कहा कि जिस दिन भी सामने आएगा उस दिन वो कोर्ट में हाज़िर हो जाएगा.

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