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नई दिल्ली से चुनाव लड़ेंगे केजरीवाल, पटपड़गंज से सिसोदिया
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी है.
इस सूची के अनुसार नई दिल्ली क्षेत्र से पार्टी संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ेंगे जबकि पटपड़गंज से उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ेंगे.
2015 में हुए विधानसभा चुनावों में भी केजरीवाल और सिसोदिया ने इन्हीं सीटों से चुनाव लड़ा था.
कालकाजी से आतिशी मार्लेना, बाबरपुर से गोपाल राय, संगम विहार से दिनेश मोहनिया, मालवीय नगर से सोमनाथ बारती, राजेंद्र नगर से राघव चड्ढा और शकूर बस्ती से सत्येंद्र जैन को टिकट दिया गया है.
इस लिस्ट में आठ महिलाएं और कई युवा चेहरे शामिल हैं.
लिस्ट जारी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा है कि "संतुष्ट हो कर बैठ मत जाइए. मेहनत कीजिए. आम आदमी पार्टी पर और आप पर लोगों का भरोसा है."
दिल्ली में 8 तारीख को मतदान होने हैं और मतों की गिनती 11 फरवरी को होगी.
शाहीन बाग़ धरने पर हाईकोर्ट का निर्देश
नोएडा-दिल्ली के बाची कालिंदी कुंज का बंद रास्ता खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वो जनहित और क़ानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करे.
नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में महिलाएं पिछले 15 दिसंबर से धरने पर बैठी हैं. इस कारण नोएडा और दिल्ली का रास्ता बंद है. रास्ता बंद होने के कारण आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है. स्कूल जाने वाले बच्चों को भी दिक़्क़त हो रही है.
लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें रास्ता खुलवाने की अपील की गई थी.
मंगलवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई तो की लेकिन कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया. कोर्ट ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन उसे जनहित और क़ानून-व्यवस्था का ध्यान रखना होगा.
कोर्ट ने कोई समय सीमा भी निर्धारित नहीं की है.
सीएए के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केरल
केरल सरकार नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है.
इससे पहले 31 दिसंबर को केरल विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से अपील की गई थी कि वो इस क़ाननू को वापस ले ले.
मोदी सरकार ने केरल सरकार की अपील को ख़ारिज कर दिया था.
अब केरल सरकार इस क़ानून को रद्द किए जाने की माँग के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सीएए के ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इस क़ानून को चुनौती देने वाला केरल पहला राज्य है.
केरल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत याचिका दायर की है.
केरल की याचिका के अनुसार सीएए संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 के अलावा संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन करता है.
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