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CAA: नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ कई जगह प्रदर्शन, रामचंद्र गुहा, योगेंद्र यादव हिरासत में
नागरिकता संशोधन क़ानून यानी CAA के विरोध में भारत के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हालाँकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में प्रशासन ने उन जगहों पर धारा-144 लगा दी है जहाँ प्रदर्शनकारियों के जमा होने की तैयारी थी.
मगर दिल्ली में इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाल क़िले के पास जमा हुए.
वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया है कि पुलिस ने स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया है.
दिल्ली के कई इलाक़ों में टेलीकॉम सेवाओं पर भी असर हुआ है. टेलीकॉम कंपनी एयरटेल और वोडाफन ने एक उपभोक्ताओं की शिकायत के जवाब में कहा है कि दिल्ली के कुछ इलाक़ों में इंटरनेट सेवा निलंबित की गई है. हालाँकि बाद में एयरटेल के कस्टमर केयर विभाग ने इन ट्वीट को डिलीट कर दिया.
दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशनों के एंट्री और एक्ज़िट गेट बंद कर दिए गए हैं. दिल्ली मेट्रो के मुताबिक सुरक्षा इंतजामों के मद्देनज़र बाराखंभा, वसंत विहार, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, कोल कल्याण मार्ग, उद्योग भवन, आईटीओ, प्रगति मैदान, ख़ान मार्केट को बंद कर दिया गया है. इन स्टेशनों पर ट्रेन नहीं रुक रही हैं.
उधर, बेंगलुरु में प्रदर्शन में शामिल हुए जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में ले लिया गया है.
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ ज़िले में 21 दिसंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. मगर इसके बावजूद वामपंथी दलों ने वहाँ विरोध प्रदर्शन किया.
हैदराबाद, चेन्नई और चंडीगढ़ में भी विरोध प्रदर्शन की ख़बरें आ रही हैं.
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए विधानसभा भवन के बाहर प्रदर्शन किया.
नागरिकता क़ानून के विरोध में वामपंथी पार्टियों और मुस्लिम संगठनों ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया है.
पूर्व छात्र नेता और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि देश विरोधी क़ानून को ख़ारिज किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "ये लोग ग़रीबों को फिर से लाइन में खड़ा कर परेशान करना चाहते हैं. ये सभी मुद्दे देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को छिपाने की कोशिश है."
सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (एमएल), फ़ॉरवर्ड ब्लॉक और आरएसपी ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि इस दौरान देश भर में विरोध प्रदर्शन किए जाएँगे.
इस विरोध को कई विपक्षी दलों ने भी समर्थन देने का एलान किया है.
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