रेडियो की जगह डिजिटल में फ़ोकस करेगा बीबीसी हिंदी

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने पिछले कुछ वर्षों में भारत में काफ़ी विस्तार किया है. नई दिल्ली स्थित दफ़्तर से चार नई भारतीय भाषाओं में सेवा शुरू हुई.
पिछले साल भारत में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की पहुँच 30 मिलियन से बढ़कर 50 मिलियन हो गई. इस दौरान बीबीसी के श्रोता बड़ी संख्या में शॉर्टवेव रेडियो से डिजिटल और टीवी की ओर चले गए.
रेडियो श्रोताओं की लगातार गिरती संख्या को देखते हुए बीबीसी ने हिंदी में शॉर्टवेव रेडियो प्रसारण समाप्त करने का फ़ैसला किया है.
मगर डिजिटल और टीवी के साथ ही एफ़एम पार्टनर चैनलों के ज़रिए हम अपने दर्शकों और श्रोताओं से जुड़े रहेंगे.
इन प्लेटफॉर्मों पर नए लोग लगातार हमसे जुड़ रहे हैं इसीलिए बीबीसी इनमें निवेश जारी रखेगा.
इन बदलावों के चलते हम अपने मौजूदा और भावी दर्शकों/श्रोताओं से अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर जुड़े रहेंगे और ज़्यादा प्रभावी ढंग से उन तक अपनी सेवाएँ पहुँचा पाएँगे.
बीबीसी हिंदी के भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम नमस्कार भारत का अंतिम प्रसारण शुक्रवार 27 दिसंबर को होगा. शाम साढ़े सात बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम दिन भर का अंतिम प्रसारण शुक्रवार 31 जनवरी को होगा.
शॉर्टवेव प्रसारण बंद होने के बावजूद बीबीसी डिजिटल माध्यमों पर अपने कुछ नियमित कार्यक्रम डिजिटल ऑडियो के रूप में प्रसारित करता रहेगा. इनमें विवेचना और दुनिया-जहाँ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
आने वाले समय में बीबीसी हिंदी डिजिटल माध्यम से ऑडियो के ज़रिए और प्रस्तुतियाँ लेकर आएगा.
बीबीसी हिंदी की शॉर्टवेव रेडियो की ऐतिहासिक यात्रा को देखते हुए जनवरी में दिन भर कार्यक्रम में आर्काइव से ख़ास प्रस्तुतियाँ होंगी और इस दौरान श्रोताओं के साथ इस लंबे रिश्ते को हम विभिन्न प्रसारकों के ज़रिए यादगार बनाने की कोशिश करेंगे.
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