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सिक्योरिटी किसी का स्टेटस सिंबल नहीं हो सकता- अमित शाह
केंद्र सरकार ने राज्य सभा में भी एसपीजी संशोधन बिल को पारित करा लिया है.
इस संशोधन के बाद एसपीजी की सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार को मिलेगी.
कुछ ही दिन पहले सरकार ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी की सुरक्षा हटा ली थी.
इसको लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर संसद तक में गांधी परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्य सभा में इस संशोधन पर जारी बहस में कहा, "गांधी परिवार को ध्यान में रखकर एसपीजी संशोधन बिल लाया गया है, कहना सही नहीं है. हमने इस बिल को लाने से पहले ही उनके ख़तरे का आकलन करते हुए उनकी एसपीजी सुरक्षा हटाई थी."
अमित शाह ने कहा, "एसपीजी एक्ट में ये पाँचवां संशोधन है और यह गांधी परिवार को ध्यान में रखकर नहीं लाया गया है. मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि पिछले चार संशोधन केवल एक परिवार को ध्यान में रखकर लाए गए थे."
अमित शाह ने इस बिल के पास होने से पहले कहा, "सिक्यूरिटी किसी का स्टेट्स सिंबल नहीं होना चाहिए. क्यों केवल एसपीजी की मांग की जा रही है? एसपीजी कवर की सुरक्षा केवल राष्ट्र प्रमुख के लिए है. ये हम किसी को नहीं दे सकते. हम एक परिवार की आलोचना नहीं कर रहे हैं, हम वंशवादी राजनीति के ख़िलाफ़ हैं."
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि एसपीजी के नए बिल से अगर किसी का नुक़सान होना है तो पीएम मोदी का होना है क्योंकि पाँच साल बाद उनकी एसपीजी सिक्योरिटी चली जाएगी.
अमित शाह ने ये भी कहा कि चंद्रशेखर, वीपी सिंह, पीवी नरसिम्हाराव, आईके गुजराल और मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा को बदलकर जेड प्लस किया गया था लेकिन उस समय कांग्रेस ने कोई नाराज़गी नहीं दिखाई.
एसपीजी संशोधन बिल 2019 राज्यसभा में पारित हो गया, हालांकि कांग्रेस के सदस्यों ने इस दौरान सदन का बहिष्कार किया. इससे पहले यह बिल 27 नवंबर को लोकसभा में पास हो गया था. इसके तहत अब एसपीजी सुरक्षा सिर्फ़ प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आवास में रहने वालों के लिए ही होगी.
प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री को ये सुरक्षा पांच साल तक मिलेगी, इस दौरान प्रधानमंत्री के परिवार को भी ये सुरक्षा मिलेगी.
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