महाराष्ट्र-हरियाणा चुनावी नतीजे: शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे

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महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझान में बीजेपी ने बढ़त बना ली है. दोनों राज्यों में बीजेपी सत्ता में थी.
हरियाणा में बीजेपी पहली बार 2014 में सत्ता में आई थी. शुरुआती रुझान जारी रहे तो बीजेपी दोनों राज्यों में फिर से सरकार बना सकती है. दूसरी तरफ़ कांग्रेस और कमज़ोर हो जाएगी.
चुनाव आयोग के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक कुल 288 सीटों के रूझान आ गए हैं.
इसके अनुसार बीजेपी 98 सीटों पर आगे चल रही है जबकि उसकी सहयोगी शिव सेना 58 पर आगे है.
57 सीटों पर कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी आगे है और 43 पर कांग्रेस आगे है. 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे बढ़ते दिख रहे हैं.
यहां 3 सीटों पर बीजेपी की जीत की घोषणा हुई है. 2 पर शिव सेना और 1 पर निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिल गई है.
चुनाव आयोग के अनुसार हरियाणा में 90 में से अब तक सभी 90 सीटों के रूझान आ गए हैं.
यहां 37 सीटों पर फिलहाल बीजेपी आगे है और 34 पर कांग्रेस आगे है.
9 पर जननायक पार्टी ने बढ़त बनाई हुई है जबकि 6 पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं. एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी भी आगे बढ़ती दिख रही है.
शाहबाद सीट से जेजेपी के राम किरन को जीत मिल गई है.
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महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में बीजेपी और उसकी सहयोगी शिव सेना 288 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव हुए हैं.
यहां टक्कर भाजपा- शिवसेना गठबंधन और कांग्रेस-एनसीपी के बीच है. महाराष्ट्र में साधारण बहुमत के लिए 145 सीटों की ज़रूरत होगी.
महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे देखने के लिए यहां क्लिक करें.
हरियाणा में 65.57 फ़ीसदी वोट पड़े जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां 76.13 फ़ीसदी वोटिंग हुई थी. ज़ाहिर है पिछले चुनाव में बंपर वोटिंग हुई थी लेकिन इस बार लोगों का उत्साह बहुत कम रहा.
महाराष्ट्र में भी पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लोग मतदान करने कम पहुंचे. कल यानी 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में 60.5 फ़ीसदी लोगों ने वोट डाले जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में यहाँ वोटिंग प्रतिशत 63.08 था.
यहाँ तक कि दोनों राज्यों में इस साल हुए लोकसभा चुनाव में मतदान की तुलना में भी कम लोग वोट करने निकले. इस साल लोकसभा चुनाव में हरियाणा में 70.34 फ़ीसदी टर्नआउट रहा था और महाराष्ट्र में 61.02 फ़ीसदी.

हरियाणा
हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटों के लिए मतदान हुए हैं.
यहां टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच है. कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है और भाजपा मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में मैदान में.
हरियाणा के चुनावी नतीजे लाइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.
हरियाणा में 2009 के विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 72.3 था और 2014 में क़रीब चार प्रतिशत बढ़ गया. चार प्रतिशत ज़्यादा टर्नआउट रहा तो हरियाणा में सरकार बदल गई.
पहली बार बीजेपी प्रदेश में अपने दम पर सत्ता में आई. 2014 में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता उफ़ान पर थी और बीजेपी ने इसका फ़ायदा हरियाणा में भी उठाया.
बीजेपी का 2009 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोट शेयर 9.1 फ़ीसदी था जो 2014 में 33.2 फ़ीसदी पर पहुंच गया. 2009 से पहले हरियाणा में बीजेपी ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी आईएनएलडी की जूनियर हुआ करती थी. जब 2009 में पहली बार बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया तो चार सीटों पर ही सिमट गई थी.

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मतलब 2005 और 2009 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के टर्नआउट ट्रेंड को देखें तो पता चलता है कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ने पर सत्ताधारी पार्टी को ही जीत मिली है. लेकिन 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में ऐसा नहीं हुआ.
2014 में 2009 के हरियाणा विधानसभा चुनाव की तुलना मे वोटिंग प्रतिशत लगभग चार फ़ीसदी ज़्यादा था लेकिन सरकार बदल गई. लेकिन दिलचस्प है कि 2014 में जिस उत्साह से हरियाणा की जनता ने बीजेपी को सत्ता सौंपी थी वो उत्साह इस बार नहीं दिखा.
हरियाणा में साल दो हज़ार से लगातार वोट प्रतिशत बढ़ता रहा है. 2000 के बाद पहली बार हुआ है जब हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोटिंग टर्नआउट में भारी गिरावट आई है. इतना को साफ़ है कि 2014 में हरियाणा के लोगों ने बीजेपी के प्रति जितनी दिलचस्पी दिखाई थी उतनी इस बार नहीं दिखी.

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उपचुनाव
गुरुवार को लोकसभा की दो सीटों और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 सीटों की भी मतगणना जारी है.
बिहार के समस्तीपुर और महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा सीटों पर फ़ैसला भी आज ही आएगा.
वहीं उत्तर प्रदेश की 11, गुजरात की छह, बिहार की पाँच, असम की चार, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु की दो-दो, पंजाब की चार, केरल की पाँच, सिक्किम की तीन, राजस्थान की दो और अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पुदुचेरी, मेघालय और तेलंगाना की एक-एक सीटों के नतीजे भी आज आएंगे.
2005 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में 71.9 फ़ीसदी लोगों ने वोट किया था. कांग्रेस आईएनएलडी को हराकर सत्ता में आई थी. साल 2000 के विधानसभा चुनाव में 69 फ़ीसदी टर्नआउट रहा था.
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