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मध्यप्रदेश: खुले में शौच कर रहे दलित बच्चों की 'पीट-पीटकर हत्या'
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्यप्रदेश के शिवपुरी ज़िले में खुले में शौच कर रहे दो दलित बच्चों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है.
मामला ज़िले के सिरसौद थाना क्षेत्र के भावखेड़ी गांव का है. जहां पर बुधवार की सुबह वाल्मीकि समाज के दो बच्चे, रोशनी जिसकी उम्र 12 साल और अविनाश जिसकी उम्र 10 साल बताई जा रही है, पंचायत भवन के सामने सड़क पर शौच कर रहे थे.
पुलिस के मुताबिक़ हाकिम ने दोनों बच्चों को सड़क पर शौच करने से मना किया और कहा कि सड़क को गंदा कर रहे हो. उसके बाद उसने रामेश्वर के साथ मिलकर हमला कर दिया.
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक़ दोनों नाबालिग रिश्ते में बुआ और भतीजे थे.
घटना के बाद तनाव की वजह से क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. अविनाश के पिता मनोज वाल्मीकि ने दावा किया, "दोनों सुबह 6 बजे शौच के लिये निकले थे. हाकिम और रामेश्वर यादव ने उनकी लाठियों से पिटाई की. उन्होंने दोनों को तब तक मारा जब तक उनकी मौत नहीं हो गई. जब मैं वहा पहुंचा तो दोनों वहा से भाग गये थे."
घटना के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिये शिवपुरी भेजा था.
मनोज के आरोप
रोशनी, मनोज की छोटी बहन थी और उन्होंने उसे अपनी बेटी की तरह पाला था. अविनाश और रोशनी दोनों भाई-बहन की तरह रहते थे.
मनोज और उनके परिवार के घर में शौचालय नही बनने दिया गया था. शौचालय नहीं होने की वजह से परिवार को बाहर जाकर शौच करना पड़ता था.
मनोज का यह भी कहना है कि उनके घर पर शौचालय बनने के लिये पंचायत के पास पैसा भी आ गया था लेकिन "इन लोगों ने उसे बनने नहीं दिया." उनका यह भी दावा है कि इन लोगों की वजह से गांव में उनके परिवार के साथ बदसलूकी की जाती थी.
अविनाश ने यह भी बताया कि दो साल पहले उन्होंने गांव में अपनी झोपड़ी बनाने के लिये सड़क से लकड़ी काट ली थी उसके बाद से अभियुक्तों ने उनसे दुश्मनी पाल ली थी, वह उनके साथ गाली-गलौज करते रहते थे और वह उन्हें धमकाते भी थे और मज़दूरी कम देते थे.
मनोज के पास कोई ज़मीन नही है और उनका पूरा परिवार मज़दूरी करके ही गुज़र-बसर करता था.
पुलिस का क्या कहना है
सिरसौद पुलिस स्टेशन के प्रभारी आर एस धाकड़ ने बताया, "दोनों बच्चें खुले में शौच कर रहे थे जिस पर अभियुक्तों ने आपत्ति की और उसके बाद उन्होंने उनकी लाठियों से पिटाई कर दी."
शिवपुरी के एसपी राजेश चंदेल ने बताया कि इस मामलें में दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उन पर हत्या का मामला दर्ज कर दिया गया है.
उन्होंने कहा, "भावखेड़ी में लाठियों से पीट-पीटकर दो बच्चों को मार दिया गया है. इस मामले में दोनों अभियुक्तों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है."
पुलिस घटना की पूरी जानकारी इकठ्ठा कर रही है.
राजनीति गरमाई
लेकिन इस घटना को लेकर अब राजनीति भी तेज़ हो गई है. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने दलित बच्चों की कथित तौर पर पीट-पीट हत्या की घटना की निंदा की है. मायावती ने ट्वीट करके इस मामले में दोनों पार्टी, कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लिया है.
मायावती ने ट्वीट कर कहा, "देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रखने के साथ-साथ उन्हें हर प्रकार के ज़ुल्म-ज्यादतियों का शिकार भी बनाया जाता रहा है. ऐसे में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दो दलित बच्चों की नृशंस हत्या अति-दुःखद व अति-निन्दनीय है."
उन्होंने कांग्रेस और भाजपा से सवाल भी किये हैं. उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर कहा, "कांग्रेस व बीजेपी की सरकार बताए कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सज़ा अवश्य दिलायी जानी चाहिए."
वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस घटना की निंदा की है. इस घटना को कमलनाथ ने बेहद हृदयविदारक बताया है.
उन्होंने अभियुक्तों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट के ज़रिए परिवार की सुरक्षा और उन्हें हर संभव मदद के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं.
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