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विदेशी मीडिया से पहली बार बात करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत: प्रेस रिव्यू
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत जल्द ही विदेशी मीडिया से बात करने वाले हैं.
जनसत्ता अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मोहन भागवन आरएसएस की विचारधारा और इसके बारे में लोगों की गलत धारणा को स्पष्ट करने के लिए विदेशी मीडिया से बात करेंगे. ख़बर के मुताबिक संघ पहली बार इस तरह का कदम उठाने जा रहा है.
इस संबंध में हुई एक बैठक में अहम भूमिका निभाने वाले एक पदाधिकारी ने कहा है कि अलग-अलग देशों के 70 मीडिया संगठनों को इसके लिए निमंत्रण भेजे जा रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक संघ पाकिस्तान के किसी मीडिया संगठन को निमंत्रण नहीं देगा.
अख़बार ने पदाधिकारी के हवाले से बताया है कि ये अनौपचारिक बैठक होगी और इसमें मोहन भागवत सीधे तौर पर मीडिया के प्रतिनिधियों के सवालों के उत्तर देंगे.
ये ख़बर कई दूसरे अख़बारों में भी है.
बाबर रोड के बोर्ड पर काली स्याही
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक हिंदू सेना के कुछ सदस्यों ने दिल्ली के बंगाली मार्केट इलाके में लगे बाबर रोड साइनबोर्ड पर काली स्याही लगा दी. उन्होंने मांग की है कि इस बोर्ड पर महार्षि वाल्मिकी या किसी अन्य महान व्यक्ति का नाम लिखा जाए.
पुलिस ने बताया है कि सुबह करीब 8 बजे कुछ पुलिसकर्मियों को साइनबोर्ड ख़राब होने का पता चला. लेकिन, गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मियों को उस वक़्त वहां पर कोई नहीं मिला. बाद में हिंदू सेना ने इसकी जिम्मेदारी ली.
अख़बार के अनुसार हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कहा है, "बाबर एक विदेश आक्रमणकारी थे जिन्होंने हमारे देश पर हमला कर, शासन किया. वो एक मुस्लिम शासक थे और भारत में पैदा नहीं हुए थे. हम बाबर रोड का नाम बदलकर किसी महान भारतीय व्यक्तित्व के नाम पर रखे जाने की मांग करते हैं."
हालांकि, विष्णु गुप्ता ने ये भी कहा है कि जब साइनबोर्ड पर काली स्याही लगाई गई उस वक़्त वो वहां मौजूद नहीं थे.
चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ 35 वीडियो
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा ने एसआईटी को सबूत के तौर पर क़रीब 35 वीडियो दिए हैं.
23 साल की छात्रा ने चिन्मयानंद पर एक साल तक बलात्कार करने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. चिन्मयानंद उस कॉलेज के अध्यक्ष हैं जहां से छात्रा क़ानून की पढ़ाई कर रही थीं.
छात्रा का कहना है कि जब भी चिन्मयानंद उन्हें अपने घर पर बुलाते थे तो वो छुपे हुए कैमरे वाला चश्मा पहनकर जाती थीं. उसी से उन्होंने ये वीडियो रिकॉर्ड किए हैं.
हालांकि, छात्रा ने बताया है कि वो चश्मा चोरी कर लिया गया है लेकिन उन्होंने वीडियो किसी दूसरी जगह पर रखे थे.
छात्रा कहती हैं कि उन्हें इन वीडियो के आधार पर न्याय मिलने की उम्मीद है.
फर्जी बिल पर रोक के लिए पहल
द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार जीएसटी नेटवर्क ने कहा है कि जनवरी 2020 से जीएटी के तहत ने वाले नए व्यापारियों की पहचान की पुष्टि अब आधार कार्ड या फिर फ़िज़िकल तौर पर (भौतिक सत्यापन) की जाएगी.
जीएसटी नेटवर्क में मंत्रियों के समूह का नेतृत्व कर रहे सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि फर्जी बिल बनाने वालों को रोकने के लिए सरकार ये कदम उठा रही है.
"अब तक नए व्यापारियों की पहचान की पुष्टि आधार के ज़रिए ही होती थी लेकिन ये वैकल्पिक प्रावधान था. अब इसे बाध्यकारी कर दिया जाएगा."
नए नियमों के तहत आधार कार्ड के ज़रिए पुष्टि कराने को लेकर जो आशंकित हैं वो भौतिक सत्यापन करा सकते हैं.
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